Mangla Gauri Vrat Katha: सावन मास के दूसरे मंगला गौरी का व्रत आज यानि 30 जुलाई 2024 को रखा जा रहा है। ये व्रत माता पार्वती की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। मंगला गौरी का व्रत सुहागिन महिलाएं अखंड सुहाग के लिए करती हैं और कुंवारी कन्या मनचाहे वर के लिए करती हैं। जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही हो वो भी मंगला गौरी व्रत कर सकते हैं। इस व्रत के प्रभाव से शीघ्र ही शादी हो जाती है। मंगला गौरी का व्रत संतान प्राप्ति के लिए भी बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन मंगला गौरी व्रत की कथा का पाठ करना अच्छा होता है। आइए यहां पढ़ें मंगला गौरी व्रत की कथा।
Mangla Gauri Vrat Katha (मंगला गौरी व्रत की कथा)
प्राचीन कथा के अनुसार एक ब्राह्मण की पुत्री थी। जिसका विवाह एक गरीब ब्राह्मण से हुआ था। उसकी लड़की की सास भी उसको बहुत ही परेशान किया करती थी। उदास और परेशान होकर ब्राह्मण की पुत्री एक दिन जंगल में चली गई। वहां पर उसको एक साधु बाबा मिले। उसने उस साधु को अपनी सारी पीड़ा बताई। साधु ने उसका दुख सुन उसे मंगला गौरी व्रत रखने की सलाह दी । साधु की सलाह मानकर उसने विधिपूर्वक मंगला गौरी का व्रत रखना शुरू कर दिया।
मंगला गौरी के व्रत के असर से उसकी सारी परेशानियां दूर हो गई और उसका घर धन- धान्य से भर गया। उसकी सास भी उसको प्यार करने लगी और घर की स्थिति भी अच्छी हो गई। तब से ही ये व्रत जनमानस में प्रचलित हो गया और सुख, समृद्धि के साथ- साथ अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए किया जानें लगा। मंगला गौरी व्रत को परिवार की सुख, शांति के लिए पांच सालों तक लगातार करना चाहिए।
