Sawan 2027 Dates: भगवान शिव की आराधना के लिए सावन सबसे पवित्र माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन का आरंभ आषाढ़ समाप्त होने के बाद होता है। सावन के आगमन के साथ ही मंदिरों में 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंजने लगते हैं, शिवलिंग पर जलाभिषेक का क्रम शुरू हो जाता है और लाखों श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखकर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
सावन 2027 डेट्स, कितने पड़ेंगे सोमवार
अगर आप भी साल 2027 के सावन की तारीखें पहले से जानना चाहते हैं, तो यहां श्रावण मास की शुरुआत, समापन और सभी सावन सोमवार की पूरी जानकारी दी जा रही है।
2027 में सावन कब से कब तक रहेगा
हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2027 में सावन (श्रावण) मास 20 जुलाई, मंगलवार से शुरू होगा। वहीं सावन 2026 का 19 अगस्त, गुरुवार को समाप्त होगा। इस तरह सावन 2026 पूरे एक महीने तक चलेगा। भक्त इस दौरान भगवान शिव की पूजा, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, शिव चालीसा और सोमवार व्रत कर सकते हैं।
मान्यता है कि इस पूरे महीने श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
2027 के सावन सोमवार की पूरी लिस्ट
सावन के सोमवार का व्रत विशेष फलदायी माना जाता है। अविवाहित लोग मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से और विवाहित महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि तथा पति की लंबी आयु के लिए यह व्रत रखती हैं।
साल 2027 में सावन सोमवार की तिथियां इस प्रकार रहेंगी
- पहला सावन सोमवार: 26 जुलाई 2027
- दूसरा सावन सोमवार: 2 अगस्त 2027
- तीसरा सावन सोमवार: 9 अगस्त 2027
- चौथा सावन सोमवार: 16 अगस्त 2027
सावन 2027 की महत्वपूर्ण तिथियां
श्रावण मास में सोमवार के अलावा कई महत्वपूर्ण पर्व भी आते हैं। साल 2027 में इन प्रमुख तिथियों पर भी श्रद्धालुओं की विशेष नजर रहेगी। यहां देखें सावन 2027 की महत्वपूर्ण तिथियां कब रहेंगी
- सावन शिवरात्रि: 31 जुलाई 2027 (शनिवार)
- हरियाली तीज: 8 अगस्त 2027 (रविवार)
- रक्षा बंधन: 19 अगस्त 2027 (गुरुवार)
- नाग पंचमी : 6 अगस्त 2027 (शुक्रवार)
- सावन अमावस्या : 2 अगस्त 2027 (सोमवार)
अगर आप 2027 में सावन व्रत, जलाभिषेक या शिव पूजा की तैयारी कर रहे हैं, तो इन तारीखों को अभी से अपने कैलेंडर में नोट कर लें। ताकि इस पवित्र महीने का कोई भी महत्वपूर्ण दिन छूट न जाए।
सावन में क्यों बढ़ जाता है भगवान शिव की पूजा का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इसी महीने में शिवभक्त जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक और शमी पत्र अर्पित कर भोलेनाथ की विशेष पूजा करते हैं। देशभर के शिव मंदिरों में कांवड़ यात्रा, रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन का आयोजन भी इसी दौरान बड़े उत्साह से होता है। ऐसी मान्यता है कि सावन में सच्चे मन से शिव आराधना करने पर भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
