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नई दिल्ली समेत इन शहरों में दिखाई दिया करवा चौथ का चांद

लवीना शर्माUpdated Nov 2, 2023, 09:53 IST
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 नई दिल्ली समेत इन शहरों में दिखाई दिया करवा चौथ का चांद

नई दिल्ली समेत इन शहरों में दिखाई दिया करवा चौथ का चांद

करवा चौथ भारत का एक लोकप्रिय पर्व है। इस दिन शादीशुदा महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। तो वहीं कई जगह ये व्रत कुंवारी लड़कियों द्वारा भी अच्छे वर की प्राप्ति के लिए रखा जाता है। यह व्रत सूर्योदय से पहले सरगी के साथ शुरू हो जाता है और इसकी समाप्ति चांद निकलने के बाद होती है। इस व्रत में चंद्र दर्शन जरूरी माना जाता है। साल 2023 में करवा चौथ व्रत 1 नवंबर को पड़ रहा है।

Karwa Chauth Moonrise Time Today City Wise: Check Here

Karva Chauth 2023 Puja Time (करवा चौथ पूजा समय 2023)
करवा चौथ पूजा मुहूर्त (1 नवंबर 2023) - 05:29 PM से 06:45 PM
करवा चौथ व्रत समय (1 नवंबर 2023) - 06:13 AM से 08:14 PM
करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय (1 नवंबर 2023) - 08:14 PM
चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - 31 अक्टूबर 2023 को 09:30 PM बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त - 01 नवम्बर 2023 को 09:19 PM बजे

Karwa Chauth Vrat Katha, Story, Kahani in Hindi: Read Here

Karva Chauth Sargi: करवा चौथ में सरगी क्या है?
करवा चौथ का त्यौहार सरगी के साथ आरम्भ होता है। सरगी करवा चौथ के दिन सूर्योदय से पहले किये जाने वाले भोजन को कहते हैं। जो महिलाएं इस दिन व्रत रखती हैं उनकी सास उनके लिए सरगी बनाती हैं। वहीं जिनकी सास नहीं होती वो अपने पति से या खुद ही सरगी बनाती हैं। सरगी में सास द्वारा अपनी बहू को पहनने के लिए नए वस्त्र, श्रृंगार का समान और खाने-पीने की चीजें दी जाती हैं।

Karva Chauth Puja Vidhi (करवा चौथ व्रत की पूजा-विधि)
-सुबह सूर्योदय से पहले उठ जाएं और स्नान आदि करके पूजा घर की सफ़ाई कर लें।
-फिर सास द्वारा दिया हुआ भोजन करें और भगवान की पूजा करके अपना व्रत शुरू करें।
-इसके बाद शाम में फिर से स्नान करें और अच्छे से तैयार हो जाएं।
-इसके बाद एक मिट्टी की वेदी पर सभी देवताओं की स्थापना करें। जिसमें 10 से 13 करवे रखें।
-एक थाली में पूजन-सामग्री में धूप, दीप, चन्दन, रोली, सिन्दूर आदि चीजें रखें। दीपक में पर्याप्त मात्रा में घी रखें जिससे वह पूरे समय तक जलता रहे।
-फिर चन्द्रमा निकलने से लगभग एक घंटे पहले पूजा शुरू करनी चाहिए।
-शाम की पूजा के समय व्रत कथा भी जरूर सुनें।
-फिर रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने की तैयारी करें।
-इस दिन चन्द्र दर्शन छलनी के द्वारा करना चाहिए। साथ ही दर्शन के समय अर्घ्य देते हुए चन्द्रमा की पूजा करनी चाहिए।
-चंद्रमा की पूजा के बाद उसे भोग लगाया जाता है।
-चन्द्र-दर्शन के बाद बहू अपनी सास को थाली में सजाकर नए वस्त्र, मिष्ठान, फल, मेवे, रूपये आदि देती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त करती है।

