''मेडल जीतूंगी और पीएम मोदी से बार-बार मिलूंगी'', जानिए मुक्केबाज निकहत जरीन ने क्यों कही ये बात

स्पोर्ट्स
आईएएनएस
Updated Jul 02, 2022 | 19:18 IST

भारतीय मुक्केबाज निकहत जरीन का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें प्रेरित करते हैं। जरीन ने कहा कि वह मेडल जीतते रहना चाहती हैं ताकि पीएम से बार-बार मिल सकें।

PM Modi and Nikhat Zareen
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और निकहत जरीन (फाइल फोटो)  |  तस्वीर साभार: Twitter

नई दिल्ली: विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता निकहत जरीन ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना सबसे अच्छे पलों में से एक है और वह इसे जीवनभर संजो कर रखेंगी। दो बार की स्ट्रैंड्जा मेमोरियल की स्वर्ण पदक विजेता ने कहा कि वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतते रहना चाहती हैं, ताकि वह बार-बार पीएम मोदी से मिल सकें। 26 वर्षीय तेलंगाना मुक्केबाज ने 20 मई, 2022 को इस्तांबुल में थाईलैंड के जितपोंग जुतामास पर 5-0 से आसान जीत के साथ फ्लाईवेट (52 किग्रा) वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।

विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के बाद कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज मनीषा मौन और परवीन हुड्डा के साथ निकहत ने 1 जून को पीएम मोदी से मुलाकात की। निकहत ने आईएएनएस को बताया, "यह एक अद्भुत अनुभव था, मैं इस पल को अपने जीवन में हमेशा संजो कर रखूंगी। पीएम सर से मुलाकात से पहले मैं काफी नर्वस थी, लेकिन जिस तरह से उन्होंने बातचीत की, मुझे कभी नहीं लगा कि मैं इतने बड़े नेता से मिल रही हूं। उन्होंने बातचीत को ऐसे जारी रखा जैसे हम परिवार में बात करते हैं। उन्होंने सब कुछ विस्तार से पूछा, जैसे मैं तैयारी कैसे करूं, किस देश के मुक्केबाज से मुकाबला करना मुश्किल था।"

उन्होंने आगे बताया, "मैं भी मोदी जी के साथ एक सेल्फी लेना चाहती थी और यह मौका मुझे वल्र्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के बाद मिला। मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतते रहूंगी और उनसे बार-बार मिलूंगी। उनके बात करने का तरीका मेरे लिए बहुत अच्छा और प्रेरक है। आप इस बात से समझ सकते हैं कि मैं बात करने में कितना लापरवाह हो गया था कि मैंने उनसे एक 'शायरी' भी कह दी।"

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यह पूछे जाने पर कि वह एथलीटों को पीएम मोदी द्वारा दिए गए समर्थन को कैसे देखती हैं तो निकहत ने कहा, "ऐसा नहीं है कि मोदी सर जीतने वाले खिलाड़ियों से ही मिलते हैं। हम सभी ने देखा है कि टोक्यो ओलंपिक में पदक से चूकने के बाद उन्होंने भारतीय महिला हॉकी टीम के साथ कैसे बातचीत की। उन्होंने टीम के हर सदस्य से बात की। मैंने देखा कि बातचीत के दौरान कुछ खिलाड़ी भावुक हो गए और जिस तरह से हमारे पीएम ने सभी खिलाड़ियों को प्रेरित किया, वह मुझे बहुत अच्छा लगा।"

निकहत जरीन मैरी कॉम, (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018), सरिता देवी (2006), जेनी आरएल (2006) और लेख केसी (2006) की पसंद में शामिल हुईं, जो स्वर्ण पदक जीतने वाली पांचवीं महिला विश्व चैंपियनशिप में भारतीय मुक्केबाज थीं। मनीषा मौन और परवीन हुड्डा ने क्रमश: 57 किग्रा और 63 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीते। निकहत जरीन से पहले, मैरी कॉम आखिरी भारतीय मुक्केबाज थीं, जिन्होंने 2018 में चैंपियनशिप जीती थी।

निकहत जरीन ने दिल्ली में आयोजित चयन ट्रायल में 7-0 के सर्वसम्मत निर्णय के साथ हरियाणा की मिनाक्षी के खिलाफ एक हावी जीत के साथ सीडब्ल्यूजी बर्थ को सील कर दिया। उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रमंडल खेलों 2022 में भी वह अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखेंगे। हालांकि, 2019 एशियाई चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता ने कहा कि अंतिम लक्ष्य पेरिस ओलंपिक में पदक जीतना है और इसके लिए राष्ट्रमंडल और एशियाई खेल वहां पहुंचने की सीढ़ी हैं। उन्होंने आगे कहा, "मेरी तैयारी बहुत अच्छी है और मैं राष्ट्रमंडल खेलों में भी पदक जीतने की पूरी कोशिश करूंगा, लेकिन हर एथलीट की तरह मेरा अंतिम लक्ष्य ओलंपिक में पदक जीतना है। पेरिस खेल दूर नहीं है।"

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