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Karwa Chauth 2022 Sargi Time: करवा चौथ पर सुबह इतने बजे तक ही ले सकेंगी सरगी, जानें मुहूर्त

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  • Updated Oct 12, 2022, 06:27 PM IST

Karwa Chauth 2022 Sargi Muhurat And Vidhi: करवा चौथ व्रत की शुरुआत सुबह सरगी खाकर की जाती है। यहां आप जानेंगे सरगी लेने की विधि और मुहूर्त।

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Karwa Chauth Sargi Time: करवा चौथ सरगी टाइम

KEY HIGHLIGHTS
  • करवा चौथ व्रत की शुरुआत सरगी लेकर की जाती है। ये सरगी सास अपनी बहू को देती है।
  • सरगी में श्रृंगार सामग्री और खाने-पीने की चीजें होती हैं।
  • सरगी लेने के बाद महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं।

Karwa Chauth 2022 Sargi Timing: पंचांग अनुसार प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ व्रत रखा जाता है। इस साल ये व्रत 13 अक्टूबर को रखा जाएगा। सुहागिन महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और शाम के समय शुभ मुहूर्त में पूजा करती हैं। फिर रात में चांद को अर्घ्य देकर इस व्रत का पारण करती हैं। मान्यता है इस व्रत को करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान मिलता है। इस व्रत की शुरुआत महिलाएं सुबह-सुबह सरगी खाकर करती हैं। जानिए करवा चौथ पर सरगी खाने का मुहूर्त।

करवा चौथ पर सरगी खाने का शुभ मुहूर्त (Karwa Chauth 2022 Sargi Muhurat):

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार करवा चौथ के दिन प्रातः सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण कर लेना चाहिए। 13 अक्टूबर को सरगी खाने का मुहू्र्त सुबह 4 बजकर 46 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 36 मिनट तक रहेगा।

Karwa Chauth Mehndi Designs 2022

क्या होती है सरगी? सरगी एक प्रकार की थाली होती है जिसमें खाने की कुछ विशेष चीजें रखी जाती हैं। सरगी सास अपनी बहू को देती है। सरगी की थाली में खाने के अलावा 16 श्रृंगार की समाग्री, ड्रायफ्रूट्स, फल और मिष्ठान भी होते हैं। सरगी में रखे गए भोजन को ग्रहण करके ही महिला दिनभर निर्जला उपवास करती है। सास न होने पर सरगी जेठानी या बहन भी सकती है।

सरगी खाने की विधि: सरगी ग्रहण करने के लिए सुबह-सुबह सूर्योदय से पहले ही उठ जाएं। फिर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें। फिर सास का आशीर्वाद लें और उनके द्वारा दी गई सरगी ग्रहण करें। ध्यान रखें कि सरगी में सिर्फ सात्विक चीजें ही खाएं। सरगी की थाली में मिष्ठान्न, फल, दूध, दही जैसी सात्विक चीजें रखी जाती हैं।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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