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धनतेरस लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम कितने बजे से शुरू होगा, जानें पूजा की विधि और मंत्र, कथा, आरती सबकुछ

लवीना शर्माUpdated Nov 13, 2023, 15:17 IST
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धनतेरस लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम कितने बजे से शुरू होगा, जानें पूजा की विधि और मंत्र, कथा, आरती सबकुछ

धनतेरस लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम कितने बजे से शुरू होगा, जानें पूजा की विधि और मंत्र, कथा, आरती सबकुछ

धनतेरस से 5 दिनों तक चलने वाले दिवाली उत्सव की शुरुआत हो जाती है। इस बार धनतेरस 10 नवंबर को पड़ रहा है। इसे धन त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू पंचांग अनुसार धनतेरस का त्योहार हर साल कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को आता है। इस दिन माता लक्ष्मी के साथ भगवान धन्वंतरि और कुबेर देवता की भी पूजा की जाती है। साथ ही कई लोग धनतेरस के दिन यमाराज की भी पूजा करते हैं और शाम के समय यम के नाम का दीपक भी जलाते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन सागर मंथन से भगवान धनवन्तरी जी अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे तो इसके दो दिन बाद मां लक्ष्मी प्रकट हुई थीं।

धनतेरस पूजा शुभ मुहूर्त 2023 (Dhanteras Puja Muhurat 2023)
धनतेरस पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त 10 नवंबर की शाम 5 बजकर 47 मिनट से 7 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। बता दें धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में की जाती है। इस दिन प्रदोष काल 05:30 से 08:08 तक रहेगा वहीं वृषभ काल 05:47 से 07:43 तक रहेगा।

धनतेरस पूजा विधि (Dhanteras Puja Vidhi)
-प्रातः स्नान के बाद एक साफ चौकी पर मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।
-मां लक्ष्मी की प्रतिमा के पास लाल कपड़े पर अक्षत डालें और वहां कलश स्थापित करें।
-फिर नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर कलश पर ऐसे रखें कि उसका ऊपरी हिस्सा नजर आए।
-फिर चौकी पर घी का दीपक जलाएं और मां लक्ष्मी के सामने रखें।
-मां लक्ष्मी को धूप, दीप, नैवेद्य, पुष्प, फल, पान, सुपारी आदि चीजें अर्पित करें।
-मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं और उनके मंत्रों का जाप करें।
-मंत्र जाप के बाद लक्ष्मी चालीसा पढ़ें और माता की आरती गाएं।
-फिर भोग को प्रसाद के रूप में स्वयं भी ग्रहण करें और परिवार के सदस्यों में भी बांट दें।

धनतेरस 2023 मां लक्ष्मी के मंत्र (Dhanteras 2023 Maa Lakshmi Mantras)
-ॐ लक्ष्मी नम:
-ॐ धनाय नम:
-धनाय नमो नम:
-ऊं ह्रीं त्रिं हुं फट
-लक्ष्मी नारायण नम:

NOV 10, 2023 21:06 IST

Dhanvantri Aarti: धन्वंतरि आरती

जय धन्वन्तरि देवा, जय धन्वन्तरि जी देवा ।जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा ।।जय धन्वन्तरि देवा, जय धन्वन्तरि जी देवा ॥ तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए ।देवासुर के संकट आकर दूर किए ।।जय धन्वन्तरि देवा, जय धन्वन्तरि जी देवा ॥ आयुर्वेद बनाया, जग में फैलाया ।सदा स्वस्थ रहने का, साधन बतलाया ।।जय धन्वन्तरि देवा, जय धन्वन्तरि जी देवा ॥ भुजा चार अति सुंदर, शंख सुधा धारी ।आयुर्वेद वनस्पति से शोभा भारी ।।जय धन्वन्तरि देवा, जय धन्वन्तरि जी देवा ॥ तुम को जो नित ध्यावे, रोग नहीं आवे ।असाध्य रोग भी उसका, निश्चय मिट जावे ।।जय धन्वन्तरि देवा, जय धन्वन्तरि जी देवा ॥हाथ जोड़कर प्रभुजी, दास खड़ा तेरा ।वैद्य-समाज तुम्हारे चरणों का घेरा ।।जय धन्वन्तरि देवा, जय धन्वन्तरि जी देवा ॥ धन्वंतरिजी की आरती जो कोई नर गावे ।रोग-शोक न आए, सुख-समृद्धि पावे ।।जय धन्वन्तरि देवा, जय धन्वन्तरि जी देवा ॥
NOV 10, 2023 20:45 IST

