Sawan Somvar Puja Vidhi, Vrat Katha 2023: सावन सोमवार की पूजा कैसे करें, जानिए स्टेप बाय स्टेप पूरी विधि यहां
Sawan Somvar Puja Vidhi, Vrat Katha 2023: सावन सोमवार की पूजा कैसे करें, जानिए स्टेप बाय स्टेप पूरी विधि यहां
Sawan Somvar Vrat Katha in Hindi: Read Here
सावन सोमवार पूजा सामग्री (Sawan Somvar Puja Samagri):
कच्चा दूध, गंगाजल, दही, घी, चंदन, धतूरा, शक्कर, लौंग, इलायची, फल, केसर, शमी पत्र, पान, अक्षत, भस्म, रुद्राक्ष, शहद, भांग, काला तिल, कपूर, धूप, सुपारी, इत्र, पंचमेवा, बेलपत्र, दीप, शिव के प्रिय फूल।
सावन के पहले सोमवार की शुभकामनाएं (Sawan Ke Pehle Somvar Ki Wishes):
-कण-कण में शिव हैं, हर जगह में शिव हैं,
वर्तमान भी शिव हैं और भविष्य काल भी शिव हैं,
सभी को सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं।
-ॐ नमः शिवाय कर्ता करे न कर सके,
शिव करे सो होय तीन लोक नौ खंड में,
महाकाल से बड़ा न कोय।
पहले सावन सोमवार की शुभकामनाएं!
-आप पर शिव की बनी रहे छाया,
भोले बाबा पलट देंगे किस्मत की काया,
आपकी जिंदगी में मिले आपको वो सब जो भी आपने है चाहा।
हर हर महादेव
सावन सोमवार व्रत की पूजा विधि, मुहूर्त, कथा, आरती से लेकर सावन के पहले सोमवार की विशेज तक हर महत्वपूर्ण जानकारी के लिए जुड़े रहें इस लाइव ब्लॉग पर।
Sawan Somwar Me Kya Khana Chaiye: सावन सोमवार में क्या खाना चाहिए
शिव भगवान की स्तुति
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू कोटि नमन दिगम्बरा,
निर्विकार ओमकार अविनाशी तुम्ही देवाधि देव ,
जगत सर्जक प्रलय करता शिवम सत्यम सुंदरा ,
निरंकार स्वरूप कालेश्वर महा योगीश्वरा ,
दयानिधि दानिश्वर जय जटाधार अभयंकरा,
शूल पानी त्रिशूल धारी औगड़ी बाघम्बरी ,
जय महेश त्रिलोचनाय विश्वनाथ विशम्भरा,
नाथ नागेश्वर हरो हर पाप साप अभिशाप तम,
महादेव महान भोले सदा शिव शिव संकरा,
जगत पति अनुरकती भक्ति सदैव तेरे चरण हो,
क्षमा हो अपराध सब जय जयति जगदीश्वरा,
जनम जीवन जगत का संताप ताप मिटे सभी,
ओम नमः शिवाय मन जपता रहे पञ्चाक्षरा,
आशुतोष सशाँक शेखर चन्द्र मौली चिदम्बरा,
कोटि कोटि प्रणाम संभु कोटि नमन दिगम्बरा,
शिव नामावली मंत्र
।। श्री शंकराय नम:।।
।। श्री महेश्वराय नम:।।
।। श्री सांबसदाशिवाय नम:।।
।। श्री रुद्राय नम:।।
।। ओम पार्वतीपतये नम:।।
।। ओम नमो नीलकण्ठाय नम:।।
शिवलिंग की पूजा कैसे करें (Shivling Puja Kaiase Karen)
Sawan Somwar Puja Vidhi: सावन सोमवार पूजा विधि
- सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें।
- इसके बाद भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।
- भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, गंगाजल और दूध जरूर चढ़ाएं।
- शिवलिंग पर पंचामृत चढ़ाएं।
- इसके बाद शिवलिंग को धतूरा, भांग, आलू, चन्दन, चावल अर्पित करें।
- भगवान शिव को मीठी चीज का भोग लगायें।
- सावन सोमवार व्रत की कथा सुनें।
- शिव चालीसा का पाठ करें और शिव जी के मंत्रों का जाप करें।
- इसके बाद शिव जी की आरती करें।
- पूजा पूरी करने के बाद प्रसाद सभी में बांट दें।
अधिक मास की शिवरात्रि कब है 2023 (Adhik Maas Ki Shivratri Kab Hai 2023)
Sawan Somvar Mantra: सावन सोमवार में इस मंत्र का जरूर करें जाप
Sawan Somvar Vrat katha: सावन सोमवार व्रत कथा
Shiv Chalisa: शिव चालीसा
श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥
जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥
भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥
अंग गौर शिर गंग बहाये। मुण्डमाल तन छार लगाये॥
वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देख नाग मुनि मोहे॥
मैना मातु की ह्वै दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥
कर त्रिशूल सोहत छवि भारी। करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥
नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे। सागर मध्य कमल हैं जैसे॥
कार्तिक श्याम और गणराऊ। या छवि को कहि जात न काऊ॥
देवन जबहीं जाय पुकारा। तब ही दुख प्रभु आप निवारा॥
किया उपद्रव तारक भारी। देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥
तुरत षडानन आप पठायउ। लवनिमेष महँ मारि गिरायउ॥
आप जलंधर असुर संहारा। सुयश तुम्हार विदित संसारा॥
त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई। सबहिं कृपा कर लीन बचाई॥
किया तपहिं भागीरथ भारी। पुरब प्रतिज्ञा तसु पुरारी॥
दानिन महं तुम सम कोउ नाहीं। सेवक स्तुति करत सदाहीं॥
