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Sawan Somvar Puja Vidhi, Vrat Katha 2023: सावन सोमवार की पूजा कैसे करें, जानिए स्टेप बाय स्टेप पूरी विधि यहां

Laveena SharmaUpdated Jul 10, 2023, 13:42 IST
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Sawan Somvar Puja Vidhi, Vrat Katha 2023: सावन सोमवार की पूजा कैसे करें, जानिए स्टेप बाय स्टेप पूरी विधि यहां

Sawan Somvar 2023 Puja Vidhi, Sawan Somvar Vrat Katha in Hindi, Sawan Ka Phela Somwar Ki Puja Vidhi Vrat Katha in Hindi: भगवान शिव की कृपा पाने का सबसे सरल उपाय है सावन सोमवार व्रत। इस साल सावन का पहला सोमवार (Sawan Ke Pehla Somvar) 10 जुलाई को पड़ा है वहीं इसका अंतिम सोमवार (Last Sawan Somvar 2023) 28 अगस्त को पड़ेगा। इस बार सावन में 8 सोमवार व्रत पड़ेंगे। श्रावण सोमवार (Shravan Somwar 2023) में शिव भक्त व्रत रख शिव जी विधि विधान पूजा करते हैं। मान्यता है इस व्रत को करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। इस दिन व्रत करने वाले लोगों को अकाल मृत्यु तक का भय नहीं रहता। यहां आप जानेंगे सावन सोमवार व्रत की पूजा सामग्री (Sawan Somwar Vrat Pooja Samagri), पूजा विधि (Sawan Somvar Puja Vidhi), शुभ मुहूर्त, व्रत कथा (Sawan Somvar Katha), शिव मंत्र (Shiv Mantra), शिव चालीसा (Shiv Chalisa), शिवलिंग पूजा की विधि (Shivling Puja Vidhi), शिव आरती (Shiv Aarti) और सावन सोमवार की शुभकामनाएं विशेज (First Sawan Somvar Wishes) हिंदी में।

Sawan Somvar Vrat Katha in Hindi: Read Here

सावन सोमवार पूजा सामग्री (Sawan Somvar Puja Samagri):

कच्चा दूध, गंगाजल, दही, घी, चंदन, धतूरा, शक्कर, लौंग, इलायची, फल, केसर, शमी पत्र, पान, अक्षत, भस्म, रुद्राक्ष, शहद, भांग, काला तिल, कपूर, धूप, सुपारी, इत्र, पंचमेवा, बेलपत्र, दीप, शिव के प्रिय फूल।

सावन के पहले सोमवार की शुभकामनाएं (Sawan Ke Pehle Somvar Ki Wishes):
-कण-कण में शिव हैं, हर जगह में शिव हैं,
वर्तमान भी शिव हैं और भविष्य काल भी शिव हैं,
सभी को सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं।

-ॐ नमः शिवाय कर्ता करे न कर सके,
शिव करे सो होय तीन लोक नौ खंड में,
महाकाल से बड़ा न कोय।
पहले सावन सोमवार की शुभकामनाएं!

-आप पर शिव की बनी रहे छाया,
भोले बाबा पलट देंगे किस्मत की काया,
आपकी जिंदगी में मिले आपको वो सब जो भी आपने है चाहा।
हर हर महादेव

सावन सोमवार व्रत की पूजा विधि, मुहूर्त, कथा, आरती से लेकर सावन के पहले सोमवार की विशेज तक हर महत्वपूर्ण जानकारी के लिए जुड़े रहें इस लाइव ब्लॉग पर।

JUL 10, 2023 13:30 IST

Sawan Somwar Me Kya Khana Chaiye: सावन सोमवार में क्या खाना चाहिए

सावन सोमवार में आप साबुदाने से बनी चीज खा सकते हैं। कुट्टू और सिंघाड़े का आटा खा सकते हैं। व्रत के चावल खा सकते हैं। आलू खा सकते हैं। मखाने की खीर खा सकते हैं। लेकिन इस व्रत में नमक का सेवन करने से बचें
JUL 10, 2023 12:41 IST

शिव भगवान की स्तुति

आशुतोष सशाँक शेखर चन्द्र मौली चिदंबरा,

कोटि कोटि प्रणाम शम्भू कोटि नमन दिगम्बरा,

निर्विकार ओमकार अविनाशी तुम्ही देवाधि देव ,
जगत सर्जक प्रलय करता शिवम सत्यम सुंदरा ,

