Genda Phool Importance: धार्मिक कार्यों में शुभ माना जाता है गेंदे का फूल, पूजा-पाठ में जरूर करें प्रयोग

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  • Updated Nov 22, 2022, 05:56 PM IST

Genda Phool Importance: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान देवी-देवातओं को फूल जरूर चढ़ाए जाते हैं। पूजा-पाठ से लेकर तीज त्योहारों में गेंदा फूल का सबसे अधिक महत्व होता है। मान्यता है कि इस फूल का प्रयोग करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

KEY HIGHLIGHTS
  • तोरण और वंदनवार के रूप में मुख्यद्वार पर लगाया जाता है गेंदे का फूल
  • गेंदा फूल के केसरिया रंग का हिंदू धर्म में माना जाता है शुभ
  • पूजा-पाठ से लेकर सजावट के लिए भी गेंदे के फूल का किया जाता है प्रयोग

Marigold Flower Puja Importance: सनातन हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। पूजा में कई तरह की सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है। लेकिन इनमें फूल का सबसे अधिक महत्व होता है। देवी-देवताओं को फूल अर्पित किए बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। क्योंकि पूजा में प्रयोग किए जाने वाले फूल को हमारी श्रद्धा और भावना का प्रतीक माना जाता है। वैसे तो कई तरह के फूलों का प्रयोग पूजा में किया जाता है। लेकिन गेंदा ऐसा फूल है जिसका प्रयोग पूजा-पाठ से लेकर तीज-त्योहारों, अनुष्ठान और शुभ-मांगलिक कार्यों में सबसे अधिक होता है। पीला और केसरिया रंग का गेंदा फूल देवी-देवताओं को भी प्रिय होता है।

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क्या है पूजा में गेंदा फूल चढ़ाने का महत्व

पूजा पाठ के अलावा घर के मुख्य द्वार पर तोरण के साथ गेंदे का फूल भी लगाया जाता है। मान्यता है कि पूजा में गेंदे का फूल प्रयोग करने से भगवान शीघ्र प्रसन्न होते हैं। वहीं घर से मुख्य द्वार पर गेंदा फूल की माला लगाने से मां लक्ष्मी का वास होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती हैं। जानते हैं गेंदा फूल के महत्व और इससे जुड़ी जरूरी बातें।

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