NOV 01, 2023 20:27 IST

करवा चौथ का चांद दिखने से पहले जरूर पढ़ें गणेश जी की कहानी

Ganesh Ji Ki Kahani (गणेश जी की कहानी)
पौराणिक कथा अनुसार काफी समय पहले की बात है एक गांव में एक अंधी बुढ़िया रहती थी जिसका एक लड़का और बहू थी। उसका परिवार गरीब था। अन्धी बुढ़िया रोजाना गणेश जी की विधि विधान पूजा किया करती थी। गणेश जी उस बुढ़िया की भक्ति से प्रसन्न हुए और एक दिन साक्षात् उसके सन्मुख आकर कहते हैं कि मैं आपकी पूजा से प्रसन्न हूं। जो वर मांगना है वो मांग लो। बुढिया ने कहा मुझे मांगना नहीं आता तो कैसे और क्या मांगू।

तब गणेश जी बोले अपने बहू- बेटे से पूछकर मांग लो। तब बुढ़िया अपने पुत्र और बहू से पूछने गई तो बेटा बोला कि धन मांग लो और बहू ने कहा की पोता मांग लो। तब बुढ़िया ने सोचा कि ये तो अपने-अपने ही मतलब की बातें कर रहे हैं। फिर बुढ़िया ने पड़ोसियों से पूछा तो, पड़ोसियों ने कहा बुढ़िया तेरी थोड़ी सी जिंदगी बची है। तो तूं क्यों मांगे धन और पोता, तू तो केवल अपने नेत्र मांग ले जिससे तेरी बची हुई जिंदगी सुख से गुजरे।

उस बुढ़िया ने बेटे-बहू और पड़ोसियों की बातें सुनने के बाद घर में जाकर सोचा, कि क्यों न ऐसी चीज मांग लूं जिसमें बेटा बहू और मेरा सबका ही भला हो जाए। जब दूसरे दिन श्री गणेश जी आये तो बुढ़िया बोली, हे गणराज! यदि आप मुझ पर प्रसन्न हैं तो मुझे नौ करोड़ की माया दें, निरोगी काया दें, अमर सुहाग दें, आंखों में प्रकाश दें, नाती पोते दें, और समस्त परिवार को सुख प्रदान करें। फिर अंत में मोक्ष दें।

बुढ़िया की बात सुनकर गणेश जी बोले तूने तो मुझे ठग लिया। खैर जो कुछ तूने मांगा है वह सभी तुझे मिलेगा। यूं कहकर गणेश जी अंतर्ध्यान हो गये। हे गणेश जी! जैसे बुढिया मां को मांगे अनुसार सब कुछ दिया वैसे ही हम सबको देना।
NOV 01, 2023 20:00 IST

Karva Chauth Moon Time In Dehradun: करवा चौथ का चांद देहरादून में कब दिखेगा

करवा चौथ का चांद देहरादून में रात 8 बजकर 6 मिनट पर दिखेगा।
NOV 01, 2023 19:34 IST

करवा चौथ चांद की पूजा मंत्र( Karwa Chauth Chand Puja Mantra)

करकं क्षीरसंपूर्णा तोयपूर्णमयापि वा। ददामि रत्नसंयुक्तं चिरंजीवतु मे पतिः॥ इति मन्त्रेण करकान्प्रदद्याद्विजसत्तमे।
श्रीगणेश का मंत्र - ॐ गणेशाय नमः
शिव का मंत्र - ॐ नमः शिवाय
पार्वतीजी का मंत्र - ॐ शिवायै नमः
स्वामी कार्तिकेय का मंत्र - ॐ षण्मुखाय नमः
चंद्रमा का पूजन मंत्र - ॐ सोमाय नमः
'मम सुख सौभाग्य पुत्र-पौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।'
'नमस्त्यै शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभा। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।'
NOV 01, 2023 19:03 IST

karva chauth ka chandrama kab nikalega: करवा चौथ का चंद्रमा कब निकलेगा

  • गाजियाबाद में करवा चौथ का चांद रात 08:14 पर दिखाई देगा।
  • लुधियाना में करवा चौथ का चांद रात 08:13 पर दिखाई देगा।
  • वाराणसी में करवा चौथ का चांद रात 08:00 पर दिखाई देगा।
  • श्रीनगर में करवा चौथ का चांद रात 08:07 पर दिखाई देगा।
  • अलीगढ़ में करवा चौथ का चांद रात 08:13 पर दिखाई देगा।
  • गुरुग्राम में करवा चौथ का चांद रात 08:16 पर दिखाई देगा।
NOV 01, 2023 17:59 IST

