Pitru Paksha 2020 : 2 सितंबर से है पितृ पक्ष, ऐसे करें पितरों को प्रसन्न और पाएं पितृ दोष से मुक्ति

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 1, 2020, 12:20 PM IST

Pitra Dosh mukti upay : पितृ पक्ष 2 सितंबर से शुरू हो रहा है। पितरों का आशीर्वाद और पितृ दोष से मुक्ति के लिए यह उत्तम समय होता है। घर बैठे भी कुछ उपाय से आप अपने पितरों को प्रसन्न कर सकते हैं।

Pitru Paksha 2020 : 2 सितंबर से है पितृ पक्ष, ऐसे करें पितरों को प्रसन्न और पाएं पितृ दोष से मुक्ति

पितृ पक्ष में पितरों का तर्पण किया जाता है, ताकि वे अपने कुल पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें। पितरों की मृत्यु की तिथि के अनुसार पितृ पक्ष में तर्पण करने और दान-पुण्य का विधान होता है। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि जिस तरह से देवता पूजे जाते हैं, वैसे ही इस खास पक्ष में पूर्वजों की पूजा होती है। यदि पूर्वज नाराज होते हैं तो मनुष्य को बहुत से कष्ट उठाने पड़ते हैं।

कई लोगों की कुंडली में पितृ दोष भी होता है। यदि वे पितृ पक्ष में पितरो को प्रसन्न करने के कुछ उपाय कर लें तो उनका ये दोष खत्म हो सकता है। तो आइए जानें कि पितृ पक्ष में पितरों को प्रसन्न करने के लिए क्या कुछ करना चाहिए।

जानें, पितृ दोष से मुक्ति और पितरों को प्रसन्न करने के उपाय

  1. पितृ पक्ष के पहले दिन से ही प्रतिदिन आप पितरों को जल अर्पित करें। इस जल में जौ और काले तिल के साथ एक लाल फूल भी डालें। यह जल दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके दोपहर के समय देना चाहिए। इससे न केवल पितृ प्रसन्न होते हैं, बल्कि इससे पितृ दोष भी दूर होता है।
  2. पितृ पक्ष में जब भी आपके पितरों की मृत्यु तिथि हो उस दिन ब्राह्मण, गाय, कुत्ता, कौवा और चीटिंयों को भोजन जरूर कराएं। साथ ही गरीबों को अन्न-धन्न और जरूरत की चीजें दान करें। इससे पितरों का का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि ये दान की चीजें सीधे पितरों को मिलती हैं।
  3. पितृ पक्ष के पहले दिन से आखिरी दिन तक प्रतिदिन पितरों के नाम से श्रीमद भागवत गीता और गरूड़ पुराण का पाठ खुद करें या ब्राह्मण से कराएं। इससे पितरों को शांति मिलती और वे अपना आशीर्वाद देते हैं।
  4. यदि आपको अपने पितरों की मृत्यु तिथि का पता न हो तो आप सर्व पितृ अमावस्या के दिन उनका श्राद्धकर्म करें। इस दिन किया गया तर्पण आपको पितृ दोष से मु्क्त करेगा।
  5. यदि आपके कुंडली पितृ दोष हो तो आपको हर अमावास्या के दिन पितरों को तिल, जौ और लाल पुष्प के साथ जल देना चाहिए। साथ ही ब्राह्मण या गरीबजन को दान-पुण्य करना चाहिए।
  6. पितृ पक्ष में कौवों और चीटियों को रोज खाना डालें। माना जाता है कि पितृ पक्ष में हमारे पूर्वज कौवों के रूप मे धरती पर आते हैं।
  7. प्रत्येक अमावस्या पर एक नारियल तोड़े और इसका एक हिस्सा अपने पितरों के के नाम पर निकाल कर उसपर मिठाई रखें और एक उपले पर रख कर उसे कपूर के साथ जला दें। ये पितृ दोष का सबसे कारगर उपाय है।

पितृ पक्ष में यथा संभव गरीबों की मदद करनी चाहिए,क्योंकि ऐसे धार्मिक कार्यों से पितरों को भी शांति मिलती है।

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