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CPL 2024: ट्रिनबैगो नाइटराइडर्स की हार के बाद आग बबूला हुए आंद्रे रसेल, जानिए क्या बोले

CPL 2024: कैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL 2024) के एलिमिनेटर मुकाबले में एलिमिनेटर मुकाबले में ट्रिनबैगो नाइटराइडर्स का सामना बारबाडोस रॉयल्स से हुआ। इस मुकाबले में ट्रिनबैगो नाइटराइडर्स को हार का सामना करना पड़ा। टीम की हार के बाद स्टार खिलाड़ी आंद्रे रसेल आग बबूला हो गए। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम पर किए गए एक पोस्ट के माध्यम से नाराजगी जाहिर की।

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टीम के साथियों के साथ आंद्रे रसेल। (फोटो- Andre Russell Instagram)

CPL 2024: वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर आंद्रे रसेल ने इंस्टाग्राम पर किए गए एक पोस्ट के माध्यम से कहा है कि सीपीएल के एलिमिनेटर मुक़ाबले में उनकी टीम ट्रिनबैगो नाइटराइडर्स की टीम के साथ जो हुआ, उससे वह ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। रसेल के अनुसार खराब फ्लडलाइट के कारण जो परिस्थितियां उभरी, उसके कारण उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा। रसेल ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में कई कड़े शब्दों का प्रयोग किया, जिसमें उनका गुस्सा साफ झलक रहा था।

इस मुकाबले में नाइटराइडर्स की टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला लिया था और 19.1 ओवर में वह तीन विकेट के नुक़सान पर 168 रन बना लिए थे। उसके बाद मैदान के छह में से तीन फ्लडलाइट्स ख़राब हो गईं। इसके कारण खिलाड़ियों को मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा, जब यह सब हुआ, उस समय रात के 8.58 बजे थे। इसके बाद फ्लटलाइट्स को ठीक करने में अच्छा-ख़ासा समय लग गया। पांच ओवर के मैच के कट ऑफ़ टाइम से ठीक पांच मिनट पहले 10.51 बजे मैच एक बार फिर से शुरू किया गया।

मैच अधिकारियों ने इस परिस्थिति को ख़राब रोशनी या बारिश के दौरान की तरह मानते हुए डीएलएस पद्धति के तहत लक्ष्य को संशोधित किया और रॉयल्स को क्वालिफ़ायर 2 में पहुंचने के लिए पांच ओवरों में 60 रन बनाने का लक्ष्य दिया। दक्षिण अफ़्रीकी पावर-हिटर डेविड मिलर ने बिना किसी कठिनाई के 17 गेंदों में नाबाद 50 रन बनाते हुए, लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया।

जब फ्लडलाइट में ख़राबी आई तो रसेल 20 के निजी स्कोर पर बल्लेबाज़ी कर रहे थे। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, "मैं वह व्यक्ति नहीं हूं जो इंटरनेट पर आकर अपनी राय व्यक्त करे, लेकिन इस साल के सीपीएल में मुझे ठगा हुआ महसूस हो रहा है। ये लाइट्स की स्थिति *** थी, और लाइट्स कट-ऑफ़ समय से ठीक पहले आनी भी *** थी और फिर 30 गेंदों में 60 रनों का लक्ष्य भी एक बड़ी *** थी।"

नाइटराइडर्स के कप्तान कीरोन पोलार्ड ने अपनी टीम के टूर्नामेंट से बाहर होने के बावजूद संयमित प्रतिक्रिया दी। मैच के बाद की प्रस्तुति में बात करते हुए पोलार्ड ने कहा कि अंपायरों ने टीमों को न्यूनतम ओवरों, कट-ऑफ़ समय और इस स्थिति में क्या होगा, इसकी जानकारी दी थी। साथ ही यह भी बताया था कि अगर लाइट्स वापस नहीं आती है तो क्या होगा। अगर फ्लडलाइट्स वापस नहीं आतीं, तो नाइट राइडर्स की टीम अंक तालिका में अपनी बेहतर स्थिति के आधार पर अगले चरण में पहुंच जाती।

