Kerala: आज से फिर से खुल रहा सबरीमला मंदिर, जानें किन-किन दिशा-निर्देशों का करना होगा पालन

Sabarimala Temple: कोरोना वायरस महामारी की वजह से मार्च से बंद केरल में स्थित सबरीमला मंदिर आज से 5 दिनों के लिए भक्तों के लिए खुल रहा है। दर्शन के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

sabarimala temple
सबरीमला मंदिर (फाइल फोटो) 

मुख्य बातें

  • लॉकडाउन के पहले से ही बंद है सबरीमला मंदिर
  • अब 5 दिनों के लिए खुल रहा मंदिर
  • दर्शन के लिए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा

नई दिल्ली: केरल में स्थित प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर 16 अक्टूबर यानी आज से श्रद्धालुओं के लिए खुलने जा रहा है। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TBD) कोरोना वायरस महामारी के बीच 5 दिनों के लिए आज से सबरीमाला मंदिर के दरवाजे खोलने के लिए तैयार है। केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन से ठीक पहले 18 मार्च को मंदिर को भक्तों के लिए बंद कर दिया गया था। 

हालांकि मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को कई दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। मंदिर में कतार लगने से रोकना होगा, बच्चों और बुजुर्गों की यात्रा पर रोक के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए कोविड निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई है। दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर की जाएगी। हर दिन केवल 250 लोगों को दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी। अधिकारी केवल पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति देंगे।

बच्चों और बुजुर्गों को अनुमति नहीं

पम्पा नदी में स्नान करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के लिए अस्थायी नहाने की व्यवस्था की है। पम्पा, नीलक्कल, और सन्निधानम में शौचालय और बाथरूम की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने मंदिर के विभिन्न मार्गों पर सैनिटाइटर, साबुन और पानी की व्यवस्था की है। सबरीमाला में भक्तों के लिए कोई आवास प्रदान नहीं किया जाएगा। मंदिर शुक्रवार शाम 5 बजे खुलेगा, लेकिन भक्तों को शनिवार सुबह 5 बजे से मलयालम महीने के पहले दिन थुलम में प्रवेश की अनुमति होगी। यह सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं कि तीर्थयात्रियों को कोई परेशानी न हो। आवश्यक संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। केवल 10 और 60 वर्ष के बीच के लोगों को दर्शन करने की अनुमति होगी और तीर्थयात्रियों को मास्क, सैनिटाइजर और दस्ताने ले जाने चाहिए।

केरल सरकार ने 28 सितंबर को घोषणा की थी कि वह भगवान अयप्पा के मंदिर के लिए वार्षिक तीर्थयात्रा का आयोजन कराने के लिए कदम उठा रही है और कोविड-19 नियमों को कड़ाई से लागू किया जाएगा।    
 

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर