Chaitra Ram Navami 2022: आज चैत्र राम नवमी पर कैसे करें भगवान श्री राम की पूजा? यहां देखिए संपूर्ण पूजा विधि

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 10, 2022, 06:51 AM IST

Chaitra Ram Navami 2022 Date, Puja Vidhi, Samagri: चैत्र रामनवमी के दिन भगवान श्री राम की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। यदि आप भगवान श्रीराम की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए रामनवमी का व्रत रखने की सोंच रहे हैं, तो पहले आपको पूजा करने का तरीका जान लेना चाहिए।

Chaitra Ram Navami 2022: आज चैत्र राम नवमी पर कैसे करें भगवान श्री राम की पूजा? यहां देखिए संपूर्ण पूजा विधि

Chaitra Ram Navami 2022 Puja Vidhi, Date, Muhurat: हिंदू धर्म में चैत्र राम नवमी का बहुत महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान श्री राम राजा दशरथ के घर में पुत्र के रूप में जन्म लिए थे। आपको बता दें भगवान विष्णु ने धरती पर 8 अवतार लिए हैं। उसी आठवें अवतार में से सातवां अवतार भगवान श्री राम का है। भगवान श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम भी कहा गया है। चैत्र राम नवमी का व्रत हर वर्ष नवरात्रि के आखिरी दिन रखा जाता है। इस दिन भगवान श्री राम के साथ-साथ माता सीता और लक्ष्मण की विशेष पूजा अर्चना की जाती हैं। भगवान श्री राम की पूजा-अर्चना जीवन के कष्टों को शीघ्र दूर कर देता है। यदि आप चैत्र माह में प्रभु श्री राम की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए रामनवमी का व्रत रखना चाहते हैं, तो यहां आप इसकी पूजा-विधि जान सकते हैं।

चैत्र राम नवमी 2022 की पूजा विधि (Ram Navami 2022 Puja Vidhi)

1. रामनवमी के आप सुबह-सुबह उठकर नित्य क्रिया से निवृत्त होकर साफ वस्त्र धारण कर लें।

2. अब पूजा स्थल को साफ करके भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।

3. अब उस तस्वीर पर कुमकुम, सिंदूर, रोली, चंदन आदि जैसे चीज लगाकर प्रभु का स्मरण करें। 

4. अब चावल और तुलसी तस्वीर पर अर्पित करें। आपको बता दें भगवान श्री राम विष्णु के ही अवतार हैं। इसलिए उनकी पूजा में तुलसी चढ़ाना अनिवार्य है। 

5. रामनवमी के दिन भगवान श्रीराम को तुलसी अर्पित करने से उनकी असीम कृपा जल्द प्राप्त हो जाती हैं।

6. भगवान की पूजा करने के बाद सभी देवी-देवताओं को फूल, फल और मिठाई भोग लगाएं। 

7. अब घी का दीपक, धूपबत्ती जलाकर राम चरित्र मानस का पाठ या राम रक्षा मंत्र पढ़ें।

जब पूजा समाप्त हो जाए, तो भगवान श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता की आरती भक्ति पूर्वक करें। आरती समापन के बाद खुद और आसपास के लोगों पर भगवान पर चढ़ाया हुआ प्रसाद वितरण करें।

End of Article