वास्तु सुधार के लिए कर लें बस ये छोटे से काम, हर दोष हो जाएगा दूर

Vastu Tips: हर किसी के घर में कुछ न कुछ वास्तु दोष होते ही हैं। इन दोनों से मुक्ति के लिए जरूरी नहीं की तोड़-फोड़ की जाए, बल्कि बहुत ही आसान उपायों से इन दोषों को दूर किया जा सकता है। कैसे? आइए बताएं।

Vastu Dosha Prevention, वास्तु दोष निवारण
Vastu Dosha Prevention, वास्तु दोष निवारण 

मुख्य बातें

  • मुख्य द्वार पर स्वस्तिक का चिन्ह बनाने से दूर होता है वास्तु दोष
  • मुख्य द्वार पर सूरजमुखी के फूल की तस्वीर लगाएं
  • घर में अधिक से अधिक हरियाली बनाए रखें

घर को वास्तु शास्त्र के अनुसार सजाना न केवल आपके घर में सुख और शांति का संचार करता है, बल्कि इससे घर में रहने वालों की किस्मत पर भी चमक जाती है। घर में अगर वास्तु दोष हो तो कई बार बेवजह ही अशांति क माहोल बना रहता है। कई बार घर में मनहूसियत सी नजर आती है। किसी कार्य में प्रसन्नता न रहन वास्तुदोष के ही लक्षण होते हैं। तमाम प्रयास के बाद भी घर में न तो बरकत रहती है न ही मेहनत का फल मिलता है। इन सब के पीछे कारण वास्तु दोष की छोटी-मोटी गलतियां ही होती हैं।

यदि आपके घर में भी वास्तु दोष के कारण ऐसा हो रहा तो घबराएं नहीं बल्कि छोटे से बदलाव के जरिये ही आप अपने इन दोषों से मुक्ति पा सकते हैं। तो आइए, आपको बताएं कि किन उपायों से आप वास्तु के दोषों से आसानी से मुक्ति पा सकते हैं।

घर में वास्तु दोष को दूर करने में सक्षम हैं ये उपाय

  1. मुख़्य द्वार : किसी भी प्रकार का वास्तु दोष हो अगर आप घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक का चिन्ह बना दें तो आपके दोष दूर हो जाएंगे। ये आपके घर में सौभाग्य लेकर आएगा। इसे लाल रोली से बनाएं।

  2. दीपक जलाना : वास्तु दोष को दूर करने का सबसे आसान और कारगर तरीका है रोज शाम को एक दीपक जलाना। वास्तु दोष को दूर करने के लिए हमेशा अपने मुख्य द्वार की दहलीज को लकड़ी से ही बनवाएं।

  3. सूरजमुखी की तस्वीर: यदि घर में मनहूसियत छाई रहती है तो आप अपने घर मुख्य द्वार पर सूरजमुखी के फूल की तस्वीर जरूर लगाएं। ये सौभाग्य लेकर आता है। इससे घर मे पॉजिटिविटी आएगी।

  4. इन दिशाओं पर रौशनी का रखें ध्यान :  घर के नैऋत्य कोण में कभी भी अंधेरा नहीं रखना चाहिए। दक्षिण और पश्चिम दिशा के मध्य के स्थान को नैऋत्य दिशा का नाम दिया गया है। इस दिशा पर निरूति या पूतना का आधिपत्य है। ज्योतिष के अनुसार  राहु और केतु इस दिशा के स्वामी हैं। वहीं, उत्तर और पश्चिम दक्षिण,उत्तर और पश्चिम दिशा के मध्य के कोण को वायव्य दिशा का नाम दिया गया है। इस दिशा का मुख्य तत्व वायु है। शाम होते ही यहाँ रोशनी का ध्यान जरूर रखें।

  5. हरियाली होती सुख का संकेत: अपने घर या बालकनी में कभी भी सूखे पेड़ या पौधे नहीं रखें। हरे भरे पेड़ पौधे से घर को सज़ाएं। हरियाली से घर में सुख आता है।

  6. बेडरूम में राधा-कृष्णा की तस्वीर : दाम्पत्य जीवन में प्यार बना रहे इसके लिए अपने बैडरूम में राधा-कृष्णा की प्रेम करती तस्वीर लगाएं। अपने बैडरूम में शीशा न रखें और न ही कोई अन्य भगवान् की तस्वीर।

  7. घर की छत पर कबाड़ हटाएं: क्या अपने अपने घर की छत पर स्टोर रूम बनवाया है और उसमें फालतू सामान और कबाड़ रखते हैं तो ये सही नहीं है। ऐसा कर के आप अपने ऊपर बेवजह की टेंशन पैदा करने का काम करते है। आपको घर में हमेशा तनाव सा महसूस होगा।

  8. पूर्व दिशा में जल रखें: घर के दक्षिण पूर्व दिशा में किसी भी मिटटी के पत्र में जलभर के जरूर रखें।ये आपकी घर की नकारात्मक उर्जा खत्म हो जायेगी।

ये उपाय आपके घर के वास्तुदोष को आसानी से दूर करते हैं और इनके लिए आपको किसी प्रकार की तोड़फोड़ करने की भी जरूरत नहीं होती है।

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