LaL Kitab Tips : लाल क‍िताब के अनुसार ये हैं नया मकान खरीदने या बनाने के न‍ियम, कलह और कर्ज से बचाएंगे ये उपाय

lal kitab ke upay, नए घर के ल‍िए लाल क‍िताब के न‍ियम : नया घर खरीदते या बनाते समय लाल क‍िताब की इन बातों पर गौर करें। ये आपको कलह और कर्ज से बचाएंगी।

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वास्तु शास्त्र के अनुसार कैसे बनाएं घर 

मुख्य बातें

  • घर का मुख्य द्वार उत्तर या पूर्व दिशा में होना चाहिए।
  • घर की सीढ़ियों का प्रत्येक पायदान बराबर होना चाहिए, इससे घर के सदस्यों के करियर में होती है तरक्की।
  • मकान में गली या गलियारा ना करें बंद, इससे बच्चों के भविष्य पर पड़ता है बुरा असर।

Lal Kitab rules : लाल किताब एक ज्योतिषग्रंथ है, कहा जाता है कि ये विद्या लंकापति रावण और भगवान सूर्यदेव के सारथी अरुण देव के पास थी। यह किताब समकालीन ज्योतिष पर आधारित है। लाल किताब के अनुसार यदि मकान अच्छी जगह हो तो खराब ग्रह भी अच्छे फल देने लगते हैं। लेकिन यदि मकान अच्छी जगह ना हो या मकान बनाते समय कुछ विशेष चीजों का ध्यान ना दिया जाए तो यह आपके जीवन को संकट में डाल सकता है।

अच्छा कमाते हुए भी आप हमेशा आर्थिक रूप से तंग रहेंगे, दिन प्रतिदिन कर्ज का भार बढ़ता जाएगा। ऐसे में यदि आप नया मकान खरीदने की योजना बना रहे हैं या फिर मकान बनाने का सोच रहे हैं तो लाल किताब में बताए गए इन नियमों का पालन अवश्य करें।

उत्तर या पूर्व दिशा में होना चाहिए मुख्य द्वार

अक्सर हम मकान खरीदते या बनाते समय घर के मुख्य द्वार पर ध्यान नहीं देते। लाल किताब के अनुसार घर का मुख्य द्वार आपके घर में सुख समृद्धि व धन धान्य के लिए विशेष महत्व रखता है। ऐसे में भूलकर भी घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में ना करें। यदि आपने जो घर खरीदा है उसका मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में है तो उसे जल्द बदलकर उत्तर या पूर्व दिशा में कर दें। क्योंकि इससे घर में अशांति उत्पन्न हो सकती है।

मकान में गली या गलियारा ना करें बंद

लाल किताब के अनुसार यदि घर बनाते समय यदि घर के दाहिने, बाएं या पीछे की तरफ कोई गली छूट जाए तो उसे बंद नहीं करना चाहिए। इससे बच्चों के भविष्य पर बुरा असर पड़ता है। तथा संतान प्राप्ति में बाधा उत्पन्न होती है। लेकिन यदि किसी कारणवश ऐसी जगह बंद करनी पड़े, तो प्रत्येक वर्ष 5 किलो साबूत उड़द बहती हुई जलधारा में डालना चाहिए।

पानी रखने की सही दिशा

वास्तुशास्त्र के अनुसार जल का भण्डारण ईशान कोण में शुभ माना जाता है। ऐसे में पानी का भण्डारण या भमिगत टैंक या बोरिंग उत्तर या पूर्व दिशा में करवाना चाहिए।

इस दिशा में करें शौचालय का निर्माण

वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में शौचालय का निर्माण उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में करवाना चाहिए। तथा जमीनी स्तर से एक-दो फीट ऊपर होना चाहिए। लाल किताब के अनुसार शौचालय में राहू का वास होता है। ऐसे में शौचालय को हमेशा साफ सुथरा रखना चाहिए।

सीढ़ियों का रखें विशेष ध्यान

लाल किताब के अनुसार घर या ऑफिस की सीढ़ियों पर भी राहू का वास होता है। सीढ़ियां यदि सही दिशा में बनी हों तो इस पर चढ़ने और उतरने वाला व्यक्ति दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करता है। ऐसे में सीढ़ियों का प्रत्येक पायदान बराबर होना चाहिए अन्यथा आपके लक्ष्य में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

ध्यान रखें

वास्तु शास्त्र के अनुसार मकान खरीदते या बनाते समय आपको विशेष ध्यान देना चाहिए। यदि मकान के आसपास कीकर, बरगद, आम और खजूर का पेड़ हो तथा घर के अंदर की दीवार कच्ची हो तो ऐसे मकानों को नहीं लेना चाहिए। ऐसे मकान खराब शनि का माना जाता है। वहीं यदि मकान सूनसान इलाके में हो या आपास जंगल और शराब की दुकान हो तो वहां खराब राहु का वास होता है। ऐसे मकानों को भूलकर भी ना खरीदें।

डिस्क्लेमर: ये लेख आम धारणाओं पर आधार‍ित है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।

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