Karwa Chauth 2023 Puja Time ( करवा चौथ पूजा टाइम)

पंचांग के अनुसार, करवा चौथ व्रत 01 नवंबर को प्रातः 06: 33 मिनट से आरंभ होकर चंद्रोदय तक रखा जाएगा। व्रत की कुल अवधि 13 घंटे 42 मिनट की है। ध्यान रहे कि करवा चौथ का व्रत चंद्रदर्शन के बाद उन्हें अर्घ्य देने के बाद ही पारण किया जाता है।
NOV 01, 2023 17:41 IST

करवा चौथ पूजा विधि ( Karva Chauth Puja Vidhi)

करवा चौथ की पूजा के लिए पूजा के स्‍थान पर सही दिशा देखकर करवा माता की तस्‍वीर दीवार पर लगा लें। फिर पूजा की थाली तैयार कर लें। पूजा के शुभ मुहूर्त में अपनी सास या फिर जेठानी या फिर किसी अन्‍य पूज्‍य महिला से करवा चौथ की व्रत कथा सुनेंकथा सुनते वक्‍त थाली में जल से भरा लोटा और मिट्टी के करवे में जल भरकर उसे ढक्‍कन सहित रख लें। इसके अलावा थाली में रोली, गेहूं, धूप, दीपक, सींक आदि सब रख लें। कथा सुनने के बाद 7 बार करवे की अदला-बदली करें। उसके बाद इस जल से भरे करवे को रात में चंद्रमा को अर्घ्‍य देने के लिए रख लें। फिर चंद्रमा के निकलने के बाद दीपक जलाकर पूजा करें और आरती उतारे। छलनी से चंद्रमा के दर्शन करने के बाद पति का चेहरा देखकर अपना व्रत खोलें। उसके बाद घर के सभी बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर भोजन करें।
NOV 01, 2023 17:25 IST

Ganesh Ji ke Kahani ( करवा चौथ गणेश जी की कहानी)

एक साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी। एक बार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सेठानी सहित उसकी सातों बहुएं और उसकी बेटी ने भी करवा चौथ का व्रत रखा. रात्रि के समय जब साहूकार के सभी लड़के भोजन करने बैठे तो उन्होंने अपनी बहन से भी भोजन कर लेने को कहा। इस पर बहन ने कहा- भाई, अभी चांद नहीं निकला है। चांद के निकलने पर उसे अर्घ्य देकर ही मैं आज भोजन करूंगी.साहूकार के बेटे अपनी बहन से बहुत प्रेम करते थे, उन्हें अपनी बहन का भूख से व्याकुल चेहरा देख बेहद दुख हुआ। साहूकार के बेटे नगर के बाहर चले गए और वहां एक पेड़ पर चढ़ कर अग्नि जला दी। घर वापस आकर उन्होंने अपनी बहन से कहा- देखो बहन, चांद निकल आया है। अब तुम उन्हें अर्घ्य देकर भोजन ग्रहण करो। साहूकार की बेटी ने अपनी भाभियों से कहा- देखो, चांद निकल आया है, तुम लोग भी अर्घ्य देकर भोजन कर लो। ननद की बात सुनकर भाभियों ने कहा- बहन अभी चांद नहीं निकला है, तुम्हारे भाई धोखे से अग्नि जलाकर उसके प्रकाश को चांद के रूप में तुम्हें दिखा रहे हैं। साहूकार की बेटी अपनी भाभियों की बात को अनसुनी करते हुए भाइयों द्वारा दिखाए गए चांद को अर्घ्य देकर भोजन कर लिया। इस प्रकार करवा चौथ का व्रत भंग करने के कारण विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश साहूकार की लड़की पर अप्रसन्न हो गए। गणेश जी की अप्रसन्नता के कारण उस लड़की का पति बीमार पड़ गया और घर में बचा हुआ सारा धन उसकी बीमारी में लग गया। साहूकार की बेटी को जब अपने किए हुए दोषों का पता लगा तो उसे बहुत पश्चाताप हुआ। उसने गणेश जी से क्षमा प्रार्थना की और फिर से विधि-विधान पूर्वक चतुर्थी का व्रत शुरू कर दिया। उसने उपस्थित सभी लोगों का श्रद्धानुसार आदर किया और तदुपरांत उनसे आशीर्वाद ग्रहण किया. इस प्रकार उस लड़की के श्रद्धा-भक्ति को देखकर एकदंत भगवान गणेश जी उस पर प्रसन्न हो गए और उसके पति को जीवनदान प्रदान किया। उसे सभी प्रकार के रोगों से मुक्त करके धन, संपत्ति और वैभव से युक्त कर दिया।
NOV 01, 2023 17:01 IST

