Olympics 2021: मुक्केबाज लवलीना ने रचा इतिहास, सेमीफाइनल में जगह बनाकर मेडल किया पक्का

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 30, 2021, 09:51 AM IST

Lovlina Borgohain: भारत ने ओलंपिक में एक और पुदक पक्का कर लिया है। भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन (69 किलो) ने चीनी ताइपै की नियेन चिन चेन को शिकस्त देकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।

Olympics 2021: मुक्केबाज लवलीना ने रचा इतिहास, सेमीफाइनल में जगह बनाकर मेडल किया पक्का

नई दिल्ली: भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन (69 किलो) ने नि वर्ल्ड चैंपियन चीनी ताइपै की नियेन चिन चेन को 4 - 1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश करते हुए भारत के लिए पदक भी पक्का कर लिया है। तनाव भरे मुकाबले में 23 साल की लवलीना ने शानदार जज्बा दिखाया और ऐतिहासक जीत दर्ज करने में सफल रही। अब उसका सामना मौजूदा विश्व चैम्पियन जुर्की की बुसानेज सुरमेनेली से होगा जिसने क्वार्टर फाइनल में अन्ना लिसेंको को मात दी । यहां अगर लवलीना जीत हासिल करती हैं तो भारत को फिर रजत या स्वर्ण पदक मिलेगा और यदि वो हारती हैं तो कांस्य पदक मिलेगा।  

लवलीना को चेन के खिलाफ 2018 विश्व कप सेमीफाइनल में 1-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी थीं और इस जीत के साथ ही उन्होंने अपनी पिछली हार का बदला भी ले लिया। चेन 2019 एशियाई चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता हैं। भारत को इस साल ओलंपिक में मिलने वाला यह दूसरा पदक होगा। इससे पहले वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने रजत पदक देश के नाम किया था।

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सीएम ने दी बधाई

लवलीना ओलंपिक में क्वालिफाई करने वाली पहली महिला हैं। लवलीना की जीत पर असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिश्व सरमा ने उन्हें बधाई देते हुए ट्वीट किया, 'यह एक बड़ा पंच है। लवलीना बोरगोहेन आपने हमें फिर से गौरवान्वित किया है और टोक्यो ओलंपिक 2020 में  भारत का झंडा ऊंचा रखा है।  
बहुत बढ़िया।'

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पहला ओलंपिक

भारत को इससे पहले ओलंपिक मुक्केबाजी में विजेंदर सिहं (2008) और एम सी मैरीकॉम (2012) ने कांस्य पदक दिलाये थे। पहली बार ओलंपिक में हिस्सा ले रही लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा) ने इससे पहले मंगलवार को जर्मनी की अनुभवी नेदिन एपेट्ज को कड़े मुकाबले में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।

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मंगलवार को रिंग में उतरने वाली एकमात्र भारतीय मुक्केबाज लवलीना ने प्री क्वार्टर फाइनल में अपने से 12 साल बड़ी एपेट्ज को 3-2 से हराया। दोनों खिलाड़ी ओलंपिक में पदार्पण कर रही थी और लवलीना भारत की नौ सदस्यीय टीम से अंतिम आठ में जगह बनाने वाली पहली खिलाड़ी बनी।

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