Sai Baba Udhyapan Vidhi: घर में साईं बाबा व्रत उद्यापन विधि पूर्वक कैसे करें, कहां दान करें पोटली वाले सिक्के

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 21, 2021, 12:47 PM IST

साईं बाबा की पूजा गुरुवार के दिन की जाती है। इस पूजा का उद्यापन करने के बाद गरीबों को दान करने से पूर्ण फल की प्राप्ति होती है। जानें साईं बाबा के व्रत की उद्यापन व‍िध‍ि।

Sai Baba Udhyapan Vidhi: घर में साईं बाबा व्रत उद्यापन विधि पूर्वक कैसे करें, कहां दान करें पोटली वाले सिक्के
Photo Credit: BCCL

हमारे देश में संतों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। ना जाने कितनी संतों ने अपने ज्ञान के प्रकाश से देश को प्रकाशित किया है। वैसे ही संत में एक महान संत शिरडी के साईं बाबा है। जिनकी पूजा हर जाति, धर्म के लोग श्रद्धा पूर्वक करते हैं। साईं बाबा की पूजा का सबसे अच्छा दिन गुरुवार माना जाता है। इस दिन भक्त साईं बाबा की पूजा अर्चना कर व्रत रखते है। अगर आप साईं बाबा की पूजा अर्चना करते हैं, तो इनके पूजा उद्यापन की विधि आप बिना मंदिर में गए घर में भी आसान तरीके से कर सकते है। 

तो आइए जानें श्री साईं बाबा पूजा व व्रत की उद्यापन विधि 

साईं बाबा पूजा उद्यापन करने के लिए हम वैसे ही पूजा करेंगे जैसे प्रत्येक गुरुवार को हम साईं बाबा की पूजा गंगाजल, चंदन लगाकर करते हैं। व्रत के पहले दिन बांधा गया सिक्के वाला पोटली उद्यापन के दिन साईं बाबा के सामने जरूर रखें। उद्यापन के बाद पोटली वाले सिक्के को मंदिर में दान करें।

साईं बाबा को कुमकुम, धूप दिखाने के बाद मन्नत वाली पोटली में भी टीका लगाएं। धूप दीप दिखाने के बाद साईं बाबा और मन्नत वाली पोटली पर सफेद या लाल रंग का पुष्प अर्पित करें।

बाबा के सामने घी का दीपक जलाएं। अब साईं बाबा की व्रत कथा के बाद ग्यारह भजन और साईं बाबा का कष्ट निवारण पाठ जरूर पढ़ें। जब पूजा संपूर्ण हो जाए, तो साईं बाबा की आरती कपूर से परिवार के सभी सदस्यों के साथ करें।

बाबा को आरती देने के बाद परिवार के सभी सदस्य को आरती दें। आरती के बाद तुलसी के पत्ते से बाबा के प्रसाद को भोग लगाएं और बाद में शंख बजाएं। पूजा जब समाप्त हो जाए, तो भगवान के सामने क्षमा प्रार्थना जरूर करें। अंत में भंडारा जरूर करें। 

मंद‍िर जाकर करें दर्शन 

उद्यापन के बाद साईं बाबा मंदिर में जरूर जाएं। अगर आपकी मन्नत पूरी हो गई हो, तो मन्नत वाली पोटली को उद्यापन के दिन भगवान के मंदिर में चढ़ा दें। सबसे अंत में साईं बाबा के प्रसाद के साथ कष्ट निवारक किताब 7 या 11 लोगों में जरूर बांटे।
 

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