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Krishna Janmashtami Vrat Parana Time: नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की...यहां देखें जन्माष्टमी व्रत खोलने का समय

Krishna Janmashtami Vrat Parana Time: नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की...यहां देखें जन्माष्टमी व्रत खोलने का समय

Krishna Janmashtami Vrat Parana Time: नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की...यहां देखें जन्माष्टमी व्रत खोलने का समय

Janmashtami Vrat Parana Time 2023: कृष्ण जन्माष्टमी को गोकुलाष्टमी, कृष्णाष्टमी, श्री जयंती, अष्टमी रोहिणी, सातम आठम और कृष्ण जन्मोत्सव के नाम से जाना जाता है। ये त्यौहार भगवान कृष्ण के जन्म की खुशी में मनाया जाता है। मान्यता है कि भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में कान्हा ने धरती पर जन्म लिया था। इसी उपलक्ष में हर साल इस तिथि पर श्री कृष्ण का जन्मदिवस मनाया जाता है। श्री कृष्ण भगवान विष्णु के 8वें अवतार हैं, जिन्होंने कंस का अंत करने के लिए जन्म लिया था। उनका जन्म आधी रात के आसपास हुआ था जिस वजह से जन्माष्टमी की विशेष पूजा आधी रात में यानि 12 बजे की जाती है।

जन्माष्टमी व्रत का पारण टाइम 2023
जन्माष्टमी व्रत का पारण 8 सितंबर की सुबह 6 बजकर 2 मिनट के बाद किया जा सकेगा। वहीं कई जगह जन्माष्टमी की रात में भी व्रत खोल लिया जाता है। ऐसे में 7 सितंबर की देर रात 12:42 के बाद व्रत पारण का समय रहेगा।

SEPT 08, 2023 00:27 IST

दिल्ली के इस्कॉन पहुंचे HM अमित शाह

SEPT 08, 2023 00:25 IST

दिल्ली के इस्कॉन पहुंचे HM अमित शाह

SEPT 07, 2023 23:57 IST

Aarti For Janmashtami: जन्माष्टमी आरती

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
गले में बैजंती माला,
बजावै मुरली मधुर बाला ।
श्रवण में कुण्डल झलकाला,
नंद के आनंद नंदलाला ।
गगन सम अंग कांति काली,
राधिका चमक रही आली ।
लतन में ठाढ़े बनमाली
भ्रमर सी अलक,
कस्तूरी तिलक,
चंद्र सी झलक,
ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै,
देवता दरसन को तरसैं ।
गगन सों सुमन रासि बरसै ।
बजे मुरचंग,
मधुर मिरदंग,
ग्वालिन संग,
अतुल रति गोप कुमारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥

जहां ते प्रकट भई गंगा,
सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
स्मरन ते होत मोह भंगा
बसी शिव सीस,
जटा के बीच,
हरै अघ कीच,
चरन छवि श्रीबनवारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू,
बज रही वृंदावन बेनू ।
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
हंसत मृदु मंद,
चांदनी चंद,
कटत भव फंद,
टेर सुन दीन दुखारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
SEPT 07, 2023 23:49 IST

Janmashtami Aarti Time: जन्माष्टमी आरती टाइम

जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त शुरू हो गया है। विधि विधान श्री कृष्ण की पूजा करके उनकी आरती करें।
SEPT 07, 2023 23:37 IST

Janmashtami Ke Din Chand Kab Niklega: जन्माष्टमी का चांद कब निकलेगा

जानकारी अनुसार चांद रात करीब 11 बजकर 43 मिनट पर दिखाई दे सकता है। इसके बाद जन्माष्टमी पूजा का मुहूर्त शुरू हो जाएगा।
SEPT 07, 2023 23:24 IST

Panchamrit Recipe In Hindi: पंचामृत रेसिपी

पंचामृत बनाने के लिए सामग्री
दूध – 1 कप
दही – 1 कप
घी – 2 टी स्पन
शहद – 2 टेबलस्पून
चीनी – 2 टेबलस्पून
तुलसी पत्ते – 3-4

