shami Pujan on Dussehra: दशहरे पर जरूर करें शमी के पेड़ की पूजा, जानें विधि और इसके लाभ

आध्यात्म
Updated Oct 25, 2020 | 18:29 IST | Ritu Singh

Dussehra Per karen shami Puja ka Mahatva: दशहरे पर भगवान श्रीराम और शस्त्र पूजा के साथ ही शमी पूजा का भी बहुत महत्व होता है। इस दिन शमी की पूजा का क्या लाभ होता है और इसे कैसे करना चाहिए, आइए जानें।

Importance of Shami Puja on Dussehra,  दशहरे पर शमी पूजा का महत्वपर शमी पूजा का महत्व
Importance of Shami Puja on Dussehra, दशहरे पर शमी पूजा का महत्वपर शमी पूजा का महत्व 

मुख्य बातें

  • शमी के पेड़ की पूजा का दशहरे पर विशेष महत्व होता है
  • दशहरे पर शमी का पेड़ लगाना और दान करने का भी महत्व है
  • शमी की पूजा शत्रु, शनि और संकट को दूर करने वाली मानी गई है

दशहरे का त्योहार बुराई पर सच्चाई की जीत का जश्न हैं और इस दिन भगवान श्रीराम की उनके परिवार और सेना समेत पूजा का विधान होता है। इस दिन ही आयुध पूजा भी होती है, लेकिन क्या आपको ये पता है कि इस दिन शमी पूजा का भी बहुत महत्व होता है? इस दिन शमी की पूजा  कररने से एक नहीं अनेक लाभ होते हैं। यदि आपके घर शमी का पेड़ नहीं तो दशहरे के दिन शमी का पौधा घर में लगाएं और उसकी पूजा करें। रोग, विपदा, कार्य में असफलता, तनाव, कोर्ट केस जैसे कई संकट दशहरे के दिन शमी की पूजा करके आप दूर भगा सकते हैं। तो आइए आपको शमी पूजा की विधि और महत्व के बारे में बताएं।

इस विधि से करे शमी की पूजा (Worship Shami with this method)

दशहरे के दिन सुबह भगवान श्रीराम और देवी पूजा के बाद शमी के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें। इसके बाद लाल रंग के पुष्प, फल, अर्पित करें। फिर घी या तिल के तेला दीया जलाएं और बाती इसमें मौली की रखें। इसके बाद चंदन और कुमकुमल लगाने के बाद धूप-अगरबत्ती दिखाएं। हाथ जोड़ कर शमी के समक्ष अपनी व्यथा कहें और उससे छुटकारे की प्रार्थना करें।

दशहरे पर शमी के पेड़ की पूजा के लाभ (Dussehra Per Shami Ke Ped Ki Puja ke Labh)

1.यदि आपके घर में नकारात्मक शक्तियों की मौजूदगी महसूस होती हो अथवा भूत,प्रेत या अनजान शक्तियों का भय छाया रहता है तो दशहरे के दिन शमी के पेड़ की पूजा करें और संकट दूर करने की प्रार्थना करें। इसके बाद शमी के पेड़ काटों का हवन अवश्य इस दिन जरूर करें। ऐसा करके आप घर की सभी नकारात्मक शक्तियां भगा सकते हैं।

2.यदि आपकी सेहत हमेशा खराब रहती है या कोई ऐसी बीमारी है जो आपका साथ नहीं छोड़ रही तो आपको दशहरे के दिन शमी के पेड़ की पूजा के बाद उसकी  छोटी सी लकड़ी काले धागे में लपेट कर अपने गले में पहन लें।

3.आपकी तमाम मेहनत के बाद भी आपका भाग्य साथ नहीं दे रहा या सफलता हाथ नहीं लगती तो दशहरे के दिन शमी के पेड़ की पूजा करके उसकी कुछ पत्तियां अपने पास संभाल कर रख लें और कहीं पर भी जाएं तो इन पत्तियों को किसी रुमाल में रख कर अपने साथ ही ले जाएं। सफलता जरूर प्राप्त होगी।

4.अगर आप बहुत अधिक मेहनत करते हैं और फिर भी पर्याप्त धन को प्राप्त नहीं कर पाते तो आप विजयदशमी के दिन शमी के पेड़ की पूजा करके उसकी कुछ पत्तियां अपने धन स्थान पर अवश्य रखें।

5.आप पर किसी ने झूठा केस कर दिया हो या आप किसी षड्यंत्र के शिकार हो गए हो तो आपको दशहरे के दिन शमी के पेड़ की जड़ में सरसों के तेल का दीपक  जलना चाहिए। साथ ही हर शनिवार आपको शमी की पूजा के साथ दीप जरूर जलाना चाहिए। इससे आपका संकट जरूर दूर होगा।

6.दशहरे के दिन शमी के पेड़ की पूजा करने के बाद चीटियों को बूरा या चीनी मिले आटे अवश्य डालने चाहिए। ऐसा करने से आपके ऊपर आया हर संकट दूर होगा।

7.यदि आप शनि की साढ़े साती या ढैय्या से परेशान हैं तो आप 40 दिनों तक शमी के पेड़ की पूजा अवश्य करें। ऐसा करने से आपको शनि की साढ़े साती और ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी।

याद रखें दशहरे के दिन शमी का पौधा न काटना चाहिए न उखड़ना। इस दिन पौधा लगाना चाहिए और हो सके तो इसका दान भी करें।

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