Lord Ganesh Puja: गणेश पूजा में इन चीजों को शामिल करने से आती है संपन्नता, ध्यान रखें ये बातें

Ganesh Puja: भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों के सारे कष्ट हर लेते हैं। गणपति की पूजा करने से घर पर सुख-संपन्नता आती है। लेकिन कुछ ऐसी चीजे हैं, जिनके बिना गणेश जी की पूजा अधूरी मानी जाती है।

Ganesha Puja Vidhi
भगवान गणेश 
मुख्य बातें
  • भगवान गणेश को अतिप्रिय है मोदक
  • दुर्वा के बिना अधूरी है गणपति की पूजा
  • प्रथम पूज्य कहलाते हैं भगवान गणेश

Lord Ganesh Puja Samagri: सभी देवी-देवताओं में सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। शुभ कार्यों में भी भगवान गणेश की पूजा सबसे पहले करने का विधान है। इसीलिए वे प्रथम पूज्य भी कहलाते हैं। भगवान को विघ्नहर्ता कहा जाता है। क्योंकि वह अपने भक्तों के सारे कष्ट दूर कर देते हैं। भगवान गणेश को गणपति बप्पा, गणेश, गणेशा और गजानन जैसे कई नामों से जाना जाता है। भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने पर भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी होती है और घर सुख-समृद्धि व संपन्नता से भर जाता है। लेकिन भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आपको पूजा-विधि के साथ ही पूजा सामग्री का भी खास ध्यान रखना होगा।  क्योंकि कुछ ऐसी चीजें होती है जिनके बिना भगवान गणेश की पूजा अधूरी मानी जाती है। इसलिए भगवान गणेश की पूजा करते समय इन सामग्रियों को पूजा में जरूर शामिल करें।

मोदक

भगवान गणेश को सभी भोग में मोदक अतिप्रिय होता है। वैसे तो बप्पा को कई तरह के मिष्ठान चढ़ाए जाते हैं। लेकिन मोदक का भोग पूजा में जरूरी होता है।

दुर्वा

दुर्वा या दूब घास भगवान गणेश को प्रिय होता है। इसलिए पूजा में गणेशजी को दूब खास जरूर अर्पित करें। आप 11, 21 या फिर 108 दुर्वा को भगवान गणेश के मंत्र का उच्चारण करते हुए चढ़ाएं। इससे आपको पूजा का पूरा फल प्राप्त होगा।

केला

पूजा में भगवान को कई तरह के फल चढ़ाए जाते हैं। लेकिन भगवान गणेश को सभी फलों में केला सबसे ज्यादा प्रिय होता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि हमेशा जोड़ा में ही केला चढ़ाएं।

गेंदे का फूल

वैसे तो आप पूजा में भगवान को कोई भी फूल चढ़ा सकते हैं। लेकिन गेंदे का फूल भगवान गणेश को ज्यादा प्रिय होता है। इसके अलावा आप लाल गुड़हल का फूल भी गणेश जी को चढ़ा सकते हैं। अगर आप भगवान को उनकी प्रिय चीजों को पूजा में अर्पित करेंगे तो भगवान आपसे जरूर प्रसन्न होंगे।

शंख
वैसे तो किसी भी पूजा-पाठ में शंख बजाना जरूरी होता है। क्योंकि शंख की ध्वनि शुभ मानी जाती है। इसलिए भगवान गणेश की पूजा करते समय शंख बजाने का महत्व है। कहा जाता है कि शंख की ध्वनि से भी गणेशजी प्रसन्न होते हैं।

(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।)

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