निरंकार स्वरूप कालेश्वर महा योगीश्वरा ,
दयानिधि दानिश्वर जय जटाधार अभयंकरा,

शूल पानी त्रिशूल धारी औगड़ी बाघम्बरी ,
जय महेश त्रिलोचनाय विश्वनाथ विशम्भरा,

नाथ नागेश्वर हरो हर पाप साप अभिशाप तम,
महादेव महान भोले सदा शिव शिव संकरा,

जगत पति अनुरकती भक्ति सदैव तेरे चरण हो,
क्षमा हो अपराध सब जय जयति जगदीश्वरा,

जनम जीवन जगत का संताप ताप मिटे सभी,
ओम नमः शिवाय मन जपता रहे पञ्चाक्षरा,

आशुतोष सशाँक शेखर चन्द्र मौली चिदम्बरा,
कोटि कोटि प्रणाम संभु कोटि नमन दिगम्बरा,
JUL 10, 2023 12:10 IST

श‍िव नामावली मंत्र

।। श्री शिवाय नम:।।
।। श्री शंकराय नम:।।
।। श्री महेश्वराय नम:।।
।। श्री सांबसदाशिवाय नम:।।
।। श्री रुद्राय नम:।।
।। ओम पार्वतीपतये नम:।।
।। ओम नमो नीलकण्ठाय नम:।।
JUL 10, 2023 11:52 IST

शिवलिंग की पूजा कैसे करें (Shivling Puja Kaiase Karen)

सर्वप्रथम अपने घर से जल लेना सीखें। यदि शिव मंदिर किसी पवित्र नदी के तट पर है तो वहां का जल भगवान को अर्पित करें। यदि घर में शिवलिंग स्थापित करना है तो या तो पारद का शिवलिंग हो या नर्मदेश्वर शिवलिंग। यह दोनों प्रकार के शिवलिंग घर के पूजा घर में रखकर नीचे अर्घा बनाकर प्रतिदिन भगवान का जलाभिषेक करें। दही, दूध व शहद भी भगवान को अर्पित करें। यदि आप व्याधि से पीड़ित हैं तो कुश व गंगाजल जिसे कुशोदक कहते हैं, उसी शिवलिंग पर शिववास के दिन भगवान का रुद्राभिषेक कराएं।
JUL 10, 2023 11:31 IST

Sawan Somwar Puja Vidhi: सावन सोमवार पूजा विधि

  1. सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें।
  2. इसके बाद भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।
  3. भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, गंगाजल और दूध जरूर चढ़ाएं।
  4. शिवलिंग पर पंचामृत चढ़ाएं।
  5. इसके बाद शिवलिंग को धतूरा, भांग, आलू, चन्दन, चावल अर्पित करें।
  6. भगवान शिव को मीठी चीज का भोग लगायें।
  7. सावन सोमवार व्रत की कथा सुनें।
  8. शिव चालीसा का पाठ करें और शिव जी के मंत्रों का जाप करें।
  9. इसके बाद शिव जी की आरती करें।
  10. पूजा पूरी करने के बाद प्रसाद सभी में बांट दें।
JUL 10, 2023 10:49 IST

अधिक मास की शिवरात्रि कब है 2023 (Adhik Maas Ki Shivratri Kab Hai 2023)

सावन अधिक मास की शिवरात्रि 14 अगस्त 2023, सोमवार के दिन पड़ेगी। इस दिन सावन सोमवार व्रत का शुभ संयोग भी बन रहा है। ऐसे में इस शिवरात्रि का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। इस दिन शिव पूजा का शुभ मुहूर्त रात 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा इस दिन सुबह 11:07 बजे से अगले दिन यानी 15 अगस्त की सुबह 05:50 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा।
JUL 10, 2023 10:30 IST

Sawan Somvar Mantra: सावन सोमवार में इस मंत्र का जरूर करें जाप

“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥” का अर्थ है कि प्रत्येक सांस में जीवन का संचार करने वाले शिव जिस तरह से ककड़ी अपनी तना के साथ पक जाने के बाद उस तना रुपी संसार के सभी बंधनों से मुक्त हो जाती है, उसी तरह से हम भी इस संसार में उस ककड़ी की तरह पक जाने के बाद ही जन्म और मृत्यु के इस बंधन से मुक्त होकर शरीर का त्याग कर आपमें समा जाए और मोक्ष को प्राप्त करें।
JUL 10, 2023 10:19 IST