Lakshmi Mantra: लक्ष्मी मंत्र

श्री लक्ष्मी बीज मन्त्र:ॐ श्री ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नमः।।लक्ष्मी प्रा​र्थना मंत्र:नमस्ते सर्वगेवानां वरदासि हरे: प्रिया।या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां या सा मे भूयात्वदर्चनात्।।श्री लक्ष्मी महामंत्र:ॐ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।
NOV 10, 2023 20:24 IST

श्री गणेश आरती (Shri Ganesh Aarti)

जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥एक दंत दयावंत,चार भुजा धारी ।माथे सिंदूर सोहे,मूसे की सवारी ॥जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥पान चढ़े फल चढ़े,और चढ़े मेवा ।लड्डुअन का भोग लगे,संत करें सेवा ॥जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥अंधन को आंख देत,कोढ़िन को काया ।बांझन को पुत्र देत,निर्धन को माया ॥जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥'सूर' श्याम शरण आए,सफल कीजे सेवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥
NOV 10, 2023 20:14 IST

Laxmi Maa Aarti: लक्ष्मी आरती

ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता।उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥सब बोलो लक्ष्मी माता की जय, लक्ष्मी नारायण की जय।
NOV 10, 2023 20:10 IST

धनतेरस 2023 माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा विधि (Dhanteras Kuber Puja Vidhi)

आज शुभ मुहूर्त में पूजन सामग्री का इंतजाम करें। फिर शुभ मुहूर्त में लकड़ी चौकी पर कुबेर, गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति की स्थापना करें। उनका पूजन अक्षत्, सिंदूर, फूल, दूर्वा, पान का पत्ता, सुपारी, धूप, दीप, नैवेद्य आदि से करें। भगवान गणेश को मोदक, माता लक्ष्मी को खीर और कुबेर जी को धनिया की पंजीरी का भोग लगाएं। पूजा के समय इनके मंत्रों का उच्चारण करें। उसके बाद कलम, खाताबही आदि का भी पूजन करें। लक्ष्मी चालीसा और कुबेर चालीसा का पाठ करें। माता लक्ष्मी, गणेश जी और कुबेर की आरती करें। फिर तीनों से धन, संपत्ति, सुख, समृद्धि और उन्नति का आशीर्वाद मांगें।
NOV 10, 2023 19:46 IST

Lakshmi Mantra: लक्ष्मी मंत्र

श्री लक्ष्मी बीज मन्त्र:ॐ श्री ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नमः।।लक्ष्मी प्रा​र्थना मंत्र:नमस्ते सर्वगेवानां वरदासि हरे: प्रिया।या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां या सा मे भूयात्वदर्चनात्।।श्री लक्ष्मी महामंत्र:ॐ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।माता लक्ष्मी के मंत्रॐ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नम:।।
NOV 10, 2023 19:25 IST

Kuber Mantra: कुबेर मंत्र

पहला मंत्र : ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये, धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥दूसरा मंत्र: ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥तीसरा मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥
NOV 10, 2023 19:01 IST

श्री गणेश आरती (Shri Ganesh Aarti)

जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥एक दंत दयावंत,चार भुजा धारी ।माथे सिंदूर सोहे,मूसे की सवारी ॥जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥पान चढ़े फल चढ़े,और चढ़े मेवा ।लड्डुअन का भोग लगे,संत करें सेवा ॥जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥अंधन को आंख देत,कोढ़िन को काया ।बांझन को पुत्र देत,निर्धन को माया ॥जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥'सूर' श्याम शरण आए,सफल कीजे सेवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥
NOV 10, 2023 18:43 IST

Laxmi Maa Aarti: लक्ष्मी आरती

ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता।उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥सब बोलो लक्ष्मी माता की जय, लक्ष्मी नारायण की जय।
NOV 10, 2023 18:22 IST