वेद नाम महिमा तव गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥
प्रगट उदधि मंथन में ज्वाला। जरे सुरासुर भये विहाला॥
कीन्ह दया तहँ करी सहाई। नीलकण्ठ तब नाम कहाई॥
पूजन रामचंद्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥
सहस कमल में हो रहे धारी। कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी॥
एक कमल प्रभु राखेउ जोई। कमल नयन पूजन चहं सोई॥
कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर। भये प्रसन्न दिए इच्छित वर॥
जय जय जय अनंत अविनाशी। करत कृपा सब के घटवासी॥
दुष्ट सकल नित मोहि सतावै । भ्रमत रहे मोहि चैन न आवै॥
त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो। यहि अवसर मोहि आन उबारो॥
लै त्रिशूल शत्रुन को मारो। संकट से मोहि आन उबारो॥
मातु पिता भ्राता सब कोई। संकट में पूछत नहिं कोई॥
स्वामी एक है आस तुम्हारी। आय हरहु अब संकट भारी॥
धन निर्धन को देत सदाहीं। जो कोई जांचे वो फल पाहीं॥
अस्तुति केहि विधि करौं तुम्हारी। क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥
शंकर हो संकट के नाशन। मंगल कारण विघ्न विनाशन॥
योगी यति मुनि ध्यान लगावैं। नारद शारद शीश नवावैं॥
नमो नमो जय नमो शिवाय। सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥
जो यह पाठ करे मन लाई। ता पार होत है शम्भु सहाई॥
ॠनिया जो कोई हो अधिकारी। पाठ करे सो पावन हारी॥
पुत्र हीन कर इच्छा कोई। निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई॥
पण्डित त्रयोदशी को लावे। ध्यान पूर्वक होम करावे ॥
त्रयोदशी ब्रत करे हमेशा। तन नहीं ताके रहे कलेशा॥
धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे। शंकर सम्मुख पाठ सुनावे॥
जन्म जन्म के पाप नसावे। अन्तवास शिवपुर में पावे॥
कहे अयोध्या आस तुम्हारी। जानि सकल दुःख हरहु हमारी॥
॥दोहा॥
नित्त नेम कर प्रातः ही, पाठ करौं चालीसा।
तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥
मगसर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान।
अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण॥
Shiv Ji Ki Aarti: शिव जी की आरती
स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,
अर्द्धांगी धारा ॥
एकानन चतुरानन
पंचानन राजे ।
हंसासन गरूड़ासन
वृषवाहन साजे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥
दो भुज चार चतुर्भुज
दसभुज अति सोहे ।
त्रिगुण रूप निरखते
त्रिभुवन जन मोहे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥
अक्षमाला वनमाला,
मुण्डमाला धारी ।
चंदन मृगमद सोहै,
भाले शशिधारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥
श्वेताम्बर पीताम्बर
बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक
भूतादिक संगे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥
कर के मध्य कमंडल
चक्र त्रिशूलधारी ।
सुखकारी दुखहारी
जगपालन कारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव
जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर में शोभित
ये तीनों एका ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥
त्रिगुणस्वामी जी की आरति
जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी
सुख संपति पावे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥
----- Addition ----
लक्ष्मी व सावित्री
पार्वती संगा ।
पार्वती अर्द्धांगी,
शिवलहरी गंगा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥
पर्वत सोहैं पार्वती,
शंकर कैलासा ।
भांग धतूर का भोजन,
भस्मी में वासा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥
जटा में गंग बहत है,
गल मुण्डन माला ।
शेष नाग लिपटावत,
ओढ़त मृगछाला ॥
जय शिव ओंकारा...॥
काशी में विराजे विश्वनाथ,
नंदी ब्रह्मचारी ।
नित उठ दर्शन पावत,
महिमा अति भारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥
ॐ जय शिव ओंकारा,
स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,
अर्द्धांगी धारा ॥
Sawan Ke Pehle Somvar Ki Wishes: सावन के पहले सोमवार की शुभकामनाएं
नाम लिये जाशिव अपना काम करेंगे
तू अपना काम किये जा शिव
शिव शिव ऊँ: नम: शिवाय
सावन सोमवार की शुभकामनाएं
सबके दिलो को सुरूर मिलता है
जो भी जाता है भोले के द्वार
कुछ न कुछ जरूर मिलता है
Sawan Somvar Quotes In Hindi: सावन के सोमवार की शुभकामनायें
शक्ति में संसार है,
त्रिलोक में है जिसकी चर्चा
उन शिव जी का आज त्यौहार है..
सावन के दूसरे सोमवार की बधाई..
