Astrology: आखिर क्यों बाएं हाथ से भोजन करने को माना जाता है अशुभ, यहां जानिए इसका ज्योतिषीय महत्व

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 20, 2022, 02:37 PM IST

Astro Tips For Food: हिंदू धर्म में कई कार्यों के साथ भोजन को लेकर भी कई मान्यताएं जुड़ी हैं, जिसके अनुसार भोजन कभी भी बाएं हाथ से नहीं करना चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। इसलिए हमेशा दाएं हाथ से ही भोजन करने की सलाह दी जाती है।

Astrology: आखिर क्यों बाएं हाथ से भोजन करने को माना जाता है अशुभ, यहां जानिए इसका ज्योतिषीय महत्व

Astrology Tips For Eating Food: भोजन करने को लेकर कई मान्यताएं हमारे समाज में सदियों से चली आ रही है, जिसे लोग आज भी मान रहे हैं। भोजन पकाने से लेकर खाने तक के कई नियम होते हैं। स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह सलाह दी जाती है कि भोजन पकाते समय स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए। वहीं खाने से पहले और खान के बाद हाथ जरूर धोखा चाहिए। लेकिन धार्मिक दृष्टिकोण से भोजन को लेकर कई नियम होते हैं। उदाहरण के लिए भोजन कभी भी खड़े होकर नहीं करना चाहिए, बिस्तर पर बैठकर नहीं करना चाहिए, भोजन खाने से पहले उसका कुछ भाग सूक्ष्म जीवों के लिए निकालना चाहिए और भोजन करने से पहले हमेशा हाथ जोड़कर भगवान को धन्यवाद करना चाहिए। इन सभी के साथ भोजन से जुड़ी एक और मान्यता है, जो महत्वपूर्ण मानी जाती है। वह है दाएं हाथ से भोजन करना।

क्या है बाएं हाथ से खाना न खाने की वजह

दरअसल हम बचपन से ही देखते आ रहे हैं तो बाएं हाथ से भोजन करने पर हमारे बड़े-बुजुर्ग हमें टोकते हैं और दाएं हाथ से भोजन करने की सलाह देते हैं। खासकर हिंदू धर्म में भोजन करने से लेकर कई शुभ कार्यों को दाएं हाथ से करने पर जोर दिया जाता है। कहा जाता है कि दाएं हाथ से किए गए कार्यों से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। वहीं बाएं हाथ से किए गए कार्यों पर नकारात्मकता आती है। यही कारण है कि भोजन भी दाएं हाथ से करने के लिए कहा जाता है। क्योंकि भोजन शरीर और स्वास्थ्य के लिए ऊर्जा का स्त्रोत होता है।

शुभ कार्यों में भी दाएं हाथ का महत्व

सिर्फ भोजन करना ही नहीं बल्कि हिंदू धर्म से जुड़े कई शुभ कार्यों जैसे पूजा-पाठ और हवन आदि जैसे कार्य भी हमेशा दाएं हाथ से किए जाते हैं। क्योंकि दाएं हाथ से किए गए कार्य सफल होते हैं। वहीं बाएं हाथ से शुभ कार्यों को करना अशुभ माना जाता है।

(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।)

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