पंचामृत बनाने की विधि: पंचामृत बनाने के लिए दही लें और उसे एक पतीली में डालकर अच्छी तरह से फेंटे। इसके बाद दही में दूध डालें और उसे एक बड़ी चम्मच की मदद से अच्छी तरह से दही के साथ मिक्स कर दें। अब इस मिश्रण में 2 टेबलस्पून शहद और 2 टेबल स्पून चीनी डालें और इसे अच्छे से मिला लें। भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाने के लिए पंचामृत का भोग बनकर तैयार है। पंचामृत में आखिर में तुलसी के पत्ते डाल दें।
SEPT 07, 2023 23:03 IST

Janmashtami Bhajan List: जन्माष्टमी भजन लिस्ट

नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की | Krishna Janmashtami Bhajan Lyrics
हे आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ||
हे ब्रज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ||

जय हो नन्द लाल की, जय यशोदा लाल की
गोकुल के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
गोकुल के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ||
हे आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की
गोकुल के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
गोकुल के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ||

जय यशोदा लाल की, जय हो नन्द लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की ||
जय हो नन्द लाल की, जय यशोदा लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की ||

हे कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की ||
जय हो नन्द लाल की, जय यशोदा लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की ||

हे गौएँ चराने आये, जय हो पशुपाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ||
जय हो नन्द लाल की, जय यशोदा लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की ||

पूनम के चन्द्र जैसी, सोभा हे पालकी
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की |
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की
हे आनंद उमंग भयो, जय कन्हैया लाल की ||

ये भक्तों के आनंद कन्द, जय यशोदा लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की |
जय यशोदा लाल की, जय हो गोपाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ||

आनंद से बोलो सब, जय हो ब्रज लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की
हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैया लाल की |
जय हो ब्रज लाल की, पावन प्रतिपाल की
हे नन्द के आनंद भयो, जय हो नन्द लाल की
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ||
SEPT 07, 2023 22:47 IST

Janmashtami Vrat Kholne Ka Samay: जन्माष्टमी व्रत खोलने का समय

जन्माष्टमी व्रत का पारण 8 सितंबर की सुबह 6 बजकर 2 मिनट के बाद किया जा सकेगा। वहीं कई जगह जन्माष्टमी की रात में भी व्रत खोल लिया जाता है। ऐसे में 7 सितंबर की देर रात 12:42 के बाद व्रत पारण का समय रहेगा।
SEPT 07, 2023 22:13 IST

Mathura Janmashtami Live: मथुरा जन्माष्टमी लाइव प्रसारण

SEPT 07, 2023 21:52 IST

Krishna Janmashtami Aarti: कृष्ण जन्माष्टमी आरती

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

गले में बैजंती माला,
बजावै मुरली मधुर बाला ।
श्रवण में कुण्डल झलकाला,
नंद के आनंद नंदलाला ।
गगन सम अंग कांति काली,
राधिका चमक रही आली ।
लतन में ठाढ़े बनमाली
भ्रमर सी अलक,
कस्तूरी तिलक,
चंद्र सी झलक,
ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै,
देवता दरसन को तरसैं ।
गगन सों सुमन रासि बरसै ।
बजे मुरचंग,
मधुर मिरदंग,
ग्वालिन संग,
अतुल रति गोप कुमारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥

जहां ते प्रकट भई गंगा,
सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
स्मरन ते होत मोह भंगा
बसी शिव सीस,
जटा के बीच,
हरै अघ कीच,
चरन छवि श्रीबनवारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू,
बज रही वृंदावन बेनू ।
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
हंसत मृदु मंद,
चांदनी चंद,
कटत भव फंद,
टेर सुन दीन दुखारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
SEPT 07, 2023 21:45 IST

Janmashtami Chand Nikalne Ka Time: जन्माष्टमी पर चांद निकलने का समय क्या रहेगा

जन्माष्टमी पर चांद निकलने का समय रात 11 बजकर 43 मिनट का है। वहीं कान्हा की पूजा का समय रात 11 बजकर 55 मिनट से शुरू होगा।
SEPT 07, 2023 21:13 IST

Janmashtami Ka Fast Kaise Kholte Hain: जन्माष्टमी का व्रत कैसे खोलते हैं

जन्माष्टमी का व्रत कुछ लोग रात में 12 बजे कान्हा की पूजा करने के बाद खोलते हैं तो वहीं कुछ लोग अगले दिन सूर्योदय के बाद ये व्रत खोलते हैं।
SEPT 07, 2023 20:55 IST

Krishna Janmashtami Mantra: श्री कृष्ण जन्माष्टमी मंत्र

-ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नम
-ऊँ कृष्णाय नम:
-कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणत क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम:
-ऊँ नमो भगवते श्रीगोविन्दाय नम:
-हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे
SEPT 07, 2023 20:38 IST