Sawan Somvar Vrat katha: सावन सोमवार व्रत कथा

श्रावण सोमवार व्रत की कथा के अनुसार अमरपुर नाम का नगर था जहां एक धनी व्यापारी अपने परिवार संग रहता था। नगर में हर कोई उस व्यापारी का मान-सम्मान करता था। लेकिन इतना सबकुछ होने के बाद भी वह व्यापारी दुखी रहता था क्योंकि उस व्यापारी की कोई संतान नहीं थी। संतान न होने के कारण वो व्यापारी दिन-रात चिंता में डूबा रहता था। उसके मन में यही ख्याल आता कि उसकी मृत्यु के बाद इतने बड़े व्यापार और धन-संपत्ति को कौन संभालेगा। पुत्र पाने की इच्छा से वो व्यापारी सोमवार व्रत करता था और भगवान शिव की विधि विधान पूजा किया करता था। शाम के समय व्यापारी शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव के समक्ष घी का दीपक जलाता था। पूरी कथा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
JUL 10, 2023 06:46 IST

Shiv Chalisa: शिव चालीसा

।।दोहा।।
श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥
जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥
भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥
अंग गौर शिर गंग बहाये। मुण्डमाल तन छार लगाये॥
वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देख नाग मुनि मोहे॥
मैना मातु की ह्वै दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥
कर त्रिशूल सोहत छवि भारी। करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥
नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे। सागर मध्य कमल हैं जैसे॥
कार्तिक श्याम और गणराऊ। या छवि को कहि जात न काऊ॥
देवन जबहीं जाय पुकारा। तब ही दुख प्रभु आप निवारा॥
किया उपद्रव तारक भारी। देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥
तुरत षडानन आप पठायउ। लवनिमेष महँ मारि गिरायउ॥
आप जलंधर असुर संहारा। सुयश तुम्हार विदित संसारा॥
त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई। सबहिं कृपा कर लीन बचाई॥
किया तपहिं भागीरथ भारी। पुरब प्रतिज्ञा तसु पुरारी॥
दानिन महं तुम सम कोउ नाहीं। सेवक स्तुति करत सदाहीं॥
वेद नाम महिमा तव गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥
प्रगट उदधि मंथन में ज्वाला। जरे सुरासुर भये विहाला॥
कीन्ह दया तहँ करी सहाई। नीलकण्ठ तब नाम कहाई॥
पूजन रामचंद्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥
सहस कमल में हो रहे धारी। कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी॥
एक कमल प्रभु राखेउ जोई। कमल नयन पूजन चहं सोई॥
कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर। भये प्रसन्न दिए इच्छित वर॥
जय जय जय अनंत अविनाशी। करत कृपा सब के घटवासी॥
दुष्ट सकल नित मोहि सतावै । भ्रमत रहे मोहि चैन न आवै॥
त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो। यहि अवसर मोहि आन उबारो॥
लै त्रिशूल शत्रुन को मारो। संकट से मोहि आन उबारो॥
मातु पिता भ्राता सब कोई। संकट में पूछत नहिं कोई॥
स्वामी एक है आस तुम्हारी। आय हरहु अब संकट भारी॥
धन निर्धन को देत सदाहीं। जो कोई जांचे वो फल पाहीं॥
अस्तुति केहि विधि करौं तुम्हारी। क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥
शंकर हो संकट के नाशन। मंगल कारण विघ्न विनाशन॥
योगी यति मुनि ध्यान लगावैं। नारद शारद शीश नवावैं॥
नमो नमो जय नमो शिवाय। सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥
जो यह पाठ करे मन लाई। ता पार होत है शम्भु सहाई॥
ॠनिया जो कोई हो अधिकारी। पाठ करे सो पावन हारी॥
पुत्र हीन कर इच्छा कोई। निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई॥
पण्डित त्रयोदशी को लावे। ध्यान पूर्वक होम करावे ॥
त्रयोदशी ब्रत करे हमेशा। तन नहीं ताके रहे कलेशा॥
धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे। शंकर सम्मुख पाठ सुनावे॥
जन्म जन्म के पाप नसावे। अन्तवास शिवपुर में पावे॥
कहे अयोध्या आस तुम्हारी। जानि सकल दुःख हरहु हमारी॥

॥दोहा॥
नित्त नेम कर प्रातः ही, पाठ करौं चालीसा।
तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥
मगसर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान।
अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण॥
JUL 10, 2023 06:24 IST

Shiv Ji Ki Aarti: शिव जी की आरती

ॐ जय शिव ओंकारा,
स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,
अर्द्धांगी धारा ॥

