Basant Panchami 2025 Dos and Don'ts In hindi (बसंत पंचमी पर नॉनवेज खा सकते हैं?): बसंत पंचमी या सरस्वती पूजा सनातन धर्म का प्रमुख त्योहार माना जाता है जो प्रत्येक वर्ष माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भक्त माता सरस्वती से ज्ञान का आशीर्वाद पाने के लिए प्रार्थना करते हैं। कई लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं। इस व्रत में अन्न का सेवन नहीं किया जाता। लेकिन जो लोग व्रत नहीं भी रख रहे हैं उनके लिए भी इस पर्व से जुड़े खास नियम हैं जिनका पालन करना जरूरी माना गया है। चलिए आपको बताते हैं कि बसंत पंचमी पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
Basant Panchami Par Non Veg Kha Sakte Hai Ya Nahi
बसंत पंचमी पर नॉनवेज खा सकते हैं या नहीं (Basant Panchami Par Non Veg Kha Sakte Hai Ya Nahi)
बसंत पंचमी एक बेहद ही पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है इसलिए इस दिन भूलकर भी नॉनवेज का सेवन नहीं करना चाहिए।
बसंत पंचमी पर क्या नहीं करना चाहिए (Basant Panchami Par Kya Nahi Karna Chahiye)
- बसंत पंचमी के दिन भूल से भी तामसिक भोजन या मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
- बसंत पंचमी पर काले रंग के कपड़े धारण नहीं करने चाहिए क्योंकि इस दिन सफेद और पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है।
- इस दिन किसी से लड़ाई-झगड़ा नहीं करना चाहिए।
- किसी के लिए गलत बात नहीं बोलनी चाहिए।
- इस दिन फसल नहीं काटनी चाहिए और ना ही पेड़ों को काटना चाहिए।
बसंत पंचमी पर क्या करना चाहिए (Basant Panchami Par Kya Karna Chahiye)
- बसंत पंचमी पर पवित्र नदी में स्नान अवश्य करना चाहिए और मां सरस्वती की पूजा के बाद ही कुछ ग्रहण करना चाहिए।
- इस दिन मां सरस्वती को हल्दी अवश्य अर्पित करें और साथ ही उस हल्दी से अपनी पुस्तक पर ‘एं’ भी लिखें।
- ये दिन पुखराज और मोती धारण करने के लिए शुभ माना जाता है।
- इस दिन मां सरस्वती को खीर का भोग जरूर लगाया जाता है।
- बच्चों को इस दिन मां सरस्वती को कलम जरूर अर्पित करना चाहिए और उसी कलम से वर्षभर खुद काम करना चाहिए।
बसंत पंचमी की पूजा विधि (Basanat Panchami Ki Puja Vidhi)
बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की मूर्ति स्थापित करें। इसके बाद उनकी विधि विधान पूजा करें। माता को खीर का भोग लगाएं। फिर माता के मंत्रों, चालीसा, श्लोकों और वंदना का पाठ करें। अंत में आरती करके पूजा संपन्न करें।
