Raksha Bandhan Upay: इस साल खास है रक्षाबंधन का पर्व, आपको जरूर करने चाहिए ये उपाय

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 2, 2020, 07:54 PM IST

Raksha Bandhan 2020 Upay in Hindi रक्षाबंधन का पर्व इस बार कुछ खास योग होने जा रहे हैं और कुछ विशेष उपाय करना इस मौके पर लाभप्रद हो सकता है। यहां जानिए रक्षा बंधन के कुछ टोटके और उनके फायदे।

Raksha Bandhan Upay: इस साल खास है रक्षाबंधन का पर्व, आपको जरूर करने चाहिए ये उपाय

नई दिल्ली: भारतीय संस्कृति के सबसे अहम पर्वों में से एक रक्षाबंधन को इस साल 3 अगस्त को मनाया जाने वाला है। इस बार रक्षाबंधन के साथ कई महत्वपूर्ण योग भी आ रहे हैं। साल 2020 में रक्षाबंधन सावन की पूर्णिमा को और सोमवार के दिन मनाया जाना है, जिससे ज्योतिषीय रूप से इसका महत्त्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार अगर इस दिन हम कुछ टोटके या उपाय किए जाएं तो हमें जीवन की तमाम समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। आइए जानते हैं इस दिन कौन से उपाय (Raksha Bandhan ke Upay) अपनाकर मनवांचित फल पाया जा सकता है।

  1. इस रक्षाबंधन के दिन सुबह उठकर किसी पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और अपने घर में माता लक्ष्मी की विधिवत तरीके से पूजा करके उन्हें भोग लगाएं। इससे आपकी सभी इच्छाएं पूरी होंगीं।
  2. यह रक्षाबंधन आपके जीवन से धन की समस्याओं को भी दूर कर सकता है। आपको करना यह होगा कि 11 कौड़ियों को लेकर उसमें हल्दी लगाकर महालक्ष्मी के सामने रखकर उसकी विधिवत तरीके से पूजा-पाठ करके उसे लाल कपड़े में बांधकर अपने अलमारी या पैसे रखने के स्थान पर रख देना है। इससे आपके धन में धीरे-धीरे वृद्धि होने लगेगी।
  3. इस साल का रक्षाबंधन सावन की पूर्णिमा को पड़ रहा है और इस दिन अगर आप भगवान श्री गणेश की पूजा करते हैं और पीली वस्तुओं का दान करते हैं तो आपके सभी ग्रह नक्षत्र आपको लाभ देंगे।
  4. किसी भी त्यौहार के दिन अपने घर के बाहर रंगोली जरूर बनाना चाहिए इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आपकी आर्थिक समस्याएं दूर करती हैं।
  5.  सावन की पूर्णिमा और सोमवार को पड़ रहे इस रक्षाबंधन को भगवान शिव की पूजा जरूर करें, और उन्हें सफेद चंदन, सफेद फूल और साबूदाने की खीर का भोग लगाएं। इससे आपके जीवन में सुख समृद्धि और सौभाग्य जाग उठेगा।

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रक्षाबंधन पर जनेऊ बदलना और गौरी पूजन (Raksha Bandhan Rituals):
श्रावण पूर्णिमा को मनाए जाने वाले राखी के पर्व पर गौरी पूजा का विशेष महत्व होता है। यह ब्राह्मणों में पुरुषों के लिए एक अहम दिन है और इसी पर्व पर वह अपना जनेऊ (कंधे पर धारण किया जाने वाला पवित्र धागा) बदलते हैं, जिसे उपकर्मा कहा जाता है और तमिलनाडु में अवनि अवित्तम कहा जाता है।

अपर्णा मुहूर्त में बांधें राखी ((Raksha Bandhan Shubh Muhurat):
अगर रक्षा बंधन पर राखी सूत्र बांधने की बात करें तो इस त्यौहार पर सबसे अहम रश्म होती है तो इसमें मुहूर्त का अहम योगदान होता है। रक्षाबंधन के दिन सुबह 9:28 बजे से रात 9:17 बजे के बीच कभी भी सूत्र बांध सकते है हालांकि अगर सबसे अच्छे मुहूर्त की बात करें तो दोपहर 1:48 बजे से शाम 4:29 बजे तक सभी उचित समय है।

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