टोक्यो ओलंपिक से घर पहुंची एथलीट पर टूटा गमों का पहाड़, परिवार ने छिपा रखा था ये बड़ा राज

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 8, 2021, 07:56 PM IST

Dhanalakshmi Sekhar in Tokyo Olympics: टोक्यो ओलंपिक से घर पहुंची एक भारतीय एथलीट पर गमों का पहाड़ टूट गया। परिवार ने उससे बहन की मौत की बात छिपाई थी।

टोक्यो ओलंपिक से घर पहुंची एथलीट पर टूटा गमों का पहाड़, परिवार ने छिपा रखा था ये बड़ा राज
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एथलीट सुभा वेंकटरमन और धनलक्ष्मी शेखर टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने के बाद शनिवार को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में अपने घर आ गईं। दोनों का तिरुचिरापल्ली में जोरदार स्वागत किया गया लेकिन तभी धनलक्ष्मी को एक बुरी खबर मिली। दरअसल, धाविका धनलक्ष्मी को पता चला कि जब वह ओलंपिक में थी तो उनकी बहन का बीमारी से निधन हो गया था। यह जानकारी मिलते ही धाविके के पैरों चल जमीन खिसक गई और वह फूट-फूटकर रोने लगीं। परिवार ने जानबूझकर धनलक्ष्मी से इस बात को छिपाया था।

खबरों की मानें तो धनलक्ष्मी की बहन उनके करियर में मजबूत सपोर्ट बनकर खड़ी रही थीं। उन्हें विश्वास था कि धनलक्ष्मी अपनी जिंदगी में सफलता जरूर करेंगी। ऐसे में धनलक्ष्मी की मां ऊषा और परिवार ने उनके ओलंपिक में खेलने के महत्व को समझा। परिवार को लगा कि धाविका को बहन के निधन के निधन के के बारे में पता चला तो उनका ध्यान ओलंपिक से भटक सकता है। धनलक्ष्मी को एक उभरती हुई धाविका माना जा रहा है। 

सुभा टोक्यो ओलंपिक में इंडियन मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थीं, जिसके लिए धनलक्ष्मी को रिजर्व के रूप में रखा गया था। सुभा और धनलक्ष्मी ने कहा कि ओलंपिक में उनका मुकाबला कड़ा था। हालांकि, वे अगली बार और मेहनत करेंगी और मेडल जीतने का प्रयास करेंगी। बता दें कि दोनों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया है। सुभा और धनलक्ष्मी ने सरकारी नौकरी देने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का आभार जताया। 

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