महिला टी20 विश्व कप 2026: भारत का अभियान एक बार फिर सेमीफाइनल से पहले ही खत्म हो गया। रविवार को छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। 50 ओवर के वर्ल्ड कप में फाइनल तक पहुंचने वाली टीम इंडिया टी20 में वो लय नहीं दोहरा सकी। लगातार दूसरे टी20 वर्ल्ड कप में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत नॉकआउट में जगह बनाने में नाकाम रहा। अब टीम की रणनीति और कप्तान के भविष्य पर बड़े सवाल उठ रहे हैं।
हार के बाद कोच और कप्तान पर उठे सवाल
हार के बाद कोच अमोल मजूमदार और कप्तान हरमनप्रीत ने ‘पुनर्विचार’ शब्द का इस्तेमाल किया। लेकिन अब सिर्फ सोचने से काम नहीं चलेगा। टीम को नए सिरे से तैयार करने की जरूरत है। 37 साल की हरमनप्रीत भारत की सबसे सफल टी20 कप्तान हैं, मगर वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर नाकामी भारी पड़ रही है। मजूमदार ने भले ही कहा कि कप्तानी का फैसला चयनकर्ताओं का है, पर उनका समर्थन हरमनप्रीत के साथ है। फिर भी यह हकीकत है कि इंग्लैंड में भारत तीनों विभागों में फ्लॉप रहा।
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टूर्नामेंट से पहले ही टीम संयोजन तय नहीं था। बल्लेबाजी क्रम में लगातार बदलाव होते रहे। खुद हरमनप्रीत का बल्ला खामोश रहा। टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद से 24 पारियों में वह सिर्फ चार बार 50 पार कर पाई हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 56 रन की पारी को छोड़ दें तो बाकी मैचों में उनका योगदान बेहद कम रहा। मिडिल ऑर्डर पूरी तरह बिखर गया। यास्तिका भाटिया और जेमिमा रोड्रिग्स फ्लॉप रहीं, जिसका दबाव ऋचा घोष और दीप्ति शर्मा पर आया। स्मृति मंधाना का धीमा स्ट्राइक रेट भी टीम पर भारी पड़ा। बीच के ओवरों में रनगति नहीं बढ़ी।
रेणुका सिंह का नहीं हुआ सही इस्तेमाल
गेंदबाजी में भी प्रयोग चलते रहे। पांच मैचों में तेज आक्रमण बदला गया। नंदिनी शर्मा और क्रांति गौड़ को तीन-तीन मैच मिले, जबकि रेणुका सिंह और अरुंधति रेड्डी सिर्फ दो मैच खेलीं। अमनजोत कौर और श्रेयंका पाटिल की चोट ने मुश्किल बढ़ाई। बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने 14 विकेट जरूर लिए, लेकिन रेणुका जैसी अनुभवी गेंदबाज का पूरा इस्तेमाल नहीं हुआ। फील्डिंग ने सबसे ज्यादा निराश किया। भारत ने पांच मैचों में 10 कैच टपकाए। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मारियाने काप का कैच छोड़ना मैच पर भारी पड़ा। बांग्लादेश के खिलाफ पहले पांच ओवर में चार कैच छूटे। अब वक्त आत्ममंथन का नहीं, एक्शन का है। अगर भारत को टी20 वर्ल्ड कप जीतना है तो टीम संयोजन, फिटनेस, फील्डिंग और माइंडसेट चारों पर काम करना होगा। वरना सपना, सपना ही रह जाएगा।