करवा चौथ की आरती (Karva Chauth Aarti Lyrics)

ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।ॐ जय करवा मैया...सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी।यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी।।ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती।दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती।।ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे।गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे।।ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे।व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे।।ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।
NOV 01, 2023 16:40 IST

Rangoli Design For Karva chauth ( करवा चौथ रंगोली डिजाइन)

Rangoli Design For Karva chauth ( करवा चौथ रंगोली डिजाइन)
NOV 01, 2023 16:22 IST

करवा चौथ 2023 शुभ मुहूर्त ( Puja Muhurat For Karwa Chauth )

हर साल करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। इस बार चतुर्थी तिथि का आरंभ 31 अक्टूबर रात 9 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा और 1 नवंबर रात 9 बजकर 19 बजे इसका समापन होगा। ऐसे में करवा चौथ का व्रत 1 नवंबर को रखा जाएगा। बता दें कि व्रत का समय सुबह 6 बजकर 33 मिनट से शुरू होगा और रात 8 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। वहीं पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 36 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 54 मिनट तक है।
NOV 01, 2023 16:01 IST

करवा चौथ पूजा विधि- Karwa Chauth 2023 Pujan Vidhi

सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें, स्नान करने के बाद मंदिर की साफ- सफाई पूजा कर व्रत का संकल्प लें। फिर शाम में सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करते हुए चंद्रमा और करवा माता की पूजा करें। करवा चौथ के व्रत में चंद्रमा की पूजा की जाती है। पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ की कथा पढ़े। चंद्रमा को अर्घ्य दें छलनी से पहले चंद्रमा को देखें फिर पति को देखें और पति द्वारा पानी पी कर व्रत पूरा करें।
NOV 01, 2023 15:41 IST

करवा चौथ की आरती (Karva Chauth Aarti)

ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।ॐ जय करवा मैया...सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी।यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी।।ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती।दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती।।ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे।गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे।।ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे।व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे।।ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।
NOV 01, 2023 15:21 IST

16 Shringar list for Karva chauth: सोलह श्रृंगार लिस्ट

बिंदीकाजललिपिस्टिकसिंदूरगजराआलतामेहंदीलाल साड़ीमांगटीकालाल चूड़ीबिछियापायलकमरबंदमंगलसूत्रनेलपेंटकान की बाली
NOV 01, 2023 15:00 IST

Karwa Chauth Thali Item For Puja: करवा चौथ की थाली का सामान

करवा चौथ की थाली में एक आटे से बना दीपक होना चाहिए, उस दीपक में रुई की बात्ती का होना जरुरी है.मिट्टी का करवा पूजा की थाली में होना चाहिए.एक जल का कलश होना बहुत जरुरी है जिससे आप चंद्रमा को अर्घ्य देंगे.छलनी का होना भी जरुरी है, जिससे आप चांद के दर्शन करें
NOV 01, 2023 14:42 IST

Karva Chauth 2023 Puja Time In Meerut : मेरठ करवा चौथ पूजा समय

मेरठ में 05:34 PM से 06:52 PM तक
NOV 01, 2023 14:21 IST

करवा चौथ चांद पूजा विधि ( Karwa Chauth Chand Puja Vidhi)

करवा चौथ के दिन चांद निकलने के साथ पहले उसे छलनी से देखना चाहिए। छलनी में चांद देखते समय उसमे एक दीपक जरूर रखें। करवा चौथ के दिन शाम को कथा पूजा करने के बाद चांदी के सिक्के और अक्षत, शक्कर दूध कलश में डालकर चंद्रमा को अर्घ्य दें। अर्घ्य देने के बाद ही करवा चौथ की पूजा सफल मानी जाती है।
NOV 01, 2023 14:00 IST

करवा चौथ कथा टाइम ( Karva Chauth Katha Time)

