Chandra Grahan 5 July 2020 Timing In India: एक महीने में लगे तीन ग्रहण, साल 1962 के बाद पहली बार बना ऐसा योग

Chandra Grahan 5 July Timing: पांच जुलाई यानी रविवार को एक बार फिर चंद्र ग्रहण लग रहा है। एक महीने की समयावधि के अंदर लगने वाला यह तीसरा ग्रहण है। जानिए क्या है इस चंद्र ग्रहण का महत्व...

Chandra Grahan 5 July
Chandra Grahan on 5 July 

मुख्य बातें

  • पांच जुलाई को लग रहा इस साल का तीसरा चंद्र ग्रहण
  • एक महीने में लगने वाला है ये तीसरा ग्रहण
  • 58 साल में पहली बार एक महीने के अंतराल में लगे तीन ग्रहण

Chandra Grahan 5 July: बीते महीने 21 जून को लगे सूर्य ग्रहण के बाद अब 5 जुलाई यानी रविवार को एक बार फिर साल 2020 का तीसरा चंद्र ग्रहण लग रहा है। ये एक महीने के अंदर ही लगने वाला तीसरा ग्रहण है। ये एक उपच्छाया ग्रहण होगा, जिसे अंग्रेजी में Penumbral Eclipse भी कहते हैं। एक महीने के अंतराल के अंदर लगने वाला यह तीसरा ग्रहण है, इस दौरान एक सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण पड़े हैं।

ज्योतिष के मुताबिक आखिरी बार एक महीने में तीन ग्रहण साल 1962 में लगे थे। ज्योतिष के मुताबिक उस वक्त भी शनि मकर राशि पर वक्री था। 17 जुलाई 1962 को मान चंद्र ग्रण, 31 जुलाई को सूर्य ग्रहण और  15 अगस्त को वापस मान चंद्र ग्रहण हुआ था। 

ज्योतिष के मुताबिक इस चंद्र ग्रहण का कोई भी धार्मिक असर नहीं होगा। किसी भी राशि पर इस चंद्र ग्रहण का कोई भी असर नहीं होगा। इसके अलावा इस दिन कोई भी कार्य करने पर प्रतिबंध नहीं होगा। 

ये है ग्रहण का समय और सूतक काल/ 5 July Chandra Grahan Sutak Timings
ग्रहण काल का समय केवल दो घंटे 43 मिनट ही है। भारत में इसकी शुरुआत सुबह 8.38 मिनट से शुरू होगी। सुबह 9.59 बजे ये ग्रहण अपने चरम पर होगा। वहीं, 11.21 मिनट पर ये खत्म हो जाएगा। उजाला होने के कारण ये ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। 

ग्रहण के 9 घंटे पहले से सूतक लगना शुरू होता हैं। सूतक काल के दौरान पूजा पाठ और दूसरे काम वर्जित माने गए हैं। इस अवध‍ि में सात्‍व‍िक न‍ियमों का पालन करें। हालांकि, इस चंद्र ग्रहण में सूतक का प्रभाव नहीं माना जाता है।

इन देशों में दिखेगा ग्रहण/ In Desho Mei Dikhega Chandra Grahan
उपच्छाया ग्रहण उत्तरी अमेरिका, साउथ अमेर‍िका और यूरोप में द‍िखेगा। इसके अलावा ये ग्रहण अफ्रीका के कुछ हिस्सों में भी दिखाई देगा। वहीं, ग्रहण के बाद आप गंगाजल डालकर घर को जरूर शुद्ध कर लें। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उपच्‍छाया ग्रहण में चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में छिपता नहीं है। यह पृथ्वी की छाया के बाहरी किनारे से होकर गुजर जाता है। सामान्य चंद्र गहण में चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक ही सीध पर होते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है।

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