नवी मुंबई: हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को नवी मुंबई के डीवाय पाटिल स्टेडियम में खेले गए विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 के खिताबी मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन के अंतर से मात देकर पहली बार विश्व चैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया। भारतीय टीम ने बारिश से प्रभावित मुकाबले में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट पर 298 रन का स्कोर खड़ा किया। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जीत के लिए 299 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को 45.3 ओवर में 246 रन पर ढेर कर दिया। टीम की जीत का सेहरा शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा के सिर पर सजा।
फाइनल में किया रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन
दीप्ति शर्मा ने फाइनल मुकाबले में बल्लेबाजी करते हुए 58 गेंद में 58 रन की पारी खेली और टीम को 298 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की। इसके बाद गेंदबाजी में भी उन्होंने धमाल करते हुए 9.3 ओवर में 39 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए। दीप्ति महिला विश्व कप के इतिहास में पांच विकेट चटकाने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। 1971 से 2025 तक दीप्ति से पहले और कोई महिला क्रिकेटर ये कारनामा नहीं कर सकी थी।
ऐसा रहा टूर्नामेंट में प्रदर्शन
दीप्ति शर्मा ने पूरे विश्व कप में ऑलराउंडर प्रदर्शन किया और वो टूर्नामेंट की सबसे सफल गेंदबाज भी रहीं। दीप्ति ने विमेंस विश्व कप 2025 में खेले 9 मैच की 9 पारी में गेंदबाजी करते हुए 20.40 के औसत और 5.52 की इकोनॉमी के साथ 22 विकेट अपने नाम किए। 39 रन देकर 5 विकेट उनका टूर्नामेंट में गेंदबाजी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। दीप्ति ने इसके अलावा बल्लेबाजी में 9 मैच की 7 पारी में बल्लेबाजी करते हुए 215 रन 30.71 के औसत और 90.33 के स्ट्राइक रेट से बनाए। दीप्ति ने टूर्नामेंट में तीन अर्धशतक जड़े और 58 उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। ये पारी भी उनके बल्ले से फाइनल में निकली। गेंद और बल्ले दोनों से दीप्ति ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन फाइनल में किया और फाइनल मैच में अपनी अमिट छाप छोड़ी।
फाइनल में ऐसा योगदान करके मिली खुशी
टूर्नामेंट की प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने जाने के बाद दीप्ति शर्मा ने कहा, ईमानदारी से कहूं तो अभी इस पल के बारे में कुछ बयां नहीं कर पा रहीं हूं। ऐसा लग रहा है कि सपना देख रही हूं। इस इमोशन से हम अभी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। मुझे काफी अच्छा लग रहा है कि ऐसा योगदान मैंने टीम के लिए फाइनल जैसे अहम मुकाबले में किया। दीप्ति ने मैदान पर बड़ी आए प्रशंसकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके बिना ये जीत संभव नहीं थी।
बड़े मंच अच्छा प्रदर्शन करने का अद्भुत है अहसास
टूर्नामेंट में मिला जिम्मेदारियों और तैयारी के बारे में दीप्ति ने बताते हुए कहा, मुझे जो जिम्मेदारी दी गई या जो भी परिस्थिति मैच में रही मैं हमेशा उसका आनंद लेता हूं। मैं परिस्थिति के अनुसार खेलना चाहती थी और ऐसा करके मुझे बहुत मजा आया। इतने बड़े मंच पर एक ऑलराउंडर के रूप में प्रदर्शन करने से ज्यादा अद्भुत एहसास और क्या हो सकता है। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान की शतकीय पारी की तारीफ करते हुए दीप्ति ने कहा, लौरा ने बहुत अच्छी पारी खेली। लेकिन हम हमेशा शांत रहे और एक-दूसरे का उत्साह बढ़ाते रहे। एक गेंदबाजी इकाई के रूप में हम आखिरी गेंद तक जाने और अपनी सर्वश्रेष्ठ गेंद पर ध्यान केंद्रित करने की बात कर रहे थे और हमने वैसी ही किया।
देखना चाहती हूं ये बदलाव
खिताबी जीत के बाद कौन से बदलाव दीप्ति भारतीय क्रिकेट में देखना चाहती हैं इस बारे में उन्होंने कहा, 2017 के बाद से भारतीय महिला क्रिकेट में बहुत बदलाव आया है। मुझे उम्मीद है कि अब और भी ज्यादा मैच होंगे। अंत में दीप्ति ने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट ट्रॉफी अपने मम्मी और पापा को समर्पित की।
