Chandra Dev Aarti: करवा चौथ का कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। इस साल ये व्रत आज यानि 20 अक्तूबर 2024 को रखा जा रहा है। इस दिन पूरे दिन भूखे, प्यासे रहकर व्रत किया जाता है। करवा चौथ के दिन करवा माता की पूजा की जाती है। इसके साथ ही इस दिन चंद्रमा की पूजा का भी विधान है। करवा चौथ की शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है। करवा चौथ पर शाम में करवा माता की पूजा होती है और कथा का पाठ होता है। उसके बाद चंद्रोदय के बाद छलनी में चांद को देखकर उसी छलनी से अपने पति को देखा जाता है। फिर पति के हाथों पानी पीकर ये उपवास पूरा किया जाता है। इस दिन पूजा के समय में चंद्र देवता की आरती करनी चाहिए। यहां पढ़ें चंद्र देवता की आरती की लिरिक्स।
Chandra Dev Aarti Lyrics (चंद्रदेव आरती लिरिक्स)
ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा ।
दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी ।
रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी ।
दीन दयाल दयानिधि, भव बन्धन हारी ।
जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे ।
सकल मनोरथ दायक, निर्गुण सुखराशि ।
योगीजन हृदय में, तेरा ध्यान धरें ।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, सन्त करें सेवा ।
वेद पुराण बखानत, भय पातक हारी ।
प्रेमभाव से पूजें, सब जग के नारी ।
शरणागत प्रतिपालक, भक्तन हितकारी ।
धन सम्पत्ति और वैभव, सहजे सो पावे ।
विश्व चराचर पालक, ईश्वर अविनाशी ।
सब जग के नर नारी, पूजा पाठ करें ।
ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा ।
