Vastu Tips: वास्तु के अनुसार घर में सूर्य की किरणें पड़ना क्‍यों है जरूरी

आध्यात्म
Updated May 30, 2019 | 15:40 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Vastu Shastra: वास्तुशास्त्र के अनुसार घर के अधिक से अधिक हिस्से में सूर्य की किरणें का पहुंचना आवश्यक होता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है। 

Vastu Shastra
Vastu Shastra  |  तस्वीर साभार: Getty Images

आमतौर पर सूर्य को ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है और जब घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है तो घर सुख समृद्धि से भर जाता है। वास्तव में सूर्य संपूर्ण ब्रह्मांड का आधार है और सूर्य की किरणें धरती पर जीवन के लिए आवश्यक होती हैं। सूर्य को पंचतत्वों में से एक माना जाता है और इसका वास्तुशास्त्र में भी बहुत अधिक महत्व है।

वास्तुशास्त्र के अनुसार घर के अधिक से अधिक हिस्से में सूर्य की किरणें का पहुंचना आवश्यक होता है। जब घर के अंदर सूर्य की रोशनी पहुंचती है तो घर से नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है और सभी तरह के दोष भी खत्म हो जाते हैं। आइये जानते हैं कि वास्तुशास्त्र के अनुसार सूर्य की किरणों का क्या महत्व है।

घर के अंदर सूर्य की किरणों का महत्व

  1. ज्यादातर घरों में कोई न कोई कमरा ऐसा जरूर होता है जहां सूर्य की किरणें कभी नहीं पहुंच पाती हैं। इस स्थिति में उस कमरे में अधिक सीलन हो जाती है और वहां कीड़े मकोड़े जमा होने लगते हैं। इससे घर में रहने वाले लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
  2. सूर्य की किरणें जब घर में आती हैं तो घर के अंदर की नकारात्मकता दूर होती है और घर का प्रत्येक सदस्य खुद को ऊर्जावान महसूस करता है।
  3. सूर्य को आत्मा कारक ग्रह माना जाता है। जिस घर के प्रत्येक हिस्से में सूर्य की रोशनी पड़ती है उस घर में रहने वाले लोगों का आत्मविश्वास बढ़ जाता है।
  4. खिड़की या द्वार के माध्यम से घर के जिन कमरों में सूरज की किरणें पहुंचती हैं, वहां ऊर्जा अधिक होती है और वहां रहने वाले लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होता है और इच्छाशक्ति बढ़ती है।
  5. जिन घरों में अंधेरा या छाया रहता है और जहां सूर्य की रोशनी नहीं पहुंचती, उस घर में रहने वाले लोग अक्सर बीमार एवं अधिक परेशान रहते हैं।
  6. रसोईघर और स्नानागार में भी सूर्य कि किरणें पहुंचना आवश्यक है। इससे शरीर को पर्याप्त एनर्जी मिलती है।

विद्यार्थियों को पढ़ाई कृत्रिम रोशनी की बजाय सूर्य के प्रकाश में करनी चाहिए। इसके अलावा शयनकक्ष या आरामकक्ष में भी सीधे आंखों पर ट्यूबलाइट की रोशनी नहीं पड़नी चाहिए। कमरे की खिड़की खोलकर रखना चाहिए ताकि सूर्य का प्रकाश कमरे के अंदर आ सके।

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