भारत ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भले ही 3 मैच की टी20 सीरीज में जिम्बाब्वे का सूपड़ा साफ कर दिया हो, लेकिन इस जीत के बावजूद भी टीम की चिंताएं कम नहीं हुई है। ये वो कमियां हैं, जिसका जवाब आने वाले समय में टीम मैनेजमेंट को देना होगा। अगर टीम अगले टी20 वर्ल्ड कप में कमाल करना चाहती है तो उसे अपनी फील्डिंग पर काम करना होगा। जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय टीम की फील्डिंग ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक अकेले तीसरे मुकाबले में भारतीय टीम ने 5 कैच छोड़े।
भारतीय टीम (साभार-X)
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए तीसरे मुकाबले में भारत ने जिम्बाब्वे को 35 रन से हराया और 3 मैच की टी20 सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 192 रन बनाए और उसके बाद उन्होंने जिम्बाब्वे की टीम को 157 रन पर रोक लिया। इस सीरीज में टीम इंडिया की फील्डिंग चिंता का सबब बनकर सामने आई जो आगे चलकर टीम की जीत की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बन सकती है।
टाइम्सनाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें- ये पल ...जिंबाब्वे के खिलाफ प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने जाने पर क्या बोले वैभव सूर्यवंशी?
तीसरे मुकाबले में छूटे कई कैच
जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मुकाबले में कुल 5 कैच छूटे। तेज गेंदबाज और दूसरे मुकाबले में डेब्यू करन वाले यश ठाकुर की गेंद पर 3 कैच छूटे। किसी एक टी20 मैच में यह भारतीय टीम द्वारा छोड़ा गया चौथा सबसे ज्यादा कैच का रिकॉर्ड है। साल 2009 में श्रीलंका के खिलाफ मैच में भारतीय टीम ने 6 कैच छोड़े थे।
सीरीज में छूटे 10 कैच
केवल एक मैच की बात नहीं है, बल्कि 3 मैच की टी20 सीरीज में भारतीय टीम की फील्डिंग सवालों के घेरे में रही। इस सीरीज में 18 कैच भारतीय खिलाड़ियों द्वारा लिए गए जबकि 10 कैच 3 मैच में छूटे। इस मामले में जिम्बाब्वे की टीम उनसे कोसों आगे थी। जिम्बाब्वे की ओर से इस सीरीज में केवल एक कैच छोड़ा गया जबकि 12 कैच उसने पकड़े।
