Karwa Chauth Puja, Shubh Muhurat, Samagri: 34 चीजों के साथ होती है करवा चौथ की पूजा, जानें कब तक है शुभ समय

Karwa Chauth Pooja Vidhi: करवा चौथ 4 नवंबर को है। पूजा के समय किसी सामग्री की छूट न हो इसके लिए आप यहां दी गई संपूर्ण सामग्री से मिलान कर सकती हैं। सुहाग की सभी सामग्री दो के जोड़े में खरीदें, ताकि कुछ न छूटे।

Karva chauth Puja material, करवा चौथ पूजा सामग्री की लिस्ट
Karva chauth Puja material, करवा चौथ पूजा सामग्री की लिस्ट 

मुख्य बातें

  • इस बार 4 नंवबर को रखा जाएगा करवाचौथ का व्रत
  • पूजा की थाल और सुहाग के सामान को पहले ही खरीद लें
  • करवा, दीपक और छलनी याद से खरीद कर रख लें

Karwa Chauth Pooja Vidhi:छांदोग्य उपनिषद् में उल्लेख है कि यदि महिलाएं चंद्रदेव में पुरुष रूपी ब्रह्मा की उपासना करती हैं तो उससे उनके पति की उम्र लंबी होती है। करवा चौथ का व्रत चांद की उपासना से ही जुड़ा हुआ है। इस दिन सुहागिने भगवान शिव, पार्वती, कार्तिकेय और गणेशजी के साथ चंद्रदेव की भी आराधना करती हैं। यह व्रत सुहाग से जुड़ा है, इसलिए महिलाएं सोलह श्रृंगार कर निर्जला व्रत करती हैं। इस व्रत में चंद्रमा और पति दोनों को ही छलनी में दीपक रख कर देखा जाता है। इसके बाद चांद को जल दे कर पति के हाथों से जल पी कर महिलाएं व्रत खोलती हैं। प्यार और उत्साह का त्योहार हर महिला के लिए बहुत मायने रखता है। इस व्रत-पूजन में बहुत सी सामग्रियों की जरूरत होती है। कोई भूल न हो इसके लिए आइए आपको सामग्री सी जुड़ी पूरी जानकारी दें।

इस व्रत को केवल सुहागिने ही नहीं बल्कि वह लड़कियां भी करती हैं, जिनकी शादी की उम्र हो चुकी है या शादी होने वाली वह कन्याएं भी व्रत रखकर मनचाहे पति की कामना करती हैं।

करवा चौथ शुभ मुहूर्त (Karwa Chauth Pooja time Muhurat)

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, काशी में या आसपास में चंद्रोदय समय रात में लगभग 7:57 बजे होगा। 4 नवंबर को शाम 05 बजकर 34 मिनट से शाम 06 बजकर 52 मिनट तक करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त है।

जानें पूजा की थाली के लिए किन चीजों की होगी जरूरत (Karwa Chauth Pooja Thali)

करवाचौथ पर महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और श्रृंगार की सामग्री का भेंट भी करती है। सभी सामान नए और कोरे होने चाहिए। सभी सुहाग की सामग्री दो की संख्या में खरीदें। एक खुद के लिए और एक सास की थाली के लिए।

चंद्र पूजन सामग्री (Karwa Chauth Chandra Pujan Samagri)

चंद्रमा के दर्शन के लिए थाली तैयार करनी होगी। इसके लिए थाली मैं दीपक, सिन्दूर, अक्षत, कुमकुम, रोली तथा चावल की बनी मिठाई बनानी होगी। चंद्रदेव को जल देने के लिए करवा।

पूजन सामग्री के लिए

कुंकुम, शहद, अगरबत्ती, पुष्प, कच्चा दूध, शक्कर, शुद्ध घी, दही, मेंहदी, मिठाई, गंगाजल, चंदन, चावल, सिन्दूर, मेंहदी, महावर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी, बिछुआ, मिट्टी का टोंटीदार करवा व ढक्कन, दीपक, रुई, कपूर, गेहूँ, शक्कर का बूरा, हल्दी, पानी का लोटा, गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी, लकड़ी का आसन, छलनी, आठ पूरियों की अठावरी, हलुआ, दक्षिणा के लिए पैसे, तैयार कर रख लें।

सुहाग की सामग्री के लिए

साड़ी और सुहाग की सामग्री जैसे चुड़ियां, बिंदी, बिछिया, महावर, नेलपॉलिश, सिंदूर आदि को पहले से खरीद रख लें। साड़ी के फॉल, पिको, ब्लाउज आदि को बनवा कर तैयार करा लें। करवाचौथ की पूजा यदि पहली बार करने जा रही तो करवाचौथ कथा की किताब भी खरीद लें।  सास के लिए सुहाग का सामान अपनी तैयारी करते हुए साथ साथ कर लें। साड़ी, चूड़ियां, बिंदी, मेहंदी, महावर आदि इसमें जरूर रखें। मेहंदी करवाचौथ के एक दिन पहले रात में लगवा लें। इसके लिए पहले से ही बात कर लें ताकि अंत समय पर आपको अधिक पैसे दे कर इसे न लगवाना पड़े।

करवा-दीपक और छलनी

दीपक, मिट्टी के दो करवे और छलनी ही इस इस त्योहार के प्रमुख पूजन सामग्री हैं। इसे पहले ही खरीद कर रख लें। देख लें इसमें कोई दोष या खंडित न हो।

तो इस पूजा सामग्री लिस्ट से आप अपनी पूजा सामग्री से मिलान कर लें, ताकि यदि कोई भूल हुई हो तो समय रहते खरीदी जा सके।

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