एकानन चतुरानन
पंचानन राजे ।
हंसासन गरूड़ासन
वृषवाहन साजे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

दो भुज चार चतुर्भुज
दसभुज अति सोहे ।
त्रिगुण रूप निरखते
त्रिभुवन जन मोहे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

अक्षमाला वनमाला,
मुण्डमाला धारी ।
चंदन मृगमद सोहै,
भाले शशिधारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

श्वेताम्बर पीताम्बर
बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक
भूतादिक संगे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

कर के मध्य कमंडल
चक्र त्रिशूलधारी ।
सुखकारी दुखहारी
जगपालन कारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव
जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर में शोभित
ये तीनों एका ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

त्रिगुणस्वामी जी की आरति
जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी
सुख संपति पावे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

----- Addition ----
लक्ष्मी व सावित्री
पार्वती संगा ।
पार्वती अर्द्धांगी,
शिवलहरी गंगा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

पर्वत सोहैं पार्वती,
शंकर कैलासा ।
भांग धतूर का भोजन,
भस्मी में वासा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

जटा में गंग बहत है,
गल मुण्डन माला ।
शेष नाग लिपटावत,
ओढ़त मृगछाला ॥
जय शिव ओंकारा...॥

काशी में विराजे विश्वनाथ,
नंदी ब्रह्मचारी ।
नित उठ दर्शन पावत,
महिमा अति भारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा...॥

ॐ जय शिव ओंकारा,
स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,
अर्द्धांगी धारा ॥
JUL 10, 2023 05:49 IST

Sawan Ke Pehle Somvar Ki Wishes: सावन के पहले सोमवार की शुभकामनाएं

मन छोड़ व्यर्थ की चिंता तू शिव का
नाम लिये जाशिव अपना काम करेंगे
तू अपना काम किये जा शिव
शिव शिव ऊँ: नम: शिवाय
JUL 10, 2023 05:28 IST

सावन सोमवार की शुभकामनाएं

शिव की ज्योति से नूर मिलता है
सबके दिलो को सुरूर मिलता है
जो भी जाता है भोले के द्वार
कुछ न कुछ जरूर मिलता है
JUL 10, 2023 05:03 IST

Sawan Somvar Quotes In Hindi: सावन के सोमवार की शुभकामनायें

भक्ति में है शक्ति बंधू,
शक्ति में संसार है,
त्रिलोक में है जिसकी चर्चा
उन शिव जी का आज त्यौहार है..
सावन के दूसरे सोमवार की बधाई..
JUL 10, 2023 00:17 IST

सुहाग रहता है अटल

सावन का व्रत करने से सुहागिन नारियों का सुहाग सदा अटल रहता है और कुंवारी कन्याओं को सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है।
JUL 09, 2023 23:42 IST

सोमवार के व्रत में क्या खाएं

कच्चा नारियलफलों का सेवनआलू खा सकते हैंपेठासाबूदाना
JUL 09, 2023 23:22 IST

Happy Sawan Sowar 2023 Hindi Wishes Live

आसमान भी बरसा नहीं अबकी सावन मेंमेरी आँखें बरसती रही दिल के आँगन में।सावन सोमवार की शुभकामनाएं
JUL 09, 2023 22:24 IST

Sawan Ke Pehla Somvar 2023: मनोवांछित फल की प्राप्ति

Sawan Ke Pehla Somvar 2023 मान्यता है कि, सावन मास के प्रत्येक सोमवार को भोलेनाथ की भक्ति में लीन होकर पूजा अर्चना करने से जीवन में आने वाले सभी दुखों का नाश होता है। तथा सुहागिन नारियों का सुहाग सदा अटल रहता है
JUL 09, 2023 21:55 IST

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
JUL 09, 2023 21:40 IST

Happy Sawan Somwar 2023 Hindi Wishes Live: सावन में मेरी आँखें.....

Happy Sawan Somwar 2023 Hindi Wishes Images Live: आसमान भी बरसा नहीं अबकी सावन में,मेरी आँखें बरसती रही दिल के आँगन में।सावन सोमवार की शुभकामनाएं
JUL 09, 2023 20:59 IST

Happy Sawan Sowar 2023 Hindi Wishes Live: 108 बार करें भोलेनाथ के मंत्रों का जप

Happy Sawan Sowar 2023 Hindi Wishes Live शिव पुराण में वर्णित एक श्लोक के अनुसार भगवान शिव के मंत्रों का 108 बार जप करने से भक्तों की सभी मुरादें पूरी होती हैं तथा कष्टों का निवारण होता है।