Janmashtami Moon Time 2023: चांद निकलने के बाद ऐसे करें बाल गोपाल की पूजा

  • बाल गोपाल का श्रृंगार करके विधि विधान से उनकी पूजा करें।
  • बाल गोपाल का पालना सजा दें और उसमें उन्हें झूला झुलाएँ।
  • उनका दूध और गंगाजल से अभिषेक करें।
  • इसके बाद उन्हें नए वस्त्र पहनाएँ।
  • उन्हें मुकुट लगाएँ, बांसुरी दें।
  • चंदन और वैजयंती माला से लड्डू गोपाल का श्रृंगार करें।
  • भोग में उन्हें तुलसीदल, फल, मखाने, मक्खन, मिश्री का भोग लगाएँ। साथ में मिठाई, मेवे, और पंजीरी आदि अर्पित करें।
  • अंत में धूप दीप करें और भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की आरती उतारें और पूजा में शामिल सभी लोगों को प्रसाद बांटे।
SEPT 07, 2023 20:10 IST

आज चांद कितने बजे निकलेगा 2023

हर किसी को जन्माष्टमी के चांद निकलने का बेसब्री से इंतजार है। दरअसल कई लोग इस दिन चांद की पूजा भी करते हैं। तो बता दें आज चांद निकलने का समय रात 11:43 का है।
SEPT 07, 2023 19:48 IST

7 September 2023 Ko Chand Kab Niklega: जानें चांद निकलने का समय

जन्माष्टमी के दिन कई लोग चांद निकलने के बाद अपना व्रत खोलते हैं। इस दिन चांद निकलने का समय रात 11 बजकर 43 मिनट का है
SEPT 07, 2023 19:33 IST

Aaj Chand Kab Niklega: आज चांद कब निकलेगा

आज चांद रात 11 बजकर 43 मिनट पर निकलेगा। इससे पहले जन्माष्टमी पूजा की तैयारी पूरी कर लें।
SEPT 07, 2023 19:21 IST

Krishna Janmashtami Aarti Lyrics In Hindi

Krishna Janmashtami Aarti Lyrics In Hindi
SEPT 07, 2023 19:10 IST

Panchamrit Recipe In Hindi: पंचामृत बनाने का तरीका

पंचामृत बनाने के लिए सामग्री
दूध – 1 कप
दही – 1 कप
घी – 2 टी स्पन
शहद – 2 टेबलस्पून
चीनी – 2 टेबलस्पून
तुलसी पत्ते – 3-4

पंचामृत बनाने की विधि: पंचामृत बनाने के लिए दही लें और उसे एक पतीली में डालकर अच्छी तरह से फेंटे। इसके बाद दही में दूध डालें और उसे एक बड़ी चम्मच की मदद से अच्छी तरह से दही के साथ मिक्स कर दें। अब इस मिश्रण में 2 टेबलस्पून शहद और 2 टेबल स्पून चीनी डालें और इसे अच्छे से मिला लें। भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाने के लिए पंचामृत का भोग बनकर तैयार है। पंचामृत में आखिर में तुलसी के पत्ते डाल दें।
SEPT 07, 2023 18:53 IST

Krishna Aarti Lyrics (श्री कृष्ण जी की आरती)

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
गले में बैजंती माला,
बजावै मुरली मधुर बाला ।
श्रवण में कुण्डल झलकाला,
नंद के आनंद नंदलाला ।
गगन सम अंग कांति काली,
राधिका चमक रही आली ।
लतन में ठाढ़े बनमाली
भ्रमर सी अलक,
कस्तूरी तिलक,
चंद्र सी झलक,
ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै,
देवता दरसन को तरसैं ।
गगन सों सुमन रासि बरसै ।
बजे मुरचंग,
मधुर मिरदंग,
ग्वालिन संग,
अतुल रति गोप कुमारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥

जहां ते प्रकट भई गंगा,
सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
स्मरन ते होत मोह भंगा
बसी शिव सीस,
जटा के बीच,
हरै अघ कीच,
चरन छवि श्रीबनवारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू,
बज रही वृंदावन बेनू ।
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
हंसत मृदु मंद,
चांदनी चंद,
कटत भव फंद,
टेर सुन दीन दुखारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की...॥

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