Sunset Work: सूर्यास्त के बाद अगर आप भी कर रहे हैं ये काम तो हो जाए सावधान, नाराज हो जाएंगी मां लक्ष्मी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 8, 2022, 04:32 PM IST

Work After Sunset: हिंदू शास्त्रों में कई ऐसी बातों के बारे में उल्लेख किया गया है, जिन्हें जीवन में अपनाने से सकारात्मक ऊर्जा में बढ़ोतरी होती है। वहीं कुछ ऐसे काम भी है जिन्हें करना शुभ माना जाता है। इसी प्रकार ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्यास्त के बाद कुछ कार्य को नहीं करना चाहिए। इससे व्यक्ति को कई बड़ी हानि हो सकती है।

Sunset Work: सूर्यास्त के बाद अगर आप भी कर रहे हैं ये काम तो हो जाए सावधान, नाराज हो जाएंगी मां लक्ष्मी

Work After Sunset: सूर्य देव को हिंदू धर्म में जीवनदाता माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि सूर्य देव की पूजा व सूर्य को अर्घ्य देने से व्यक्ति को सुख शांति की प्राप्ति होती है। वहीं सनातन धर्म में सूर्योदय के बाद कुछ कार्य को करने की मनाही होती है। अक्सर बड़े बुजुर्ग भी शाम के वक्त कुछ ऐसे कार्य हैं जो करने के लिए रोकते हैं। ऐसी मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद इन कामों को करने से भगवान रूठ जाते हैं, जिस वजह से आपको कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और आपके लिए मुसीबत भी बन सकता है। आइए जानते हैं सूर्यास्त के बाद किन कार्यों को नहीं करना चाहिए।

झाड़ू न लगाएं

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शाम के समय यानी सूर्यास्त के बाद कभी भी घर के बाहर झाड़ू नहीं लगाना चाहिए। इस समय झाड़ू लगाने की मनाही होती है। ऐसा माना जाता है कि सूर्यास्त के बाद घर के अंदर व बाहर झाड़ू लगाने से मां लक्ष्मी रूठ जाती है। इस समय झाड़ू लगाना बेहद अशुभ माना जाता है।

तुलसी का पौधा न छूएं

हिन्दू धर्म में तुलसी को बेहद शुभ व पवित्र माना गया है। ऐसी मान्यता है कि शाम के समय यानी सूर्यास्त के बाद कभी भी तुलसी के पौधे को छूना व पत्ते तोड़ना नहीं चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती है और व्यक्ति आर्थिक संकटों से जूझता है।

सूर्यास्त के समय न सोएं

आपने कई बार बड़े बुजुर्गों को सूर्यास्त के वक्त सोने के लिए कई बार मना करते हुए देखा होगा। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शाम के समय सोने से व्यक्ति रोगों का शिकार हो जाता है और आयु भी कम होती है। सनातन धर्म में सूर्यास्त के समय माता लक्ष्मी का घर में आगमन होता है। ऐसे में दरवाजे बंद भी नहीं करना चाहिए।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
 

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