Surya Gochar 2022: कब है सूर्य सिंह संक्रांति? जानिए इस दिन क्यों खाते हैं घी, क्या है महत्व

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 10, 2022, 07:03 PM IST

Surya Singh Sankranti 2022: ज्योतिषशास्त्र के अनुसार 17 अगस्त को सूर्य सिंह संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य कर्क राशि से सिंह राशि में गोचर करेगा। सूर्य सिंह राशि को घी संक्रांति के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन घी खाना बेहद शुभ माना जाता है।

Surya Gochar 2022: कब है सूर्य सिंह संक्रांति? जानिए इस दिन क्यों खाते हैं घी, क्या है महत्व
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Surya Singh Sankranti 2022 Importance: सूर्य ग्रह को सभी ग्रहों का राजा कहा जाता है। सूर्य हर महीने अपना राशि परिवर्तन करते हैं। सूर्य की इस राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। सूर्य जिस राशि में प्रवेश करते हैं। उसे उस राशि की संक्रांति कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक सूर्य 17 अगस्त को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे और इसे सूर्य सिंह संक्रांति कहा जाता है। 17 अगस्त के दिन सूर्य कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। अभी सूर्य कर्क राशि में विराजमान हैं। सूर्य राशि के इस परिवर्तन का अच्छा व बुरा असर व्यक्ति के जीवन में पड़ता है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि सूर्य सिंह संक्रांति के दिन घी का सेवन करना चाहिए। इस दिन घी का सेवन करना बेहद शुभ माना जाता है, इसलिए इसे घी संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है। इसके साथ ही इस दिन गंगा नदी में स्नान करना भी अच्छा माना जाता है। आइए जानते हैं इस दिन क्यों करना चाहिए घी का सेवन..

इस दिन की जाती है इस देवता की पूजा

सूर्य सिंह संक्रांति के दिन सूर्य देवता भगवान विष्णु और नरसिंह भगवान की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि इन देवताओं की विधि विधान से पूजा करने पर व्यक्ति के जीवन में आने वाला संकट कट जाता है। इसके साथ ही इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने और दान पूर्ण करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। इस दिन घी खाना भी शुभ माना जाता है।

इसलिए खाया जाता है घी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सिंह संक्रांति पर घी का सेवन जरूर करना चाहिए। इस दिन घी का सेवन करने से बुद्धि, आत्मविश्वास, ऊर्जा और स्मरण शक्ति में बढ़ोतरी होती है।

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस दिन घी खाने से कुंडली में राहु केतु दोषों से मुक्ति पाया जा सकता है। ऐसी भी मान्यता है कि घी संक्रांति वाले दिन जो भी व्यक्ति घी का सेवन नहीं करता है वह अगले जन्म में घोंघे बनता है। घोंघे को आलस्य का प्रतीक माना गया है।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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