बजरंगबली की पूजा में स्त्रियों के लिए हैं विशेष नियम, भूल कर भी न करें ये काम वरना होगा नुकसान

Bajrangi Ka Bal Part 13, Puja rules: संकटमोचन भगवान हनुमान की पूजा करना हर दुख और संकट से बचाता है, लेकिन भगवान की पूजा में स्त्रियों के लिए खास नियम बनाए गए हैं। पालन न करने से भगवान नाराज हो जाते हैं।

Hanumanji Puja rules for women, हनुमान जी की पूजा में महिलाओं के लिए नियम
Hanumanji Puja rules for women, हनुमान जी की पूजा में महिलाओं के लिए नियम 

मुख्य बातें

  • हनुमान जी की पूजा में महिलाएं उन्हें छू नहीं सकतीं
  • बजरंगबाण पढ़ना महिलाओं के लिए निषेध किया गया है
  • हनुमान जी को कभी महिलाओं को सिंदूर नहीं चढ़ाना चाहिए

मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से बजरंबली की पूजा की जाती है। मंगलवार को भगवान हनुमान का विशेष दिन माना गया है। इस दिन भगवान की पूजा करने से दुख, रोग, संकट और विपदा दूर होती है। वहीं मनोकामना पूर्ति के लिए भी हनुमान जी कि विशेष पूजा की जाती है। हनुमान जी की पूजा में बहुत कुछ करने की जरूरत नहीं होती, लेकिन उनकी पूजा में महिलाओं के लिए कुछ नियम का पालन करना विशेष रूप से अनिवार्य माना गया है। यदि महिलाएं ये नियम का पालन न करें तो महिलाओं को पूजा का फल भी नहीं मिलता और प्रभु की नाराजगी का सामना भी करना पड़ता है।

हनुमान जी की पूजा के विशेष नियम

  1. महिलाओं को हनुमान जी की पूजा में उन्हें स्पर्श करना बिलकुल मना है।
  2. हनुमान जी की पूजा में महिलाएं कभी उनके चरण को भी नहीं छू सकतीं।
  3. हनुमान जी को कुछ भी अर्पित करते समय उनके सामने रखना चाहिए।
  4. हनुमान जी को महिलाएं चोला नहीं चढ़ा सकतीं।
  5. महावारी के समय महिलाओं को हनुमान जी की पूजा से जुड़े कोई कार्य नहीं करने चाहिए।
  6. महिलाओं को हनुमान जी की पूजा में कभी सिंदूर नहीं चढ़ाना चाहिए।
  7. महिलाओं के लिए बजरंगबाण का पाठ करना निषेध माना गया है।

कैसे करनी चाहिए महिलाओं को हनुमान जी की पूजा

  1. महिलाएं हनुमान जी के समक्ष दीप अर्पित कर सकती हैं।
  2. धूप-दीप और पुष्प सब कुछ हनुमान जी के समक्ष चढ़ा सकती हैं।            
  3. हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए मंगलवार का व्रत भी कर सकती हैं।
  4. व्रत के दौरान एक समय का भोजन और नमक का त्याग करना चाहिए।
  5. हनुमान चालीसा, संकट मोचन, हनुमानाष्टक, सुंदरकांड आदि का पाठ कर सकती हैं।
  6. हनुमान जी का भोग या प्रसाद अपने हाथों से बनाकर अर्पित कर सकती हैं।

माना जाता है कि हनुमान जी की पूजा के इन नियमों का पालन करने वाली महिलाओं को ही उनका विशेष अशीवार्द प्राप्त होता है।

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