Navratri 2021 Vrat Paran Vidhi: नवरात्रि व्रत का पारण कब नवमी या दशमी? जानिए पारण विधि, मुहूर्त और क्या खाकर खोलें व्रत

Navratri 2021 Vrat Paran Puja Vidhi : नवरात्र में व्रत के बाद इनका व‍िध‍िवत पारण करना भी जरूरी है। यहां जानें क‍िस तरह खोलने चाह‍िए आपको नवरात्र के व्रत, क्‍या है इसका शुभ मुहूर्त।

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मुख्य बातें

  • नवरात्रि का पारण नवमी तिथि के समापन और दशमी तिथि के प्रारंभ में किया जाता है।
  • व्रत का पारण माता रानी का प्रसाद खाकर करें, इससे आपका व्रत होगा पूर्ण फलदायी।
  • इस बार दशहरे के दिन व्रत के पारण का है विधान।

Navratri 2021 Vrat Paran Puja Vidhi, Muhurat in Hindi: शारदीय नवरात्रि अब समाप्ति की ओर है। 14 अक्टूबर 2021, गुरुवार को नवमी है। भक्त नौ दिनों तक माता की अराधना कर उपवास रखते हैं। वहीं नवरात्रि की समाप्ति के साथ व्रत का पारण करते हैं। इस बार विजयदशमी के दिन पारण का विधान है। कुछ लोग अष्टमी पूजने के बाद पारण करते हैं। वहीं कुछ लोग नवमी तिथि के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा करने के बाद कन्या पूजन और हवन कर पारण करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार नवरात्रि का पारण नवमी तिथि के समापन और दशमी तिथि के प्रारंभ में किया जाता है। इस बार शारदीय नवरात्रि का पारण 15 अक्टूबर 2021, शुक्रवार को किया जाएगा। ऐसे में आइए जानते हैं पारण का शुभ मुहूर्त और विधि।

Navratri 2021 Vrat Paran Date and time, नवरात्र 2021 का कब किया जाएगा पारण

नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और समस्त कष्टों का नाश होता है। वहीं नवरात्रि की समाप्ति के साथ कन्या पूजन और पारण का भी विशेष महत्व हैं। जो लोग नौ दिनों तक व्रत रखते हैं उनके लिए यह बेहद खास है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार 15 अक्टूबर 2021, शुक्रवार को विजयदशमी के दिन नवरात्रि के पारण का विधान है। आइए जानते हैं पारण विधि।

Navratri 2021 Vrat Paran Vidhi, नवरात्र 2021 पारण विधि

कुछ लोग अष्टमी तिथि के बाद पारण कर लेते हैं। लेकिन नवरात्रि व्रत पारण के लिए नवमी तिथि के अस्त होने का समय या दशमी तिथि को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। नवमी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर साफ और सुंदर वस्त्र धारण करें। इसके बाद मां भगवती के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा करें। माता को फल, फूल, पान, सुपारी अक्षत और सिंदूर अर्पित करें। इसके बाद हवन कर कन्या पूजन करें। तथा कन्या पूजन के बाद नौ कन्याओं और एक लंगूर को भोजन करवाएं। इस दिन आप कन्या पूजन के बाद नवमी तिथि के समापन पर या दशमी तिथि के दिन पारण कर सकते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार दशमी के दिन व्रत का पारण सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत का पारण आपको माता का प्रसाद खाकर ही करना चाहिए। अर्थात् कन्या पूजन और हवन आदि के बाद आपने जो भी भोग माता रानी को लगाया है उसी प्रसाद को खाकर व्रत का पारण करें। इससे आपका व्रत पूर्ण फलदायी होगा और आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।

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