Sawan Somwar Vrat 2026: भगवान शिव को समर्पित सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है। वैसे तो सावन का हर दिन शिव आराधना के लिए विशेष होता है, लेकिन सावन के सोमवार का महत्व सबसे अधिक है। जो लोग पूरे सावन में व्रत या नियमित पूजा नहीं कर पाते हैं, वो सावन के सोमवार का व्रत अवश्य रखते हैं। खासकर, सावन के पहले सोमवार को बेहद शुभ माना जाता है, इसलिए इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपवास और भोलेबाबा की पूजा करते हैं।
सावन सोमवार व्रत से जुड़े जरूरी नियम
यदि किसी कारणवश सावन के पहले सोमवार का व्रत छूट जाए तो क्या अगले सोमवार से उपवास शुरू कर सकते हैं? क्या धार्मिक दृष्टि से ऐसा करना सही है या इससे दोष-पाप लगता है? अगर आपके मन में भी यही दुविधा है तो यहां आपको इसका उत्तर मिलेगा।
सावन सोमवार का पहला व्रत छूट जाए तो क्या करें?
पौराणिक शास्त्रों में बताया गया है कि यदि किसी भक्त से सावन सोमवार का पहला व्रत छूट जाता है तो वो दूसरे, तीसरे या चौथे सोमवार से व्रत रख सकता है। आपने जितने सोमवार व्रत का संकल्प लिया है, उसे पूरा जरूर करें। अपने संकल्प को किसी भी कारण से न तोड़ें। हालांकि, उपवास का आरंभ करने से पहले शिव जी के मंदिर जाएं। वहां जाकर पूजा करें और भोलेबाबा से सावन के पहले सोमवार का व्रत न रखने के लिए माफी मांगें। शिव जी बहुत दयालु और कृपालु हैं, जो अपने भक्त को दुखी नहीं देख सकते हैं।
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सावन सोमवार व्रत से जुड़े जरूरी नियम
- व्रत का संकल्प लेने के बाद ही पूजा आरंभ करें।
- सुबह और शाम यानी दोनों समय शिव जी की पूजा करें।
- व्रत के दौरान मन के साथ-साथ तन को भी शुद्ध रखें।
- व्रती को दोपहर के समय सोने से बचना चाहिए।
- व्रत वाले दिन अपनी क्षमता के अनुसार किसी न किसी शुभ चीज का दान जरूर करें।
- व्रत वाले दिन काले रंग की जगह लाल, सफेद, केसरिया, हरे या पीले कलर के कपड़े पहनें।
- शुभ मुहूर्त में ही व्रत का पारण करें।
सावन का पहला सोमवार 2026 में कब है?
पंचांग की गणना के अनुसार, साल 2026 में 30 जुलाई से सावन का आरंभ हुआ है, जो 28 अगस्त तक रहेगा। इस बीच कुल 4 सोमवार पड़ेंगे। पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को है, जिसके बाद दूसरा व्रत 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा व आखिरी उपवास 24 अगस्त 2026 को रखा जाएगा।
