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Ramadan 2024 Date, Time Table: भारत में कब दिखेगा चांद? कब रखा जाएगा पहला रोजा? जानिए रमजान से जुड़ी जरूरी बातें

Ramadan 2024 in India Date in India, Saudi Arabia, UAE Time Table, Prayer Times: इस्लाम में मान्यता है कि रमजान (Ramzan) के महीने में रोजा रखने से अल्लाह खुश होते हैं और लोगों की दुआएं कुबूल करते हैं।

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Ramadan 2024 Date in India: जानिए भारत में कब शुरू हो रहा रमजान। कब रखेंगे पहला रोजा?

Ramadan 2024 Moon Sighting Today Time in India, UAE, Saudi Arabia: रमजान इस्लाम में काफी महत्व रखता है। माह-ए-रमजान को इस्लाम धर्म में बेहद पाक माना गया है। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक रमजान का महीना नौवां महीना होता है। रमजान के पाक महीने में मुसलमान रोजा रखते हैं (Ramadan 2024 First Roza Date)। यह रोजा सुबह सूर्योदय से शाम सूर्यास्त तक का होता है। इस्लाम में मान्यता है कि इस रमजान में रोजा रखने और 5 वक्त नमाज पढ़ने से अल्लाह खुश होते हैं और लोगों की दुआएं कुबूल करते हैं।

भारत में कब शुरू हो रहे रमजान (When is Ramadan 2024 starting in India?)

भारत में रमजान 2024 की तारीख 11 या 12 मार्च को शुरू होने की उम्मीद है। दरअसल भारत में रमजान की शुरुआत मक्का में चांद के दिखने पर निर्भर है। दरअसल मक्का में चांद दिखने के एक दिन बाद भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में चांद दिखता है। अगर आज 10 मार्च को मक्का में चांद दिखता है तो 11 मार्च को भारत में दिखेगा। अगर 11 मार्च को भारत में चांद नजर आता है, तो ऐसे में 12 मार्च को पहला रोजा रखा जा सकता है। बता दें कि बाकी दुनिया के विपरीत इस्लाम के अनुयायी जॉर्जियाई कैलेंडर को नहीं मानते। इस्लाम में हिजरी कैलेंडर का अनुसरण किया जाता है। हिजरी कैलेंडर चांद की अवस्थाओं पर निर्भर है। इस कैलेंडर के मुताबिक साल में 354 दिन होते हैं।

सऊदी अरब में कब से शुरू हो रहे रमजान (Ramadan 2024 Date in Saudi Arabia)

सऊदी अरब में पवित्र चांद के दीदार के बाद से माह-ए-रमजान का आगाज हो जाता है। वहां चांद दिखने के के करीब 24 घंटे बाद भारत और दूसरे दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में रमजान के चांद का दीदार होता है। माना जा रहा है कि आज 10 मार्च को मक्का में चांद का दीदार हो सकता है।

रमजान में कैसे रखते हैं रोजा (Ramadan rituals and fasting)

रमजान के पाक महीने में रोजे की शुरुआत सुबह की सहरी से होती है और शाम को इफ्तारी के साथ दिन का उपवास खत्म होता है। यह क्रम पूरे एक महीने तक चलता है। रोजा रखने वाले सहरी और इफ्तारी के वक्त परिवार और समुदाय के लोगों के साथ रहते हैं। सहरी और इफ्तारी सूर्य के दिखने और छिपने पर आधारित है इसीलिए रोज इसका समय भी बदलता रहता है। इफ्तार के दौरान रोजाना रात को नमाज अदा की जाती है। इफ्तार के समय तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं और रोजेदार को परोसे जाते हैं।

रमजान क्यों रखते हैं रोजा (Significance of Ramadan)

रमजान का महीना इस्लाम के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र है इसीलिए वह इस पूरे माह को अल्लाह की इबादत और अच्छे कर्मों में बिताते हैं। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार रमजान के महीने में अगर सच्चे और पाक दिल से दुआ मांगी जाए, तो अल्लाह सभी दुआएं पूरी करते हैं। साथ ही सारे गुनाह भी माफ हो जाते हैं।
Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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