Karva Chauth Date 2019: जानें कब है करवा चौथ का व्रत, ये है सामग्री की पूरी लिस्ट

व्रत-त्‍यौहार
Updated Oct 16, 2019 | 09:45 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Karva Chauth Date 2019: करवा चौथ पति की लम्बी आयु के लिए रखा जाता है। इस बार करवा चौथ का व्रत तारीख 17 अक्टूबर 2019 को गुरवार के दिन पड़ रहा है। जाने पूजा विधि और सामग्री सामान की लिस्ट ।

Karwa Chauth
Karva Chauth 2019: जानिए करवा चौथ व्रत कब है  |  तस्वीर साभार: Getty Images

मुख्य बातें

  • 17 अक्टूबर 2019 को रखा जाएगा करवाचौथ का व्रत
  • पूजा की थाल और सास की सरगी पहले से कर लें तैयार
  • पूजा के लिए करवा आदि की खरीदारी पहले से कर लें

छांदोग्य उपनिषद् के अनुसार चंद्रमा में पुरुष रूपी ब्रह्मा की उपासना करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और पुरुष की आयु लंबी होती है। करवा चौथ के व्रत में शिव, पार्वती, कार्तिकेय, गणेश के साथ चंद्रमा की भी पूजा की जाती है। इस दिन सुहागिन स्त्रियां अपने पति के लिए व्रत करती हैं। यह व्रत निर्जला होता है और चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति को छलनी में दीपक रख कर देखा जाता है।

इसके बाद पति जल पिला कर पत्नी के व्रत को तोड़ता है। यह प्यार और उत्साह का त्योहार हर महिला के लिए बहुत पूजनीय होता है। इस दिन पूजा के बाद मिट्टी के करवे में चावल,उड़द की दाल, कपड़े और सुहाग की सामग्री रखकर सास या सास समान सुहागिनों के पांव छूं कर सरगी भेंट की जाती है। यह ऐसा त्योहार है जिसकी तैयारी कई हफ्तो पूर्व से शुरू हो जाती है। तो आइए जाने की करवाचौथ व्रत की तैयारी कैसे करें।

17 अक्टूबर को है करवाचौथ का त्योहार
करवाचौथ 17 अक्टूबर, 2019 को है। दिन गुरुवार को यह व्रत रखा जाएगा। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को केवल सुहागिने ही नहीं बल्कि वह लड़कियां भी करती हैं जिनकी शादी की उम्र हो चुकी है या शादी होने वाली है। करवा चौथ महज एक व्रत नहीं है, यह पति-पत्नी के रिश्ते के प्यार को बनाए रखें के लिए भी बहुत जरूरी होता है।

इस दिन भगवान शंकर-गौर, गणेश और चंद्रमा की पूजा की जाती है।चंद्रमा आयु, सुख और शांति का कारक माने जाते हैं और इनकी पूजा करने से वैवाहिक जीवन भी सुखमय बनता है और पति को लंबी आयु भी मिलती है।

करवा चौथ की शुरू कर दें अभी से तैयारी, ऐसे सजाएं पूजा की थाली

  1.  करवाचौथ की पूजा में बहुत सी सामग्री की जरूरत होती है। इस दिन महिलाएं अपना सोलह श्रृंगार करती हैं और श्रृंगार की सामग्री का भेंट भी करती है। सभी सामान नए और कोरे होने चाहिए। इसलिए जरूरी है कि पूजा की तैयारी समय से पहले शुरू कर दी जाए, ताकि किसी सामग्री की भूल न हो और पूजा अच्छे से संपन्न हो जाए।
  2. चंद्रमा के दर्शन के लिए थाली तैयार करनी होगी। इसके लिए थाली मैं दीपक, सिन्दूर, अक्षत, कुमकुम, रोली तथा चावल की बनी मिठाई बनानी होगी। इसकी तैयारी कर लें।
  3.  पूजन साम्री में कुंकुम, शहद, अगरबत्ती, पुष्प, कच्चा दूध, शक्कर, शुद्ध घी, दही, मेंहदी, मिठाई, गंगाजल, चंदन, चावल, सिन्दूर, मेंहदी, महावर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी, बिछुआ, मिट्टी का टोंटीदार करवा व ढक्कन, दीपक, रुई, कपूर, गेहूँ, शक्कर का बूरा, हल्दी, पानी का लोटा, गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी, लकड़ी का आसन, छलनी, आठ पूरियों की अठावरी, हलुआ, दक्षिणा के लिए पैसे, तैयार कर रख लें।
  4. साड़ी और सुहाग की सामग्री जैसे चुड़ियां, बिंदी, बिछिया, महावर, नेलपॉलिश, सिंदूर आदि को पहले से खरीद रख लें। साड़ी के फॉल, पिको, ब्लाउज आदि को बनवा कर तैयार करा लें।
  5. करवाचौथ की पूजा यदि पहली बार करने जा रही तो करवाचौथ कथा की किताब भी खरीद लें।
  6. सास के लिए सुहाग का सामान अपनी तैयारी करते हुए साथ साथ कर लें। साड़ी, चूड़ियां, बिंदी, मेहंदी, महावर आदि इसमें जरूर रखें।
  7. मेहंदी करवाचौथ के एक दिन पहले रात में लगवा लें। इसके लिए पहले से ही बात कर लें ताकि अंत समय पर आपको अधिक पैसे दे कर इसे न लगवाना पड़े।
  8.  दीपक, मिट्टी का करवा आदि पहले से खरीद कर पूजा घर में रख लें।

ये छोटी लेकिन बहुत महत्वपूर्ण चीजें हैं जिन्हें व्रत के पहले से तैयार कर रख लेना चाहिए ताकि अंतिम दिन पूजा में परेशानी न हो।

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