Dhanteras Katha धनतेरस कथा

शास्त्रों में वर्णित कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। जिस तिथि को भगवान धन्वंतरि समुद्र से निकले, वह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि थी। भगवान धन्वंतरि समुद्र से कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परंपरा चली आ रही है। भगवान धन्वंतरि को विष्णु भगवान का अंश माना जाता है और इन्होंने ही पूरी दुनिया में चिकित्सा विज्ञान का प्रचार और प्रसार किया। भगवान धन्वंतरि के बाद माता लक्ष्मी दो दिन बाद समुद्र से निकली थीं इसलिए उस दिन दीपावली का पर्व मनाया जाता है। इनकी पूजा-अर्चना करने से आरोग्य सुख की प्राप्ति होती है।
NOV 10, 2023 18:06 IST

कुबेर आरती ( Kuber Aarti)

ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे,स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे ।शरण पड़े भगतों के,भण्डार कुबेर भरे ।॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े,स्वामी भक्त कुबेर बड़े ।दैत्य दानव मानव से,कई-कई युद्ध लड़े ॥॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥स्वर्ण सिंहासन बैठे,सिर पर छत्र फिरे,स्वामी सिर पर छत्र फिरे ।योगिनी मंगल गावैं,सब जय जय कार करैं ॥॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥गदा त्रिशूल हाथ में,शस्त्र बहुत धरे,स्वामी शस्त्र बहुत धरे ।दुख भय संकट मोचन,धनुष टंकार करें ॥॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥भांति भांति के व्यंजन बहुत बने,स्वामी व्यंजन बहुत बने ।=मोहन भोग लगावैं,साथ में उड़द चने ॥॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥बल बुद्धि विद्या दाता,हम तेरी शरण पड़े,स्वामी हम तेरी शरण पड़े ।अपने भक्त जनों के,सारे काम संवारे ॥॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥मुकुट मणी की शोभा,मोतियन हार गले,स्वामी मोतियन हार गले ।अगर कपूर की बाती,घी की जोत जले ॥॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥यक्ष कुबेर जी की आरती,जो कोई नर गावे,स्वामी जो कोई नर गावे ।कहत प्रेमपाल स्वामी,मनवांछित फल पावे ॥॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
NOV 10, 2023 17:32 IST

धनतेरस 203 शुभ मुहूर्त Dhanteras Puja Shubh Muhurat

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि का शुभारंभ: आज, दोपहर 12:35 बजे सेकार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि का समापन: कल, दोपहर 01:57 बजे तकहस्त नक्षत्र: आज, प्रात:काल से लेकर रात 12:08 बजे तकप्रीति योग: आज, शाम 05:06 बजे से कल 04:59 बजे तक
NOV 10, 2023 16:48 IST

Dhanteras Katha धनतेरस कथा

शास्त्रों में वर्णित कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। जिस तिथि को भगवान धन्वंतरि समुद्र से निकले, वह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि थी। भगवान धन्वंतरि समुद्र से कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परंपरा चली आ रही है। भगवान धन्वंतरि को विष्णु भगवान का अंश माना जाता है और इन्होंने ही पूरी दुनिया में चिकित्सा विज्ञान का प्रचार और प्रसार किया। भगवान धन्वंतरि के बाद माता लक्ष्मी दो दिन बाद समुद्र से निकली थीं इसलिए उस दिन दीपावली का पर्व मनाया जाता है। इनकी पूजा-अर्चना करने से आरोग्य सुख की प्राप्ति होती है।
NOV 10, 2023 16:25 IST

धनतेरस पूजा मंत्र:Dhanteras Puja Mantra

लक्ष्मी पूजा मंत्र: ऊँ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नम:॥कुबेर पूजा मंत्र: ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥
NOV 10, 2023 16:04 IST

