Masik Shivratri 2022 Date, Puja Muhurat: मासिक शिवरात्रि जनवरी 2022 में कब है, जानें माघ मास की श‍िवरात्र‍ि का डेट, टाइम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 26, 2022, 09:30 PM IST

Masik Shivratri january 2022 Date, Time, Puja Muhurat (मासिक शिवरात्रि माघ माह 2022 डेट) : भविष्य पुराण के अनुसार प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि का व्रत मनाया जाता है। इस दिन विधिवत भगवान शिव की पूजा अर्चना होती है।

Masik Shivratri 2022 Date, Puja Muhurat: मासिक शिवरात्रि जनवरी 2022 में कब है, जानें माघ मास की श‍िवरात्र‍ि का डेट, टाइम

Masik Shivratri january 2022 Date, Time, Puja Muhurat in India: सनातन धर्म में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार कलयुग में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए यह सर्वोत्तम उपाय है। इस दिन विधि विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और सभी कष्टों का निवारण होता है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार मासिक शिवरात्रि करने वाले को सौ गऊ दान के बराबर फल की प्राप्ति होती है। भविष्य पुराण के अनुसार प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि का व्रत मनाया जाता है। जानते हैं साल 2022 में कब है मासिक शिवरात्रि का व्रत और क्या है इसका महत्व।

Masik Shivratri january 2022 Date, माघ मासिक शिवरात्रि 2022 कब है

हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि का व्रत होता है। इस बार मासिक शिवरात्रि व्रत 31 जनवरी 2022, सोमवार को है। चतुर्दशी तिथि 30 जनवरी 2022, रविवार को शाम 05 बजकर 28 मिनट से शुरू होकर 31 जनवरी को दोपहर 02 बजकर 18 मिनट पर समाप्त हो रही है।

  • मासिक शिवरात्रि जनवरी 2022 डेट : 31 जनवरी, द‍िन सोमवार 
  • चतुर्दशी तिथ‍ि शुरू : 30 जनवरी 2022, रविवार को शाम 05:28 से 
  • चतुर्दशी तिथ‍ि समापन : 31 जनवरी को दोपहर 02:18 पर

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मासिक शिवरात्रि का महत्व

मासिक शिवरात्रि का व्रत भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के साथ पूरे शिव परिवार की विधिवत पूजा का विधान है। मान्यता है कि इस दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक कर विधिवत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना करने से काम, क्रोध और लोभ से मुक्ति मिलती है।

मान्यता है कि इस दिन विधिवत भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने व रात्रि में जागरण करने से मनचाहा जीवनसाथी मिलता है और शादीशुदा जीवन में आने वाली विघ्न बाधाएं दूर होती हैं। महाशिवरात्रि से इस व्रत की शुरुआत करना अधिक फलदायी माना जाता है।
 

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