Pregnancy Time: गर्भावस्था के नौ माह, नौ ग्रह की चाल पर हैं निर्भर, जानें ये सनातन विज्ञान का रहस्य

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 12, 2023, 03:33 PM IST

Pregnancy Time: बिना भौतिक उपकरणों के जान सकते हैं गर्भावस्था में भ्रूण का विकास। नौ माह में विभिन्न ग्रह चालों के प्रभाव से विकसित होता है मां की कोख में भ्रूण। शुक्र ग्रह के प्रभाव के कारण ही स्त्री के गर्भ में ठहरता है भ्रूण। षोडश संस्कार में उपलब्ध है सारी जानकारी।

KEY HIGHLIGHTS
− गर्भावस्था के नौ माह रहता है विभिन्न ग्रहों का प्रभाव− शुक्र ग्रह के प्रभाव के कारण स्त्री के गर्भ में ठहरता है भ्रूण− तीसरे माह में गुरु ग्रह के प्रभाव से बनता है भ्रूण का लिंग

Pregnancy Time: सनातन विज्ञान में गर्भावस्था में गर्भ के ज्ञान की आंतरिक स्थिति को सहज रूप में स्पष्ट किया गया है। विवाह संस्कार पूर्णतः वैज्ञानिक है। गर्भाधान के बाद किस प्रकार, कैसे गुण एवं प्रतिभावान संतान पैदा करनी है यह षोडश संस्कार में उपलब्ध है लेकिन गर्भ कैसे रुकता है, इसकी आंतरिक क्रिया कौन सा ग्रह संपन्न कराता है यह रोचक जानकारी आज हम आपको बताते हैं।

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गर्भावस्था के नौ माह

शुक्र के प्रभाव से ठहरता है गर्भ

संतान उत्पत्ति के लिए शुक्राणु आवश्यक हैं। इसका कारक शुक्र ग्रह होता है। शुक्र जल का कारण है। शुक्राणु और अंडाणु दोनों मिलकर भ्रूण का निर्माण करते हैं। प्रथम मास में गर्भ का स्वामी शुक्र होता है। यदि शुक्र प्रबल हो तो ही संतान उत्पन्न होती है।

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