मां संतोषी का व्रत करने से पूरी होती हैं सभी मनोकामनाएं, जानें पूजा करने की विधि

How To Worship Santoshi Mata, Devi Darshan Part 13: मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मां संतोषी की व्रत बहुत फलदायी माना गया है, लेकिन देवी की पूजा और व्रत में सख्त नियमों का पालन बेहद जरूरी माना गया है।

Santoshi Mata, संतोषी माता
Santoshi Mata, संतोषी माता 

मुख्य बातें

  • मां संतोषी का व्रत कम से कम 16 शुक्रवार करना चाहिए
  • व्रत करने वाले को कभी खट्टी चीज का स्पर्श नहीं करना चाहिए
  • देवी की आराधना करने से हर तरह की मनोकामना पूर्ण होती है

शुक्रवार के दिन देवी आराधना का होता है। इस दिन मां वैभवलक्ष्मी और मां संतोषी का व्रत और पूजा की जाती है। हालांकि शुक्रवार को शुक्रदेव की पूजा का भी विधान है। मनोकामना और श्रद्धा के अनुसार भक्त देवी पूजन करते हैं। शुक्रवार की पूजा में संतोषी माता का व्रत और पूजा सबसे कठिन मानी गई है। माना जाता है कि यदि संतोषी माता की पूजा में नियमों की अनदेखी हो जाए तो देवी नाराज हो जाती है और पूजा के प्रतिकूल प्रभाव मिलते हैं। इसलिए देवी संतोषी की पूजा में खास ध्यान रखना जरूरी होता है। देवी के व्रत और पूजा के क्या नियम हैं और पूजा में क्या निषेध है यह जान लेना अत्यंत आवश्यक है।

जानें, संतोषी माता व्रत विधि और नियम

  • मां संतोषी का व्रत करने वाले को हमेशा सूर्योदय से पूर्व उठ जाना चाहिए। इसके बाद घर की साफ-सफाई कर स्नानादि से निवृत्त हो जाना चाहिए।
  • मां संतोषी की मूर्ति या तस्वीर की पूजा करने से पहले उन्हें भी गंगाजल छिड़क कर पवित्र कर दें।
  • इसके बाद पूजा की सारी सामग्री को लकड़ी के पटरे पर देवी के समक्ष सजा कर रख दें। कलश में जल रखें। फल-फूल, दीप-अगरबत्ती और प्रसाद की व्यवस्था कर लें।
  • अब जल भरे पात्र पर एक बर्तन रखें जिसमें आप गुड़ और चना भर कर रख दें।
  • संतोषी माता की पूजा करें और माता की आरती करने के बाद वहीं बैठ कर देवी की कथा भी सुनें।
  • पूजा संपन्न होने पर घर के सभी लोगों को गुड़-चने का प्रसाद बांटें।
  • अंत में बड़े पात्र में भरे जल को पूरे घर में छिड़क कर शुद्ध कर दें। बाकि बचे जल को तुलसी में डाल दें।
  • यदि आप संतोषी माता का व्रत रख रहे हैं तो कम से कम 16 शुक्रवार का नियमित उपवास रखें।
  • अंतिम शुक्रवार को व्रत का उद्यापन करें।
  • उद्यापन के दिन संतोषी माता की पूजा कर 8 बालकों को खीर-पूरी खिलाएं और दक्षिणा  के साथ केले का प्रसाद देकर उन्हें विदा करें।
  • पूजा समाप्ति के बाद आप भी प्रसाद का पारण कर व्रत खोलें।

मां संतोषी की पूजा में भूलकर भी ना करें ये काम

  • इस दिन व्रत करने वाले को किसी भी हाल में खट्टी चीज का स्पर्श तक नहीं करना चाहिए।
  • यदि आप व्रत नहीं तो आप पूजा के बाद गुड़ और चने का प्रसाद खा कर ही कुछ खाएं।
  • व्रत करने वाले के परिवार के लोगों को भी इस दिन कोई भी ऐसी चीज न खानी चाहिए न छूनी, जिसमें खट्टे का अंश हो।

संतोषी माता से मिलता है ये असीम वरदान

  • संतोषी माता की पूजा करने से हर वो इच्छा पूरी होती है जिसे मनुष्य पूरा करना चाहता है।
  • परीक्षा में सफलता के लिए या कोर्ट-कचहरी के मुकदमें में जीत के लिए मां संतोषी का व्रत जरूर रखना चाहिए।
  • सुयोग्य वर की चाह रखने वाली लड़कियों का मां संतोषी की पूजा और व्रत जरूर करना चाहिए।
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