करवा चौथ की कथा दोपहर के बाद ही सुनी जाती है। इसलिए आज 2 बजकर 30 मिनट के बाद कथा सुनी जा सकती है। इस कथा को आप शाम से पहले सुन सकते हैं।
NOV 01, 2023 13:40 IST

Ganesh Ji ke Kahani ( करवा चौथ गणेश जी की कहानी)

एक साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी। एक बार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सेठानी सहित उसकी सातों बहुएं और उसकी बेटी ने भी करवा चौथ का व्रत रखा. रात्रि के समय जब साहूकार के सभी लड़के भोजन करने बैठे तो उन्होंने अपनी बहन से भी भोजन कर लेने को कहा। इस पर बहन ने कहा- भाई, अभी चांद नहीं निकला है। चांद के निकलने पर उसे अर्घ्य देकर ही मैं आज भोजन करूंगी.साहूकार के बेटे अपनी बहन से बहुत प्रेम करते थे, उन्हें अपनी बहन का भूख से व्याकुल चेहरा देख बेहद दुख हुआ। साहूकार के बेटे नगर के बाहर चले गए और वहां एक पेड़ पर चढ़ कर अग्नि जला दी। घर वापस आकर उन्होंने अपनी बहन से कहा- देखो बहन, चांद निकल आया है। अब तुम उन्हें अर्घ्य देकर भोजन ग्रहण करो। साहूकार की बेटी ने अपनी भाभियों से कहा- देखो, चांद निकल आया है, तुम लोग भी अर्घ्य देकर भोजन कर लो। ननद की बात सुनकर भाभियों ने कहा- बहन अभी चांद नहीं निकला है, तुम्हारे भाई धोखे से अग्नि जलाकर उसके प्रकाश को चांद के रूप में तुम्हें दिखा रहे हैं। साहूकार की बेटी अपनी भाभियों की बात को अनसुनी करते हुए भाइयों द्वारा दिखाए गए चांद को अर्घ्य देकर भोजन कर लिया। इस प्रकार करवा चौथ का व्रत भंग करने के कारण विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश साहूकार की लड़की पर अप्रसन्न हो गए। गणेश जी की अप्रसन्नता के कारण उस लड़की का पति बीमार पड़ गया और घर में बचा हुआ सारा धन उसकी बीमारी में लग गया। साहूकार की बेटी को जब अपने किए हुए दोषों का पता लगा तो उसे बहुत पश्चाताप हुआ। उसने गणेश जी से क्षमा प्रार्थना की और फिर से विधि-विधान पूर्वक चतुर्थी का व्रत शुरू कर दिया। उसने उपस्थित सभी लोगों का श्रद्धानुसार आदर किया और तदुपरांत उनसे आशीर्वाद ग्रहण किया. इस प्रकार उस लड़की के श्रद्धा-भक्ति को देखकर एकदंत भगवान गणेश जी उस पर प्रसन्न हो गए और उसके पति को जीवनदान प्रदान किया। उसे सभी प्रकार के रोगों से मुक्त करके धन, संपत्ति और वैभव से युक्त कर दिया।
NOV 01, 2023 13:20 IST

करवा चौथ पूजा विधि- Karwa Chauth 2023 Pujan Vidhi

सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें, स्नान करने के बाद मंदिर की साफ- सफाई पूजा कर व्रत का संकल्प लें। फिर शाम में सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करते हुए चंद्रमा और करवा माता की पूजा करें। करवा चौथ के व्रत में चंद्रमा की पूजा की जाती है। पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ की कथा पढ़े। चंद्रमा को अर्घ्य दें छलनी से पहले चंद्रमा को देखें फिर पति को देखें और पति द्वारा पानी पी कर व्रत पूरा करें।
NOV 01, 2023 12:59 IST

करवा चौथ 2023 शुभ मुहूर्त ( Puja Muhurat For Karwa Chauth )

हर साल करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। इस बार चतुर्थी तिथि का आरंभ 31 अक्टूबर रात 9 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा और 1 नवंबर रात 9 बजकर 19 बजे इसका समापन होगा। ऐसे में करवा चौथ का व्रत 1 नवंबर को रखा जाएगा। बता दें कि व्रत का समय सुबह 6 बजकर 33 मिनट से शुरू होगा और रात 8 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। वहीं पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 36 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 54 मिनट तक है।