Panchang 27 May: जानें बुधवार का शुभ मुहूर्त, ऐसा होगा आज जन्मे बच्चों का भविष्य

आज का पंचांग: पंचांग से शुभ अशुभ समय का ज्ञान होता है। प्रतिदिन प्रातः काल पंचांग पढ़ना चाहिए। यह सूर्य तथा चंद्रमा की गति की बताता है। जानें आज किस समय बन रहा है शुभ मुहूर्त एवं राहुकाल।

Today Panchang 27 May 2020
Today Panchang 27 May 2020 

Today Panchang 27 May 2020: आज 27 मई है। विक्रम संवत 2077 ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। बुधवार का दिवस है। आज पुनर्वसु नक्षत्र है। आज चन्द्रमा कर्क राशि में है। पंचांग को पूरा पढ़कर उसका लाभ उठाएं। प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना गया है। सूर्य व चन्द्रमा जिस राशि में स्थित हो उस राशि के स्वामी ग्रह के बीज मंत्र का जप उस दिन अवश्य करना चाहिए। अभी सूर्य वृष में हैं। मुहूर्त के निश्चित नियम व महत्व हैं। शुभ मुहूर्त में ही शुभ कार्य करें। राहुकाल में शुभ कार्य वर्जित है। स्थान के अनुसार राहुकाल बदल जाता है। सूर्य व चन्द्रमा की स्थिति बहुत ही महत्वपूर्ण है। नक्षत्र ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। आइये आज के पंचांग का शुभ दर्शन करें व लाभ उठाएं। आपका दिन शुभ व मंगलमय हो।

आज जन्म लेने वाले बच्चों का भविष्य-

आज सूर्य वृष में व चन्द्रमा कर्क राशि में हैं। आज जन्म लेने वाले बच्चे चन्द्रमा के कर्क में होने के कारण कल्पनाशीलता व विद्वता से भरे होंगे। शनि व मंगल उनको विधि सेवा में उच्च पद दिलवा सकता है। बुध मैनेजमेंट गुरु व शनि कुशल कॉरपोरेट लॉयर बना सकता है। ऐसे बच्चे बड़े होकर विधि की उच्च शिक्षा में जा सकते हैं व विदेश भी जा सकते हैं । ऐसे जातक भगवान विष्णु के भक्त होंगे। उनका स्वास्थ्य अच्छा होगा। ऐसे बच्चों से प्रत्येक मंगलवार को अन्न दान कराते रहें।

आज क्या करें व क्या न करें-

ध्यान व योग करें। आज घर पर ही भगवान विष्णु जी की पूजा करें। घर पर ही हवन करें। अन्न दान करें। आज किसी से विवाद कदापि ना करें। 

यहां पढ़ें 27 मई का पंचांग

  • दिनांक- 27 मई 2020
  • दिन- बुधवार
  • माह- ज्येष्ठ
  • तिथि- पंचमी 
  • पक्ष- शुक्ल पक्ष
  • नक्षत्र- पुनर्वसु
  • करण- बव
  • सूर्य राशि- वृष
  • चन्द्र राशि- कर्क

शुभ मुहूर्त-

1 अभिजीत-आज अभिजीत मुहूर्त नहीं है।
2-विजय मुहूर्त-02:38 pm से 03:29 pm
3-गोधूलि मुहूर्त-06:58 pm से 07:23 pm

अशुभ मुहूर्त-

राहुकाल- दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तक।

 

अगली खबर