Chhath Vrat Katha 2024: छठ पर्व के महत्व को बताती हैं ये पौराणिक कथाएं, छठ पूजा के समय जरूर पढ़ें

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Apr 14, 2024, 05:30 PM IST

Chhath Puja Vrat Katha 2024: इस साल चैती छठ की शुरुआत 12 अप्रैल से हुई है और इसका समापन 15 अप्रैल को होगा। इस दौरान व्रती सूर्य देव और छठी मैया की विधि विधान उपासना करेंगे। लेकिन पूजा के समय छठी मैया की कथा पढ़ना बिल्कुल भी न भूलें। यहां देखें छठ पर्व की कथा।

Chhath Puja Vrat Katha 2024 (छठ पूजा कथा): उत्तर भारत में इस समय 'चैती छठ' पर्व मनाया जा रहा है। सूर्योपासना का ये महापर्व विशेष रूप से बिहार, झारखंड और उत्तरप्रदेश में मनाया जाता है। साल में दो बार ये पर्व आता है। अभी चैत्र महीने का छठ पर्व चल रहा है जिसका समापन 15 अप्रैल को होगा। धार्मिक मान्यताओं अनुसार छठ पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। इस दौरान व्रतधारी लगातार 36 घंटों तक निर्जला व्रत रखते हैं और सूर्य को अर्घ्य देते हैं। यहां आप जानेंगे छठ पर्व की पौराणिक कथा।

Chhath Puja Vrat Katha 2024

Chhath Puja Vrat Katha In Hindi

Chhati Chhath Puja Katha In Hindi (छठ पूजा की कहानी)

छठ पर्व से जुड़ी एक कथा के अनुसार राजा प्रियव्रत की कोई संतान नहीं थी। जिसकी वजह से राजा और उनकी पत्नी मालिनी बहुत दुखी रहते थे। एक दिन उन्होंने संतान प्राप्ति के लिए महर्षि कश्यप से यज्ञ करवाया। यज्ञ के बाद महर्षि ने राजा की पत्नी मालिनी को खीर खाने के लिए दी। खीर का सेवन करने से मालिनी गर्भवती हो गई और उन्हें कुछ समय के बाद एक पुत्र की प्राप्ति हुई लेकिन दुर्भाग्य से उनका पुत्र मृत जन्मा था। अपनी मृत बच्चे को देखकर दोनों पति-पत्नी ने आत्महत्या करने का मन बना लिया, लेकिन जैसे ही राजा अपने प्राण त्यागने की कोशिश करने लगे उनके सामने भगवान की मानस पुत्री देवसेना प्रकट हो गईं।

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