पोलार्ड ने कहा कि कम रोशनी में खेल को फिर से शुरू करने का विकल्प भी चर्चा में था, लेकिन सभी ने सहमति व्यक्त की कि ऐसा करना "ख़तरनाक" होगा। इसलिए अंत में, मैदान के कर्मचारियों और ज़‍िम्मेदार लोगों ने खेल को चालू रखने के लिए वह किया जो उन्हें करना था। गयाना के संस्कृति, युवा और खेल मंत्रालय ने गयाना पावर एंड लाइट इंक के साथ एक सार्वजनिक बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि जब दो फ्लडलाइट्स को ठीक किया गया था, तब तीसरे फ्लडलाइट को बिजली प्रदान करने वाले अंडरग्राउंड केबल में "तकनीकी ख़राबी" को ठीक करने में समय लग गया। समझा जाता है कि भूमिगत केबल जल गई थी और उसे बाद में बदला गया।

संयुक्त बयान में कहा गया, "19वें ओवर के दौरान एक जनरेटर द्वारा संचालित तीन (3) फ्लडलाइट्स की बिजली चली गई, जिससे मैच में व्यवधान पैदा हुआ। जीपीएल की तकनीकी टीम ने तुरंत मदद देना शुरू किया और उसी सर्किट पर दो फ्लडलाइट्स की बिजली बहाल कर दी।"

(आईएएनएस)

Shekhar Jha
शेखर झाauthor

शेखर झा टाइम्स नाउ हिंदी (Timesnowhindi.com) की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। वे मूल रूप से बिहार के मिथिलांचल से हैं। मूल रूप से बिहार के मधुबनी के रहने वाले शेखर ने शौकिया तौर पर साल 2011 में पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। ये शौक वक्त के साथ जूनुन में बदल गया। उनके पास खेल पत्रकारिता का 12 साल का अनुभव है। क्रिकेट के अलावा टेनिस, कबड्डी और बैडमिंटन में खास रुचि है। खिलाड़ियों की बायोग्राफी पढ़ना उन्हें पसंद हैं। शेखर ने सुरेश रैना, संजय बांगड़, दीप्ति शर्मा, राधा यादव जैसे नामचीन भारतीय क्रिकेटरों सहित बैडमिंटन के स्टार भारतीय खिलाड़ियों लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। शेखर की प्रारंभिक शिक्षा बिहार में हुई। बिहार बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद वो आगे की पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे जहां उनका पत्रकारिता से पहला परिचय हुआ। रायपुर के अग्रसेन कॉलेज में ग्रेजुएशन करते हुए पत्रकारिता का काम शुरू किया और इसके बाद रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्धालय से पत्राकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और बतौर प्रोफेशनल अपने करियर की शुरुआत की। शेखर ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत साल 2011 में ईटीवी छत्तीसगढ़/मध्यप्रदेश के साथ की। इस संस्थान में 6 महीने काम करने के बाद उन्होंने स्थानीय अखबार नेशनल लुक के साथ प्रिंट मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका समूह के छत्तीसगढ़ संस्करण से जुड़े और वहां तीन साल तक बतौर सब-एडिटर/रिपोर्टर सेवाएं दीं। इसके बाद भारत के सबसे बड़े प्रिंट मीडिया समूह दैनिक भास्कर के डीबी स्टार में रिपोर्टर की भूमिका अदा की और कई बड़े खुलासे स्थानीय स्तर पर किए। इसके बाद अपमे गृह राज्य बिहार की राजधानी पटना में दैनिक जागरण समूह के आईनेक्स्ट वेंचर से जुड़े। 8 महीने के छोटे कार्यकाल के बाद दैनिक भास्कर के रायपुर संस्करण में बतौर रिपोर्टर वापसी हुई। रायपुर में दूसरी पारी के तीन साल के कार्यकाल के सफल निर्वहन के बाद मैनेजमेंट ने भास्कर के भोपाल स्थित नेशनल न्यूजरूम में ट्रांसफर कर दिया। जहां 17 महीने स्पोर्ट्स डेस्क पर बड़े इवेंट्स पर काम किया। इस दौरान इंडियन प्रीमियर लीग, टोक्यो ओलंपिक जैसे बड़े खेल आयोजन का व्यापक कवरेज किया। भास्कर के नेशनल न्यूज रूम में डिजिटल जर्नलिज्म का ककहरा सीखने के बाद फरवरी,2023 में टाइम्स ग्रुप के साथ जुड़ने का मौका मिला। तब से वह टाइम्स नाउ नवभारत की हिंदी वेबसाइट की स्पोर्ट्स डेस्क पर बतौर प्रिंसिपल कॉरस्पान्डन्ट कार्यरत हैं। इस दौरान शेखर ने इंडियन प्रीमियर लीग, आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 को कवर किया।

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