Sawan Lord Shiva Ana Hanumanji Puja Benefits: सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है और इस माह उनकी विशेष पूजा-आराधना की जाती है और व्रत रखे जाते हैं। वैसे तो सावन के पूरे माह शिवजी की पूजा करने का विधान है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सावन माह में शिवजी के साथ-साथ हनुमानजी की भी पूजा करने का विधान है। हनुमानजी की पूजा के लिए मंगलवार का दिन समर्पित होत है। लेकिन सावन माह में पड़ने वाले प्रत्योक मंगलवार को हनुमानजी की पूजा करने से जीवन की सभी समस्याएं दूर होती है और आपकी हर मनोकामना पूरी होती है। जानते हैं सावन में शिवजी के साथ हनुमानजी की पूजा करने के महत्व के बारे में।
सावन माह में हनुमानजी की पूजा करने का महत्व
सावन माह में शिवजी के साथ ही हनुमान जी की भी पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में चमत्कारिक बदलाव आते हैं। शिव पुराण में भी इस बात का जिक्र किया गया है कि शिव अवतार की पूजा करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं और हनुमान जी 11 वें रूद्र अवतार यानी भगवान शिव के 11 वें अवतार माने जाते हैं। इसलिए सावन माह में जो भक्त हनुमानजी की पूजा करते हैं संकटमोचन की कृपा से उसे सभी संकटों से मुक्ति मिलती है। सावन में हनुमान जी के रुद्र अवतार की पूजा करनी चाहिए इससे भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं।
सावन में हनुमानजी की पूजा से दूर होंगे संकट
हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए
सावन माह में पड़ने वाले मंगलवार के दिन सुबह उठकर स्नान करें और 11 या 21 बरगद के पत्ते तोड़े। पत्तों का धोकर सभी पत्ते पर भगवान श्रीराम का नाम लिखें और इसकी माला बनाकर हनुमनाजी को अर्पित करें। ऐसा करने से भगवान प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं।
शत्रु से विजय के लिए
यदि आप शत्रु के परेशान हैं तो इसके लिए सावन के मंगलवार के दिन हनुमानजी की फोटो को दक्षिण दिशा में लगाएं। इससे शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी।
ग्रह दोष मुक्ति के लिए
सावन मंगलवार के दिन हनुमानजी को बेसन का लड्डू चढ़ाएं। इससे कुंडली में ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है।
मनोकामना पूर्ति के लिए
सावन मंगलवार के दिन चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर पीपल के पत्ते में श्रीराम लिखे और इसकी माला बनाकर हनुमानजी को पहनाएं। इससे हनुमनाजी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

