Masik Shivratri Date: आज है जून 2021की मासिक शिवरात्रि, यहां जानिए व्रत की तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व

Masik Shivratri June 2021 Today: मासिक शिवरात्रि व्रत हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर रखा जाता है। भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा करने का विधान है। यहां जानिए जून 2021 की मासिक शिवरात्रि के बारे में।

Masik Shivratri June 2021
मासिक शिवरात्रि व्रत जून 2021 

मुख्य बातें

  • मासिक शिवरात्रि के पर्व का कुंवारी लड़कियों और दंपति के लिए विशेष महत्व
  • हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर रखा जाता है मासिक शिवरात्रि व्रत
  • मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा करना होता है शुभ

Masik Shivratri June 2021: हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, मासिक शिवरात्रि प्रत्येक मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाई जाती है। शिव भक्तों के लिए मासिक शिवरात्रि की तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है। इस दिन भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है तथा उनका आशिर्वाद प्राप्त होता है। कहा जाता है जो भक्त इस दिन विधि अनुसार भोले की पूजा करता है उसे भूत-प्रेत के भय से मुक्ति मिलती है।

हिंदू पंचांग के मुताबिक, यह वर्ष का तीसरा महीना है यानी ज्येष्ठ मास, शास्त्रों के अनुसार इस माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा। इसके साथ अंग्रेजी पंचांग के अनुसार यह वर्ष का छठा महीना है, यानी जून। यहां जानिए, इस महीने मासिक शिवरात्रि व्रत कब है।

मासिक शिवरात्रि व्रत तिथि एवं पूजा मुहूर्त (Masik Shivratri Vrat Date Time and Puja Muhurat)

मासिक शिवरात्रि तिथि: - 08 जून 2021, मंगलवार 
चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: - 08 जून, 2021 सुबह (11:24)
चतुर्दशी तिथि समाप्त: - 09 जून, 2021 दोपहर (01:57)

मासिक शिवरात्रि पूजा मुहूर्त: - 08 जून रात 12:00 से लेकर 09 जून रात 00:40 तक
इस बार भगवान शिव की पूजा के लिए सिर्फ 40 मिनट का ही योग बन रहा है।

मासिक शिवरात्रि का महत्व क्या है? (Masik Shivratri 2021 Significance)
सनातन धर्म में मासिक शिवरात्रि का व्रत बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक, इस दिन भगवान शिव तथा माता पार्वती का महामिलन हुआ था। इसके साथ इस दिव भगवान शिव साकार रूप में प्रकट हुए थे। इस वजह से यह तिथि बहुत विशेष है।

मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं तथा उनका आशिर्वाद प्राप्त होता है। कुंवारी लड़कियों के लिए यह तिथि बहेद महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस दिन अगर कुंवारी लड़कियां पूजा करती हैं तो उनके विवाह में आ रही दिक्क्तें दूर हो जाती हैं। यह व्रत रखने से दांपत्य जीवन भी सुखमय होता है।

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