CWG 2022 Table Tennis: शरद कमल और श्रीजा अकुला को जोड़ी ने दिलाया भारत को 18वां गोल्ड 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 8, 2022, 02:39 AM IST

भारत के स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंता शरद कमल ने श्रीजा अकुला के साथ मिलकर भारत के लिए बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में टेबल टेनिस की मिक्स्ड डबल्स स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया। 

CWG 2022 Table Tennis: शरद कमल और श्रीजा अकुला को जोड़ी ने दिलाया भारत को 18वां गोल्ड 

बर्मिंघम: 22वें राष्ट्रमंडल खेलों में अपने शानदार खेल से धमाल मचाने वाले 40 वर्षीय अचंता शरद कमल ने बर्मिंघम में दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया। भारत के स्टार खिलाड़ी ने श्रीजा अकुला के साथ मिलकर मलेशियाई जोड़ी को 3-1 के अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इससे पहले शरद कमल ने पुरुषों की टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक 22वें राष्ट्रमंडल खेलों में जीता था। 

40 वर्षीय अचंता शरत कमल ने उम्र को धता बताते हुए मिश्रित युगल में श्रीजा अकुला के साथ गोल्ड मेडल मुकाबले में मलेशिया के जावेन चुंग और कारेन लाइने को 11-4, 9-11, 11-5, 11-6 के अंतर से मात दी। यह भारत का बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 18वां स्वर्ण पदक है। 

पुरुष एकल के फाइनल में पहुंचे
इस मुकाबले से पहले पुरुष एकल के सेमीफाइनल में शरद पिछली बार गोल्ड कोस्ट में कांस्य पदक जीतने वाले शरद कमल ने मेजबान देश के पॉल ड्रिंकहाल को 11-8, 11-8, 8-11, 11-7, 9-11, 11-8 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। पुरुषों की एकल स्पर्धा में सोमवार को वो गोल्ड मेडल के लिए इंग्लैंड के लियाम पिचफोर्ड से भिड़ंगे। 

जीता राष्ट्रमंडल खेलों में 11वां पदक 
पांचवीं बार राष्ट्रमंडल खेलों के शिरकत कर रहे शरद कमल का ये 11वां पदक है। वो सोमवार को पुरुष एकल में 12वां पदक जीतने के इरादे से उतरेंगे। साल 2006 से राष्ट्रमंडल खेलों में भाग ले रहे शरद कमल अबतक कुल 5 गोल्ड, 3 सिल्वर और 3 कांस्य पदक अपने नाम कर चुके हैं।

बर्मिंघम में सबसे ज्यादा पदक जीतने वाले भारतीय
बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में शरद अबतक अपने नाम तीन पदक कर चुके हैं। वो पुरुषों की टीम स्पर्धा में स्वर्ण, मिक्सड डबल्स में स्वर्ण, पुरुषों की युगल स्पर्धा में रजत पदक सहित कुल तीन पदक अपने नाम कर चुके हैं। पुरुषों की एकल स्पर्घा का रजत पदक तो उनका पक्का है। ऐसे में वो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए सबसे अधिक पदक जीतने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं।  

 












End of Article