Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि की अष्टमी आज, किस महाविद्या का अष्टमी को करें पूजन, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि व लाभ

Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि के आठवें दिन अष्टमी तिथि को दस महाविद्याओं में 8वीं महाविद्या मां बगलामुखी का पूजन किया जाता है। 26 जनवरी 2026 को माघ माह की गुप्त नवरात्रि की अष्टमी है। मां बगलामुखी का पूजन शुत्र नाश करता है। मां के पूजन से सभी प्रकार की बाधाओं और कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। इस कारण मां को शत्रु नाशक भी कहा गया है। मां का स्वरूप पीला होने के कारण मां को पीतांबरा माई कहा जाता है। आइए जानते हैं कि मां की पूजा विधि क्या है?

Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि के दौरान दस महाविद्याओं की उपासना का विशेष महत्व माना गया है। इन्हीं महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या मां बगलामुखी हैं, जिनकी पूजा गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि को विशेष रूप से की जाती है। वर्ष 2026 में माघ माह की गुप्त नवरात्रि की अष्टमी 26 जनवरी को पड़ रही है। इस दिन मां बगलामुखी की साधना शत्रु बाधा, कोर्ट-कचहरी, नकारात्मक शक्तियों और मानसिक तनाव से मुक्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। तंत्र और साधना मार्ग में मां बगलामुखी को स्तंभन शक्ति की देवी कहा गया है। मां को पीतांबरा माई के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि मां का स्वरूप पीला है।

मां बगलामुखी पूजा विधि

मां बगलामुखी पूजा विधि

कौन हैं मां बगलामुखी?

मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं। इन्हें ‘स्तंभन शक्ति’ की देवी माना जाता है, यानी ऐसी शक्ति जो शत्रु की बुद्धि, वाणी और कर्म को रोकने की क्षमता रखती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब जीवन में बार-बार विघ्न, विरोध, षड्यंत्र या अन्याय का सामना करना पड़ता है, तब मां बगलामुखी की उपासना अत्यंत फलदायी होती है। मां बगलामुखी को पीतांबरा देवी भी कहा जाता है और इनकी पूजा में पीले रंग का विशेष महत्व होता है।

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