Budhwar Pradosh Vrat Katha: बुधवार प्रदोष में पढ़ें ये व्रत कथा, भोलेनाथ की बरसने लगेगी कृपा

Budhwar Pradosh Vrat Katha: कहते हैं वार के अनुसार जो प्रदोष व्रत पड़ते हैं उसी के अनुरूप उसका फल प्राप्त होता है। आज यानी 21 फरवरी को बुध प्रदोष व्रत पड़ा है। यहां जानिए बुधवार प्रदोष व्रत की कथा।

Budhwar Pradosh Vrat Katha: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत की काफी महिमा बताई गई है। कहते हैं इस व्रत को करने से मनुष्य को तमाम सुखों की प्राप्ति होती है। वहीं अगर बुध प्रदोष व्रत की बात करें तो ये व्रत व्यक्ति की सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला व्रत माना दया है। इस व्रत में मनुष्य को हरी वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए। साथ ही इस दिन शिव जी की अराधना धूप, बेल पत्र से करनी चाहिए। यहां देखें बुध प्रदोष व्रत की कथा।

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Budh Pradosh Vrat Katha

Budh Pradosh Vrat Katha In Hindi (बुध प्रदोष कथा)

बुध प्रदोष व्रत की कथा के अनुसार एक आदमी का नया-नया विवाह हुआ और विवाह के 2 दिनों बाद ही उसकी पत्‍नी मायके चली गई थी। कुछ दिनों के बाद वह पुरुष अपनी पत्‍नी को लेने उसके घर गया। बुधवार को जब वह पत्‍नी को लेकर लौटने लगा तो ससुराल पक्ष ने उसे रोकने का खूब प्रयत्‍न किया और उससे कहा कि विदाई के लिए बुधवार शुभ नहीं माना जाता। लेकिन लड़का नहीं माना और पत्‍नी के साथ बैल गाड़ी से अपने घर के लिए निकल पड़ा।

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