FIH हॉकी फाइव्सः भारत का पहली बार में धमाल, अपराजित रहते हुए जीता गोल्ड

FIH Hockey 5's: भारतीय हॉकी टीम ने पहली ही बार में एफआईएच हॉकी फाइव्स टूर्नामेंट के फाइनल में अपनी जगह बनाई और फिर पोलैंड को हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया।

fih hockey 5's Indian hockey team champions
Indian hockey team champions in fih hockey 5's  |  तस्वीर साभार: Twitter
मुख्य बातें
  • एफआईएच हॉकी फाइव्स
  • भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल में पोलैंड को हराया
  • भारतीय हॉकी टीम ने पहली बार में जीता गोल्ड मेडल

भारतीय पुरूष टीम ने एफआईएच हॉकी फाइव्स टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीत लिया है। जबकि महिलाओं का खिताब उरुग्वे ने जीता। भारत ने रविवार को यहां मलेशिया और पोलैंड पर दबदबे भरी जीत से शुरूआती एफआईएच हॉकी फाइव्स टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया था। भारतीय टीम को किसी भी मुकाबले में हार नहीं मिली। रविवार को उसने पहले मलेशिया को 7-3 से पराजित किया जिसमें चार गोल दूसरे हाफ में हुए और फिर दिन के दूसरे मैच में पोलैंड को 6-2 से शिकस्त दी।

कोच ग्राहम रीड की टीम इस तरह राउंड रॉबिन लीग चरण में 10 अंक से पांच टीम की तालिका में शीर्ष पर रही जिसमें उसने तीन जीत दर्ज की और एक ड्रा खेला। भारत ने शनिवार को मेजबान स्विट्जरलैंड को 4-3 से हराया था और फिर चिर प्रतिंद्वदी पाकिस्तान से 2-2 से ड्रा खेला था। भारत अब फाइनल में पोलैंड से भिड़ेगा जो छह अंक लेकर तालिका में दूसरे स्थान पर रहा। यह मुकाबला भी रविवार को ही खेला जायेगा।

पाकिस्तान फाइनल के लिये क्वालीफाई कर सकता था, अगर वह अपने अंतिम लीग मैच में मलेशिया के खिलाफ जीत हासिल कर लेता लेकिन यह 5-5 से ड्रा रहा। इससे उसके पांच अंक रहे और वह तीसरे स्थान पर रहा। भारतीय महिला टीम ने दिन के पहले मैच में मेजबान स्विट्जरलैंड को 4-3 से हराया और फिर दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका से 4-4 से ड्रा खेला, लेकिन फाइनल के लिये क्वालीफाई नहीं कर सकी।

भारतीय महिला टीम अगर दक्षिण अफ्रीका को दो गोल के अंतर से हरा देती तो वह फाइनल में पहुंच सकती थी। पांच टीम की तालिका में भारतीय महिलायें चार अंक से चौथे स्थान पर रहीं जिसमें उन्होंने एक जीत दर्ज की, एक ड्रा खेला और दो में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। पुरूषों के मैच में राहील मोहम्मद ने गोल दागने की अपनी लय जारी रखी और मलेशिया के खिलाफ तीन गोल दागे। इसके बाद उन्होंने पोलैंड के खिलाफ भी दो गोल कर भारत को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभायी।

शनिवार को भी राहील ने तीन गोल किये थे जिसमें से दो स्विट्जरलैंड और एक पाकिस्तान के खिलाफ था। उन्होंने चार मैचों में आठ गोल कर लिये हैं जिससे वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों में सबसे ऊपर चल रहे हैं। मलेशिया के खिलाफ राहील ने आठवें, 14वें और 18वें मिनट में तीन गोल किये। गुरसाहिबजीत सिंह ने पहले और 17वें मिनट जबकि संजय ने 10वें और 12वें मिनट में दो दो गोल दागे। भारतीय टीम ने 20 मिनट के हाफ टाइम में 3-2 से बढ़त बनाई हुई थी।

मलेशिया के लिये रोस्दी फिरादस ने चौथे और 13वें मिनट तथा कप्तान नूर नाबिल ने नौंवे मिनट में गोल किया। पोलैंड के खिलाफ मैच में भारत ने पूरी तरह दबदबा बनाये रखा जिसमें हाफ टाइम तक टीम 5-0 से आगे चल रही थी। उसके लिये संजय ने दूसरे, राहील ने चौथे ओर नौंवे, गुरसाहिबजीत सिंह ने सातवें और मंदीप मोर ने 10वें मिनट में गोल किये।

दूसरे हाफ में मोइरांगथेम रबीचंद्र ने 15वें मिनट में एक गोल किया जबकि अरजिंस्की ग्रास्यां ने 13वें और कप्तान कुरोवस्की जासेक ने 16वें मिनट में गोल कर पोलैंड के हार के अंतर को कम किया।

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