Putrada Ekadashi 2025 Shubh Sanyog: पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत पौष महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन रखा जाता है। इस साल ये व्रत 10 जनवरी 2025 को शुक्रवार के दिन रखा जाएगा। इस एकादशी के दिन साधक द्वारा व्रत किया जाता है और पूरे विधि- विधान के साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा- अर्चना की जाती है। पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत निसंतान दंपतियों के लिए बहुत ही लाभकारी माना जाता है। इस व्रत को करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस साल पौष पुत्रदा एकादशी के दिन कई सारे शुभ संयोग का निर्माण हो रहा है। ऐसे में आइए जानें इन शुभ संयोग के बारे में।
Putrada Ekadashi 2025 Shubh Sanyog (पौष पुत्रदा एकादशी शुभ संयोग 2025)
शुभ योग
वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल पौष पुत्रदा एकादशी के दिन शुभ योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का समापन दोपहर 02 बजकर 37 मिनट पर होगा। शास्त्रों के अनुसार शुभ योग में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से साधक को उत्तम फल की प्राप्ति होती है और उसकी सारी इच्छाओं की पूर्ति होती है।
नक्षत्र एवं करण
इस साल पौष पुत्रदा एकादशी के दिन रोहिणी नक्षत्र रहेगा। इसके साथ ही बव एवं बालव करण रहेगा। इन दोनों के संयोग शुभ संयोग बनेगा। इस योग का निर्माण दोपहर 01 बजकर 45 मिनट पर होगा। ज्योतिष आचार्य के अनुसार इस योग में पूजा करने से साधक को दौगुने फल की प्राप्ति होती है।
भद्रावास
साल 2025 की पहली एकादशी के दिन भद्रावास और शिववास योग का निर्माण होगा। इस दिन भद्रावास योग सुबह 10 बजकर 19 मिनट तक रहेगा और शिववास योग 10 बजकर 19 मिनट से बनेगा। ऐसे में पौष पुत्रदा एकादशी के दिन इस समय भगवान भोलेनाथ कैलाश पर विराजमान रहेंगे। इस योग के समय में श्री हरि की पूजा करने से आपको पुण्य फल की प्राप्ति होगी और आपके सारे काम बनेंगे।
