Vastu Tips: घर में लगा लें ये पेड़ पौधे, नहीं आएगी घर में किसी तरह की नेगेटिविटी

Vastu Tips For Plant: वास्तु के अनुसार कई पेड़-पौधों को महत्वपूर्ण बताया गया है। घर पर इन पेड़- पौधों को लगाने से नेगेटिव एनर्जी का वास नहीं होता है और साथ ही भगवान की कृपा भी बनी रहती है।

Vastu Tips
वास्तु टिप्स 
मुख्य बातें
  • आक के पौधे में होता है भगवान गणेश का वास
  • भगवान शिव को प्रिय है आक का पौधा
  • आक के जड़ से दूर होती है कई परेशानी

Vastu Tips For Positive Plants: हिंदू धर्म पेड़-पौधों को पूजनीय और पवित्र माना जाता है। पीपल, तुलसी और केला जैसे कई पेड़-पौधे पूजनीय होते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन पेड़-पौधों में देवी-देवताओं का वास होता है। इसलिए इनकी पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसके अलावा वास्तु में भी कुछ पेड़-पौधों को महत्वपूर्ण बताया गया है। घर पर इन पेड़-पौधों को लगाने से न सिर्फ घर की आंतरिक और बाहरी सुंदरता बढ़ती है। बल्कि घर से नेगेटिव एनर्जी भी दूर होती है। हम बात कर रहें हैं आक के पौधे की। इसे मंदार,अर्क और अकौआ भी कहा जाता है।

इस पौधे को धार्मिक दृष्टिकोण से काफी शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस पौधे पर भगवान गणेश वास करते हैं। साथ ही भगवान शिव को भी आक का पौधा अत्यंत प्रिय होता है। इसीलिए घर पर इस पौधे को लगाना शुभ माना जाता है। वास्तु में भी इस पौधे को काफी फलदायी बताया गया है। इसे लगाने से व्यक्ति की सारी परेशानियां दूर होती है और सुख-समृद्धि का बनी रहती है। जानते हैं आक के पौधे का लाभ..

टोना-टोटका से बचाव के लिए

घर पर लगातार परेशानियों का साया मंडरा रहा है तो रवि पुष्य योग पर घर के मुख्य दरवाजे पर आक का पौधा लगा दें। इससे घर पर कभी भी बुरी नजर नहीं लगती। साथ ही टोना-टोटका और तंत्र-मंत्र का प्रभाव भी नहीं पड़ता।

तरक्की के लिए

बुधवार के दिन आक की जड़ को अभिमंत्रित करके दाईं भुजा में बांध लें। इसके साथ ही भगवान गणेश का सौभाग्य वर्धक संकटनाशक स्त्रोत का जाप करें। इससे तरक्की के नए अवसर प्राप्त होंगे।

संतान प्राप्ति के लिए

सुखमय दांपत्य जीवन और संतान प्राप्ति के लिए भी आक का पौधा मददगार होता है। इस पौधे की जड़ को यदि महिला अपने कमर पर बांध ले तो इससे वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और संतान सुख की प्राप्ति होती है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि माहवारी के दिनों में इसे उतार दें। माहवारी खत्म होने के एक दिन बाद इसे कमर पर बांधे और मासिक धर्म शुरू होने के पहले इसे उतार दें।

(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।)

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