Diwali 2023 Puja Vidhi: दिवाली पूजा विधि

दिवाली पर मुख्य रूप से मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है। ऐसे में पूजा के लिए सबसे पहले पूजा स्थान को साफ करें और एक चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।फिर इस चौकी पर बीच में मुट्ठी भर अनाज रखें। कलश को अनाज के बीच में रखें। कलश में पानी भरकर एक सुपारी, गेंदे का फूल, एक सिक्का और कुछ चावल के दाने डालें।कलश पर 5 आम के पत्ते गोलाकार आकार में रखें। बीच में देवी लक्ष्मी की मूर्ति और कलश के दाहिनी ओर भगवान गणेश की मूर्ति रखें। एक छोटी-सी थाली में चावल के दानों का एक छोटा सा पहाड़ बनाएं, हल्दी से कमल का फूल बनाएं, कुछ सिक्के डालें और मूर्ति के सामने रखें दें। इसके बाद अपने व्यापार/लेखा पुस्तक और अन्य धन/व्यवसाय से संबंधित वस्तुओं को मूर्ति के सामने रखें। अब देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश को तिलक करें और दीपक जलाएं। इसके साथ ही कलश पर भी तिलक लगाएं। अब भगवान गणेश और लक्ष्मी को फूल चढ़ाएं। इसके बाद पूजा के लिए अपनी हथेली में कुछ फूल रखें। अपनी आंखें बंद करें और दिवाली पूजा मंत्र का पाठ करें।
NOV 10, 2023 15:46 IST

धनतेरस पर करें ये उपाय: Dhanteras Upay

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, कुबेर, यमराज और भगवान गणेश जी की पूजा करें। धनतेरस के दिन घर और बाहर 13 दीपक जलाने से बीमारियों को दूर किया जा सकता है। दान करना पुण्य कर्म है। माना जाता है कि, दान करने से पिछले जन्म के पाप धुल जाते है। धनतेरस के दिन दान करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन यदि आप सूर्यास्त से पहले दान करते हैं तो आपको धन की कमी नहीं होगी। हालांकि इस दिन सफेद कपड़ा, चावल, चीनी आदि का दान नहीं करना है। धनतेरस पर पशुओं की पूजा करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
NOV 10, 2023 15:25 IST

धनतेरस 203 शुभ मुहूर्त Dhanteras Puja Shubh Muhurat

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि का शुभारंभ: आज, दोपहर 12:35 बजे सेकार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि का समापन: कल, दोपहर 01:57 बजे तकहस्त नक्षत्र: आज, प्रात:काल से लेकर रात 12:08 बजे तकप्रीति योग: आज, शाम 05:06 बजे से कल 04:59 बजे तक
NOV 10, 2023 14:32 IST

धनतेरस पर क्या नहीं खरीदें?

इस दिन लोहा या लोहे से बनी वस्तुएं घर लाना शुभ नहीं माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार यदि आप धनतेरस के दिन लोहे से बनी कोई भी वस्तु घर लाते हैं, तो घर में दुर्भाग्य का प्रवेश हो जाता है। धनतेरस पर एल्युमिनियम या स्टील की वस्तुएं न खरीदें। मान्यता है कि स्टील या एल्युमिनियम से बने बर्तन या अन्य कोई सामान खरीदने से मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं।ज्योतिष के अनुसार यदि आप धनतेरस के दिन घर में कोई भी प्लास्टिक की चीज लेकर आएंगे तो इससे धन के स्थायित्व और बरकत में कमी आ सकती है, इसलिए धनतेरस के दिन प्लास्टिक की वस्तुएं भी न खरीदें। धनतेरस के शुभ अवसर पर शीशे या कांच की बनी चीजें भी बिल्कुल नहीं खरीदनी चाहिए। ज्योतिष के अनुसार धनतेरस के दिन चीनी मिट्टी या बोन चाइना की कोई भी वस्तु नहीं खरीदनी चाहिए।
NOV 10, 2023 13:48 IST

धनतेरस पर क्यों खरीदने चाहिए सोने-चांदी के सिक्के

धनतेरस पर जरूर खरीदें सोने-चांदी के सिक्के धनतेरस के दिन सोने-चांदी के सिक्के भी जरूर खरीदने चाहिए और फिर दिवाली के दिन इनकी विधि विधान पूजा करनी चाहिए। मान्यता है ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। जिससे घर परिवार में कभी किसी चीज की कमी नहीं होती।
NOV 10, 2023 13:08 IST

धनतेरस के दिन घर में जरूर स्थापित करें श्री यंत्र

धनतेरस के दिन आप घर में श्री यंत्र स्थापित कर सकते हैं। इसे पहले पूजा में शामिल करें और उसके बाद आप इसे अपने घर या ऑफिस में उत्तर दिशा की तरफ रख दें। इस उपाय को करने से आपके जीवन में आर्थिक तंगी हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।